उत्तर भारत में गरज के साथ बारिश, राजस्थान व मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि का अंदेशा

एक फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती प्रसार व जेट स्ट्रीम के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, ठंड और कोहरे जैसी स्थितियां पैदा हो सकती है।
हिमाचल प्रदेश राजस्थान हरियाणा दिल्ली सहित कई राज्यों में गरज चमक तेज हवाएं और बारिश का पूर्वानुमान
हिमाचल प्रदेश राजस्थान हरियाणा दिल्ली सहित कई राज्यों में गरज चमक तेज हवाएं और बारिश का पूर्वानुमान
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ पाकिस्तान अफगानिस्तान क्षेत्र में सक्रिय होकर उत्तर पश्चिम भारत के मौसम को तेजी से प्रभावित कर रहा है

  • हिमाचल प्रदेश राजस्थान हरियाणा दिल्ली सहित कई राज्यों में गरज चमक तेज हवाएं और बारिश का पूर्वानुमान

  • पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में ओलावृष्टि की चेतावनी से किसानों को फसल के नुकसान की आशंका

  • पूर्वी उत्तर प्रदेश में शीत दिवस और ओडिशा में घने कोहरे की स्थिति बने रहने के आसार

  • उत्तर पश्चिम भारत में पहले तापमान बढ़ेगा फिर अगले दिनों में गिरावट से ठंड दोबारा लौटेगी

फरवरी की शुरुआत के साथ ही उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है, जो इस समय अफगानिस्तान और पाकिस्तान के आसपास सक्रिय है और धीरे-धीरे भारत के उत्तर-पश्चिमी इलाकों के मौसम पर असर डाल रहा है।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, एक फरवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि इन मौसमी गतिविधियों के चलते आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, ठंड और कोहरे जैसी स्थितियां पैदा हो सकती है।

वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ उत्तर अफगानिस्तान और उसके आसपास एक चक्रवाती प्रसार के रूप में मौजूद है, जो अब उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे क्षेत्रों तक फैल गया है। इसके अलावा मध्य पाकिस्तान और उसके आसपास 1.5 किमी की ऊंचाई पर इससे जुड़ा एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसी के साथ पंजाब, हरियाणा होते हुए उत्तर प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी इलाकों तक एक ट्रफ लाइन फैली हुई है।

वहीं, ऊपरी वायुमंडल में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है, जिसमें लगभग 100 नॉट की तेज हवाएं 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही हैं। यह तेज जेट स्ट्रीम मौसमी गतिविधियों को और अधिक शक्तिशाली बना रही है। मौसम विभाग ने यह भी बताया है कि दो फरवरी, 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को एक बार फिर प्रभावित करना शुरू कर सकता है।

इन सभी मौसमीय परिस्थितियों के कारण कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है। हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ वज्रपात का अंदेशा जताया गया हैं। इससे पहाड़ी इलाकों में ठंड बढ़ सकती है और जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

वहीं, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भी मौसम खराब रहने के आसार हैं।

कुछ राज्यों के लिए ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है। विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में ओले गिर सकते हैं। इससे किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

ठंड की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ हिस्सों में शीत दिवस  (कोल्ड डे) की स्थिति बन सकती है, यानी दिन के समय तापमान सामान्य से काफी कम रह सकता है। इससे खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

इसके अलावा ओडिशा में कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने के भी आसार हैं। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता जरूरी है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है। इसके बाद अगले 48 घंटों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। हालांकि इसके बाद के चार दिनों में तापमान दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है, जिससे ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है।

गुजरात में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है, लेकिन उसके बाद अगले दो दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इसके बाद फिर धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में फिलहाल न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 31 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 36.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के फरीदकोट में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन उत्तर और मध्य भारत के लिए मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाले हैं। बारिश, आंधी, ओलावृष्टि, ठंड और कोहरे जैसी स्थितियां अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल सकती हैं। आम लोगों, किसानों और यात्रियों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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