

आज रात से नया पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश तथा तेज हवाएं चल सकती हैं।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 31 जनवरी व एक फरवरी, उत्तराखंड में एक और दो को गरज के साथ बारिश और बर्फबारी संभव।
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली में शीतलहर का असर, तापमान सामान्य से नीचे, ठंड बढ़ने की चेतावनी जारी।
उत्तर भारत सहित कई राज्यों में घने से बहुत घना कोहरा, सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका।
अरब सागर और मन्नार की खाड़ी में तेज तूफानी हवाएं, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
भारत के विभिन्न हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऊपरी वायुमंडल में सक्रिय मौसमी गतिविधियों के कारण कहीं बारिश और बर्फबारी होगी, तो कहीं ठंड और घने कोहरे का प्रभाव रहेगा। समुद्री क्षेत्रों में तूफानी हवाएं चलने के आसार हैं।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 30 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि वर्तमान में उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पूर्व भारत के ऊपर सक्रिय है। यह जेट स्ट्रीम 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है और इसकी रफ्तार करीब 110 नॉट्स है। जेट स्ट्रीम का भारत के मौसम पर गहरा प्रभाव पड़ता है, विशेषकर सर्दियों के मौसम में।
इसके अलावा 30 जनवरी, 2026 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में बड़ा बदलाव करने वाला है। इसी कारण कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी और आंधी-तूफान का अंदेशा बना हुआ है।
उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के इलाकों में 31 जनवरी और एक फरवरी को बारिश और बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में कई जगहों पर गरज के साथ बारिश, बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। विभाग के द्वारा पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में एक फरवरी, 2026 को बारिश और कुछ हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है। उत्तराखंड में एक और दो फरवरी को इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है।
आज, 30 जनवरी, 2026 को उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में पाला (ग्राउंड फ्रॉस्ट) पड़ने का भी अंदेशा है। इससे फसलों को नुकसान हो सकता है, इसलिए किसानों को सतर्क रहने की जरूरत है।
राजस्थान और मध्य भारत का मौसम
राजस्थान के कुछ हिस्सों में 31 जनवरी से तीन फरवरी के बीच हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान यहां बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, लेकिन बारिश के बहुत ज्यादा होने की संभावना नहीं है।
वहीं, मध्य प्रदेश में एक और दो फरवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही वज्रपात के भी आसार बने हुए हैं। दो फरवरी को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है।
ठंड और शीतलहर की चेतावनी
मौसम विभाग के मुताबिक, आज हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे ठंड का असर अधिक महसूस होगा। लोगों को गर्म कपड़े पहनने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।
कोहरे का कहर
देश के कई हिस्सों में घना कोहरा देखने को मिल सकता है। बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है।
वहीं, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा पड़ने की आशंका जताई गई है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के द्वारा वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले दो दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। फिर कुछ दिनों बाद तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट आने की संभावना है।
मध्य भारत में अगले 24 घंटों में न्यूनतम तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ सकता है। इसके बाद अगले दो दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।
महाराष्ट्र में अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री तक बढ़ सकता है। गुजरात में अगले दो दिनों में तापमान तीन से पांच डिग्री बढ़ने की संभावना है, फिर कुछ दिनों के लिए गिरावट और उसके बाद फिर से हल्की बढ़ोतरी हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 29 जनवरी, 2026 को केरल के कोच्चि में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 2.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
समुद्री इलाकों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
विभाग की मानें तो दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे दक्षिण केरल तट के पास ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके कारण कोमोरिन क्षेत्र और उससे सटे मन्नार की खाड़ी में तूफानी हवाएं चल सकती हैं।
इन इलाकों में हवा की रफ्तार के 45 से 55 किमी प्रति घंटे से लेकर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
आने वाले दिनों में भारत के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहेगा। कहीं बारिश और बर्फबारी होगी, तो कहीं ठंड और घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है। किसानों, यात्रियों और आम नागरिकों को मौसम की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए।