दिल्ली-एनसीआर समेत आठ से ज्यादा राज्य कोहरे की आगोश में, जानें कहां होगी बारिश-बर्फबारी

दो फरवरी, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि दो व तीन फरवरी को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल व उत्तराखंड के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश-बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छा सकता है।
हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छा सकता है। फोटो साभार: विकिमीडिया कॉमन्स
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सारांश
  • दिल्ली-एनसीआर समेत आठ से अधिक राज्यों में घना कोहरा, सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका।

  • दो और तीन फरवरी को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में गरज के साथ बारिश-बर्फबारी संभव, तेज हवाओं के आसार।

  • पश्चिमी विक्षोभ और इससे जुड़े चक्रवाती प्रसार से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सक्रिय बना हुआ है, अगले कुछ दिनों तक रहेगा।

  • पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान गिरेगा, जबकि महाराष्ट्र, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में न्यूनतम तापमान बढ़ने की संभावना।

फिलहाल भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। उत्तर भारत, हिमालयी इलाकों, मध्य भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में मौसमी गतिविधियां असर डाल रही हैं। पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती प्रसार, जेट स्ट्रीम और समुद्री इलाकों में बने मौसमीय प्रणालियों के कारण बारिश, बर्फबारी, कोहरा, ठंड और तेज हवाओं की स्थिति देखने को मिल सकती है।

मौसम विभाग के द्वारा आज, दो फरवरी, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 से 4.5 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में जारी है। इसके साथ ही मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी हवाओं का ट्रफ भी मौजूद है।

इस पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है। इसके अलावा एक ट्रफ उत्तर गुजरात से राजस्थान होते हुए हरियाणा के चक्रवाती प्रसार तक फैली हुई है।

पूर्वोत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है। इस जेट स्ट्रीम में हवाओं की गति लगभग 125 नॉट तक पहुंच रही है और यह 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है। इसकी वजह से ऊपरी वायुमंडल की मौसमी गतिविधियों पर पड़ रहा है।

मौसम विभाग की मानें तो एक नया और कमजोर पश्चिमी विक्षोभ दो फरवरी, 2026 की रात से हिमालयी इलाकों के ऊंचाई वाले इलाकों के मौसम को बदल सकता है। इसके कारण पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम फिर से खराब हो सकता है।

बारिश और बर्फबारी की संभावना

पश्चिमी विक्षोभ के चलते पश्चिमी हिमालयी इलाकों के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।

वहीं, दो और तीन फरवरी, 2026 को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में गरज के साथ बारिश और बर्फबारी होने की संभावना है। इन राज्यों में बारिश के साथ-साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। जहां हवाओं की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे से लेकर 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं।

गरज-चमक और बिजली गिरने की चेतावनी

पूर्वी राजस्थान, पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। लोगों को इस दौरान सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, खासकर खुले स्थानों और खेतों में काम करने वाले लोगों को।

कहां-कहां रहेगा कोहरे का कहर?

देश के कई इलाकों में घने कोहरे के आसार बने हुए हैं। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छा सकता है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग ने कहा है कि आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में भी बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकतर इलाकों में अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आने की संभावना है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

महाराष्ट्र में अगले चार दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान लगभग स्थिर रहने की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, एक फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 36.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस रहा।

दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्र की स्थिति

दक्षिण-पूर्व अरब सागर, लक्षद्वीप और केरल तट के पास समुद्र तल से लगभग 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके अलावा कोमोरिन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में भी लगभग 1.5 किमी की ऊंचाई तक फैला एक चक्रवाती प्रसार मौजूद है।

इन प्रणालियों के कारण दक्षिण भारत के कुछ तटीय और समुद्री इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है।

कुल मिलाकर, देश के उत्तरी और हिमालयी क्षेत्रों में मौसम सक्रिय बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों में बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मैदानी इलाकों में कोहरा और तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा, जबकि दक्षिण भारत में समुद्री प्रणालियों के कारण हल्की मौसम गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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