

दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, जेट स्ट्रीम प्रभाव से उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और मौसम में तेज बदलाव।
उत्तराखंड व हिमाचल के पहाड़ों में बर्फबारी, पाला जमने के आसार, तापमान शून्य से नीचे गिरा।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तापमान माइनस में, ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना।
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में शीतलहर और घने से बहुत घना कोहरा, जनजीवन और यातायात प्रभावित।
दिल्ली-एनसीआर में धूप से दिन में राहत, लेकिन अगले कुछ दिनों तक ठंड बनी रहने की संभावना।
जनवरी का महीना उत्तर भारत में हमेशा ठंड के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार ठंड का असर कुछ ज्यादा ही देखने को मिल रहा है। भारत के कई हिस्सों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं, जिससे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में सर्द हवाएं, पाला और घना कोहरा छाया हुआ है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, छह जनवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि देश के कई इलाकों में आने वाले कुछ दिनों तक शीतलहर व कोहरे से राहत मिलने के आसार कम हैं।
विभाग के मुताबिक, इस समय दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हैं। पहला उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में बना हुआ है। दूसरा पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर सक्रिय है।
इसके अलावा उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर जारी है, जिसमें लगभग 130 नॉट की तेज हवाएं चल रही हैं। इन मौसमी गतिविधियों के कारण पूरे उत्तर भारत में सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है।
उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड
उत्तराखंड में आज भी, यानी छह जनवरी, 2026 को शीतलहर चलने के आसार बने हुए हैं। राज्य के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाया रहने की आशंका है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में ठिठुरन और पाले की स्थिति बनी रहेगी। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे जिलों में सुबह के समय न्यूनतम तापमान माइनस तीन डिग्री सेल्सियस से लेकर एक डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में पाले की मोटी परत जमने का अंदेशा जताया गया है। कुछ हिस्सों पर हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। दिन में थोड़ी धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ठंड से खास राहत नहीं मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी का असर
हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में हल्की बर्फबारी हुई है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सोलन में न्यूनतम तापमान माइनस 0.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने छह जनवरी को राज्य के ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। हालांकि इसके बाद सप्ताह के बाकी दिनों में अधिकतर इलाकों में मौसम के साफ रहने की उम्मीद जताई गई है।
राज्य के कुछ सबसे ठंडे स्थानों में ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 10.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि कुकुमसेरी में माइनस 6.7 डिग्री, कल्पा में माइनस 4.2 डिग्री और नारकंडा में माइनस 1.5 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में ठंड का प्रकोप
जम्मू और कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में बर्फबारी के बाद मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन इसके बावजूद तापमान लगातार गिर रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान ऊंचे इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी हो सकती है। गुलमर्ग में सोमवार की रात काफी ठंडी रही, जहां न्यूनतम तापमान माइनस 8.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। कई इलाकों में तापमान माइनस नौ डिग्री के आसपास दर्ज किया गया। श्रीनगर में न्यूनतम तापमान माइनस 3.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ इलाकों में तापमान शून्य से नीचे चला गया है। आज, छह जनवरी को इन क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
दिल्ली-एनसीआर का मौसम
दिल्ली-एनसीआर में पिछले 24 घंटों में धूप निकलने की वजह से अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, छह से 11 जनवरी के बीच अधिकतम तापमान के 18 से 20 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ से नौ डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। हवाएं लगभग 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान पांच से 10 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में भी ठंड का असर देखने को मिल रहा है। पंजाब, झारखंड, बिहार, मेघालय और पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों पर भी तापमान काफी नीचे चला गया है।
अगले चार दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट आने का अंदेशा है। इसके बाद तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने के संभावना नहीं है। मध्य और पूर्वी भारत में अगले दो दिनों में तापमान गिर सकता है, जबकि देश के अन्य हिस्सों में तापमान सामान्य रहने की उम्मीद है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, पांच जनवरी, 2026 को केरल के कोट्टायम में अधिकतम तापमान 35.0 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश के इटावा में न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शीतलहर और शीत दिवस की चेतावनी
मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, झारखंड और पंजाब के कुछ इलाकों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है। वहीं बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है।
घना कोहरा बना रहेगा परेशानी का कारण
असम, मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाए रहने की आशंका है। पूर्वी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश और पंजाब के कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा भी देखने को मिल सकता है।
समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम
मालदीव और लक्षद्वीप के आसपास समुद्र तल से 3.1 किमी की ऊंचाई पर पूर्वी हवाओं का एक ट्रफ बना हुआ है। इसके कारण श्रीलंका तट, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी और कोमोरिन क्षेत्र में 55 से 65 किमी प्रति घंटे तक की तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई गई है। इन मौसमी गतिविधियों को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।
कुल मिलाकर देश के उत्तर और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में ठंड का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में कोहरा और शीतलहर लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है।