उत्तर के पहाड़ों पर फिर बारिश-बर्फबारी, केरल-तमिलनाडु में गरज के साथ जमकर बरसेंगे बादल

21 फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सात दिनों के दौरान दिन के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।
केरल, तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है।
केरल, तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है।
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ का असर जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच बारिश और बर्फबारी संभव।

  • विदर्भ, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में गरज-चमक के साथ बारिश तथा आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान अगले सात दिनों में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

  • केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।

  • बंगाल की खाड़ी और आसपास समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाएं चलेंगी, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।

इस समय उत्तर भारत के मौसम पर एक पश्चिमी विक्षोभ का असर बना हुआ है। यह पश्चिमी विक्षोभ मध्य उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वी राजस्थान होते हुए उत्तर गुजरात तक एक ट्रफ के रूप में सक्रिय है। इसके कारण उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। साथ ही ऊंचाई पर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम लगभग 75 नॉट की रफ्तार से उत्तर भारत के ऊपर बह रही है। यह भी मौसमी गतिविधि को मजबूत बना रही है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 21 फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ 22 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम को एक बार फिर बदलेगा। इसके कारण से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश-बर्फबारी

22 और 23 फरवरी को जम्मू और कश्मीर तथा हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरने की संभावना ज्यादा है

उत्तराखंड में 22 से 24 फरवरी के बीच हल्की बारिश तथा ऊंचे पहाड़ों पर हिमपात की संभावना जताई गई है। 22 फरवरी को यहां कुछ हिस्सों में वज्रपात होने तथा गरज के साथ बारिश के आसार हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अचानक बदल सकता है। इससे ठंड में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इसलिए यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मध्य और पूर्वी भारत में गरज-चमक

23 फरवरी को महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। इसी दिन और 24 फरवरी को छत्तीसगढ़ और ओडिशा के भी कुछ हिस्सों में आंधी और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है

इन क्षेत्रों में किसानों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे खड़े न हों और खुले मैदान से दूर रहें।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में ज्यादा बदलाव होने की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में अगले चार दिनों तक रात के तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है।

गुजरात में अगले दो दिनों तक तापमान सामान्य रहेगा। उसके बाद पांच दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट संभव है। देश के बाकी हिस्सों में रात के तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अधिकतम तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले सात दिनों के दौरान दिन के तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे दिन में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। मध्य भारत में अगले दो दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी, उसके बाद तापमान के स्थिर रहने की संभावना है।

गुजरात और महाराष्ट्र में अगले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी होगी। इसके बाद चार से पांच दिनों में दो से तीन डिग्री की गिरावट संभव है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 20 फरवरी, 2026 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्र में मौसमी गतिविधि

भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण-पश्चिम तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके प्रभाव से अगले 48 घंटों में उसी क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान है। बनने के बाद इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने का अनुमान लगाया गया है। इसके कारण दक्षिण भारत के कई हिस्सों के मौसम पर असर पड़ेगा।

केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश के आसार

केरल, तमिलनाडु के साथ पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ भारी बारिश हो सकती है। साथ ही यहां बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कर्नाटक के दक्षिण आंतरिक हिस्सों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

समुद्र में तूफानी गतिविधियां

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी से लगे इलाकों और कोमोरिन में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंच सकती हैं। विभाग के द्वारा मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इन दिनों समुद्र में न जाएं और मौसम की जानकारी पर नजर रखें।

कल कहां हुई बारिश, कितने बरसे बादल?

पिछले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। रतलाम जिले में एक सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई। देश के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा।

कुल मिलाकर देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं। उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मध्य और पूर्वी भारत में गरज-चमक हो सकती है। दक्षिण भारत में कम दबाव का क्षेत्र बनने से भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

लोगों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम विभाग की ताजा जानकारी पर ध्यान दें और सावधानी बरतें। किसान, यात्री और मछुआरे विशेष रूप से सतर्क रहें ताकि किसी भी तरह की असुविधा या नुकसान से बचा जा सके।

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