शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ की संभावना, उत्तर के पहाड़ों से मैदानी इलाकों तक बदलेगा मौसम

20 जनवरी, 2026 के ताजा अपडेट में कहा गया है कि 22 से 25 जनवरी के बीच पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश हो सकती है
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 20 और 21 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 20 और 21 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है।
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सारांश
  • उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदला, पहाड़ों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश की संभावना बढ़ी।

  • 22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी, कश्मीर घाटी और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में दिखेगा असर।

  • पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 22 से 25 जनवरी तक हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

  • उत्तर भारत के कई हिस्सों में घना कोहरा जारी, यातायात प्रभावित, वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण गंभीर स्तर पर, ठंड, कोहरा और खराब वायु गुणवत्ता से लोगों की सेहत पर असर।

जनवरी के तीसरे सप्ताह में उत्तर भारत और आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इसका मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ है। पश्चिमी विक्षोभ एक प्रकार की मौसम प्रणाली होती है जो पश्चिम दिशा से चलकर भारत के उत्तर के हिस्सों में बारिश, बर्फबारी और ठंड लाती है। इस समय एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहे हैं, जिससे मौसम लगातार बदल रहा है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 20 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ उत्तर पंजाब और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। यह समुद्र तल से लगभग 3.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती प्रसार के रूप में मौजूद है। इसके साथ ही ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ बनी हुई है। इसके अलावा 21 जनवरी, 2026 की रात से एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होकर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में भारी बदलाव करने के आसार हैं।

इसी दौरान उत्तर भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। इस जेट स्ट्रीम में हवाओं की गति लगभग 125 नॉट है। यह तेज हवा मौसम प्रणालियों को और अधिक मजबूत बना रही है, जिससे बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं के आसार बढ़ जाते हैं।

पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी

जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 20 और 21 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इसके बाद 22 से 24 जनवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी इलाकों में भारी बारिश और जमकर बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है

कश्मीर घाटी के कुछ हिस्सों में 22 और 23 जनवरी को भारी बर्फबारी हो सकती है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में 23 जनवरी को भारी बर्फबारी होने का अनुमान लगाया गया है।

23 जनवरी, 2026 को बारिश-बर्फबारी के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने तथा बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है। जबकि 22 और 23 जनवरी को हिमाचल प्रदेश में तथा 23 जनवरी को उत्तराखंड में गरज के साथ बारिश व वज्रपात होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने इस दौरान लोगों को खुले मैदानों में जाने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

मैदानी इलाकों में बारिश

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी इस पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखेगा। जिसके चलते 22 से 25 जनवरी के बीच पंजाब के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं, 22 से 25 जनवरी के दौरान हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है।

23 और 24 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश होने का पूर्वानुमान है। राजस्थान में 22 और 23 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। यह बारिश किसानों के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है। बारिश के साथ-साथ 22 और 23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के भी आसार जताए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में आज, 20 जनवरी, 2026 को सुबह का तापमान आठ डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया, वहीं, दोपहर में धूप खिली रहने की संभावना है। लेकिन 23 जनवरी से दिल्ली में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। आने वाले कुछ दिनों तक सुबह के समय घने कोहरे से निजात मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं।

ठंड और कोहरे के बीच जहरीली हवा के कारण दिल्ली-एनसीआर के निवासियों को स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। आज भी दिल्ली के कई इलाकों का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 400 के पार दर्ज किया गया है, जो बेहद गंभीर श्रेणी में आता है।

घने कोहरे का कहर

उत्तर भारत के कई इलाकों में घने से बहुत घने कोहरे की स्थिति बनी हुई है। पंजाब में आज, 20 जनवरी तक कुछ हिस्सों में बहुत घना कोहरा और 21 जनवरी को घना कोहरा रह सकता है। वहीं, हरियाणा और चंडीगढ़ में 21 जनवरी तक घना कोहरा छाया रह सकता है।

20 जनवरी तक उत्तर प्रदेश में और बिहार में 21 जनवरी तक सुबह और रात के समय घना कोहरा रहने का अंदेशा जताया गया है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

शीतलहर का प्रकोप

20 और 21 जनवरी, 2026 को हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने के आसार हैं। इस दौरान तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।

तापमान में उतार-चढ़ाव

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है।

फिर अगले कुछ दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने के आसार हैं। वहीं महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान दो से चार डिग्री बढ़ सकता है। जबकि देश के बाकी हिस्सों में तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल,19 जनवरी, 2026 को आंध्र प्रदेश के नंदिगामा में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के अमृतसर में न्यूनतम तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

दक्षिण भारत का मौसम

दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीपीय भारत में पिछले कुछ दिनों से कोई खास बारिश नहीं हुई है। निचले स्तरों पर उत्तर भारत से आने वाली शुष्क हवाएं चल रही हैं। इसलिए अगले दो दिनों तक इस क्षेत्र में मौसम के शुष्क रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर, जनवरी के इस सप्ताह में उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम काफी सक्रिय रहने वाला है। पहाड़ों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश, कोहरा, तेज हवाएं और ठंड ये सभी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए और आवश्यक सावधानियां बरतनी चाहिए।

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