पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली व राजस्थान में गरज के साथ बारिश-वज्रपात के आसार

17 फरवरी, 2026 के बुलेटिन के मुताबिक, कम दबाव के चलते अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में गरज के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादल, बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बन रही है।
पश्चिमी विक्षोभ के कारण पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादल, बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बन रही है।
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सारांश
  • पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान में 17-18 फरवरी को गरज के साथ बारिश, वज्रपात व 30-40 किमी प्रति घंटे की हवाएं।

  • हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18-19 फरवरी को बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी संभव।

  • मध्य प्रदेश में 18 फरवरी को गरज-चमक, बारिश और तेज हवाएं, ओडिशा में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने के आसार।

  • उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान में उतार-चढ़ाव, जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक और गुजरात में अधिकतम तापमान सामान्य से 2-4 डिग्री ज्यादा।

  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव मजबूत होगा, अंडमान-निकोबार और समुद्री क्षेत्रों में तेज हवाएं, ऊंची लहरें, मछुआरों को चेतावनी।

देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके कारण पहाड़ी और मैदानी राज्यों में बादल, बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक की स्थिति बन रही है। पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा रहेगा। दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों में भी मौसम से जुड़ी गतिविधियां तेज हो रही हैं।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 17 फरवरी, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि इस समय एक पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान और आसपास के इलाकों के ऊपर बना हुआ है। इसके कारण उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में मौसम बदलेगा। ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार भी बना हुआ है, जिससे बादल बनने की प्रक्रिया तेज हुई है।

इसके कारण हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। मैदानी राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है। कुछ हिस्सों में तेज हवा भी चल सकती है।

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश व बर्फबारी

हिमाचल प्रदेश में फिलहाल मौसम साफ और शुष्क बना हुआ है। पश्चिमी विक्षोभ के चलते 18 फरवरी को हिमाचल के अलग-इलाकों में बारिश हो सकती है। जबकि ऊंचाई वाले हिस्सों में हल्की से मध्यम बर्फबारी की संभावना जताई गई है

उत्तराखंड में भी कुछ दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। यहां 18 और 19 फरवरी को बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का पूर्वानुमान जताया गया है। इन मौसमी गतिविधियों के चलते पहाड़ों में ठंड बढ़ सकती है। साथ ही यात्रियों और स्थानीय लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान का मौसम

विभाग की मानें तो 17 और 18 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और राजस्थान के कुछ हिस्सों में गरज के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके साथ ही बिजली गिरने का अंदेशा भी जताया गया है। इस दौरान इन राज्यों में हवाओं की गति के 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं।

मौसम विभाग ने कहा है कि खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और किसानों को सावधान रहने की जरूरत है। बिजली गिरने के समय पेड़ों के नीचे खड़े न रहने की सलाह दी गई है।

मध्य प्रदेश में गरज के साथ बारिश

वहीं 18 फरवरी को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। साथ ही यहां तेज हवाएं भी चल सकती हैं। मौसम में अचानक बदलाव महसूस हो सकता है।

ओडिशा में घना कोहरा

ओडिशा के कुछ हिस्सों में 18 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा छाया रह सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में फिर दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। उसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। जबकि यहां अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक रहने के आसार हैं। हालांकि 17 और 18 फरवरी को थोड़ी राहत मिल सकती है।

मध्य भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान लगभग स्थिर रहने का पूर्वानुमान है।

गुजरात में अगले दो दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। उसके बाद दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है। अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। उसके बाद धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री की वृद्धि हो सकती है। फिलहाल यहां मौसम सामान्य बना रहेगा।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 16 फरवरी, 2026 को केरल के कोच्चि में अधिकतम तापमान 36.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

महाराष्ट्र और कर्नाटक में गर्मी

महाराष्ट्र और कर्नाटक में इस सप्ताह अधिकतम तापमान सामान्य से दो से चार डिग्री अधिक रह सकता है। तटीय कर्नाटक में 17 फरवरी को गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका जताई गई है। लोगों को अधिक पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र

पूर्वी भूमध्यरेखीय हिंद महासागर और दक्षिण बंगाल की खाड़ी के आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 18 फरवरी के आसपास और मजबूत होने के आसार हैं। इसके कारण समुद्री इलाकों में मौसम खराब हो सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

समुद्री इलाकों के लिए चेतावनी

कम दबाव के आशंका के चलते मौसम विभाग ने कहा है कि दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी तथा आसपास के समुद्री इलाकों में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। इस दौरान समुद्र में लहरें ऊंची हो सकती हैं। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है। जो लोग पहले से समुद्र में हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर लौटने का सुझाव दिया गया है।

अगले कुछ दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के विभिन्न रंग देखने को मिल सकता है। कहीं बारिश और बर्फबारी होगी, तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाएं चलेंगी। कुछ राज्यों में तापमान बढ़ेगा, तो कुछ जगहों पर हल्की गिरावट भी आ सकती है। समुद्री क्षेत्रों में खास सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को मौसम विभाग की सलाह का पालन करना करने और बदलते मौसम के अनुसार तैयारी रखनी चाहिए।

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