

पहाड़ों पर हुई बर्फबारी से उत्तर भारत के मैदानी राज्यों में शीतलहर तेज, तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में कड़ाके की ठंड के साथ घने से बहुत घने कोहरे के आसार।
उत्तराखंड और हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में पाला, हल्की बर्फबारी और शून्य से नीचे तापमान दर्ज।
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी के बाद ठंड बढ़ी, गुलमर्ग और पहलगाम में रात का तापमान तेजी से गिरा।
दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में बारिश जारी, बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं से समुद्री हालात बिगड़े।
नए साल की शुरुआत के साथ ही देश के अधिकांश हिस्सों में मौसम ने अपना कड़ा और अलग-अलग रूप दिखाना शुरू कर दिया है। उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर का प्रकोप देखने को मिल रहा है। वहीं पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ गई है। दूसरी ओर दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं का असर जारी है। इस पूरे मौसम में बदलाव के पीछे कई मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं।
जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने आज सुबह, तीन जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम सक्रिय है, जिसकी हवाओं की गति लगभग 150 नॉट्स है और यह समुद्र तल से करीब 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है। यह जेट स्ट्रीम सर्दियों के दौरान मौसम को ठंडा बनाए रखने और पश्चिमी विक्षोभों को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
हालांकि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में मौजूद पश्चिमी विक्षोभ अब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके प्रभाव से फैली ठंडी हवाएं, कोहरा और शीतलहर अभी भी बनी हुई हैं।
उत्तराखंड में बदला मौसम: बर्फबारी और कड़ाके की ठंड
उत्तराखंड में नए साल के पहले सप्ताह में मौसम ने साफ तौर पर करवट ली है। राज्य में मौसम की पहली बर्फबारी और बारिश दर्ज की गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में स्थित केदारनाथ धाम सहित कई क्षेत्रों में बर्फ की मोटी परत जम गई है।
आज, तीन जनवरी 2026 को भी उत्तराखंड को मौसम से किसी बड़ी राहत के आसार नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकतर इलाकों में तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा। सुबह और रात के समय ठंड सबसे ज्यादा रहेगी, जबकि दिन में हल्की धूप निकल सकती है, लेकिन इससे ठंड में कोई खास कमी नहीं आएगी।
प्रदेश के चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जैसे पहाड़ी जिलों में सुबह का तापमान माइनस दो डिग्री से दो डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। ऊंचाई वाले इलाकों में पाला जमने और हल्की बर्फबारी के आसार जताया गए हैं।
हिमाचल प्रदेश में तेज होती शीतलहर
हिमाचल प्रदेश में मौसम साफ होने के बाद अब सर्दी और अधिक बढ़ती जा रही है। हाल ही में हुई बर्फबारी के कारण ऊंचे पहाड़ों से ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों की ओर बह रही हैं। इससे पूरे राज्य में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
सबसे कम तापमान ताबो में माइनस 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा कुकुमसेरी, कल्पा, कुफरी और नारकंडा जैसे स्थानों पर भी तापमान शून्य से नीचे चला गया है।
मौसम विभाग की मानें तो आठ जनवरी तक राज्य के अधिकतर इलाकों में मौसम के साफ रहने का पूर्वानुमान है। हालांकि छह जनवरी को ऊंचाई वाले कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। मैदानी हिस्सों में देर रात और सुबह के समय घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है।
जम्मू और कश्मीर में कड़ाके की ठंड
जम्मू और कश्मीर में पिछले तीन दिनों से लगातार हुई बर्फबारी के बाद ठंड और ज्यादा बढ़ गई है। दिन में धूप निकलने के बावजूद रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। गुलमर्ग और पहलगाम जैसे पर्यटन स्थल भीषण ठंड की चपेट में हैं।
श्रीनगर स्थित मौसम विभाग के अनुसार, छह जनवरी को पहाड़ी इलाकों में फिर से बर्फबारी हो सकती है। वहीं जम्मू और अन्य मैदानी क्षेत्रों में अगले तीन दिनों तक कोहरा छाए रहने का अंदेशा जताया गया है।
दिल्ली-एनसीआर में सर्द हवाओं का असर
दिल्ली-एनसीआर में मौसम लगातार बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में कड़ाके की ठंड और तेज हवाएं चल रही हैं। कल, यानी दो जनवरी को हवा की गति 12 से 15 किमी प्रति घंटा रही, जिससे लोगों को दिन भर ठिठुरन महसूस हुई।
राजधानी में अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग दो डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग का अनुमान है कि आज न्यूनतम तापमान छह से आठ डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।
इसके साथ ही दिल्ली की वायु गुणवत्ता भी बेहद खराब बनी हुई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 312 दर्ज किया गया, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।
राजस्थान में ठंड, कोहरा और बारिश
राजस्थान में भी शीतलहर और घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। माउंट आबू में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पिछले 24 घंटों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई है। मौसम विभाग का कहना है कि आज भी कुछ इलाकों में बारिश की संभावना बनी हुई है।
देश के अन्य हिस्सों में मौसम का हाल
देश के कई राज्यों में घने से बहुत घने कोहरे का अंदेशा जताया गया है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बहुत घना कोहरा छा सकता है। वहीं असम, मेघालय, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भी घना कोहरा देखने को मिल सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, दो जनवरी, 2026 को केरल के कोझिकोड में अधिकतम तापमान 34.2 डिग्री सेल्सियस रहा। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के नारनौल में न्यूनतम तापमान 4.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
दक्षिण भारत और समुद्री क्षेत्रों में बारिश
दक्षिण भारत में मौसम थोड़ा अलग रूप में नजर आ रहा है। तमिलनाडु और निकोबार द्वीप समूह में बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका तट के पास तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम बना हुआ है। जहां हवाओं की गति 35 से 45 किमी से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं।
कुल मिलाकर, जनवरी की शुरुआत में ही देश भर में मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है। उत्तर भारत में ठंड, कोहरा और बर्फबारी ने जनजीवन प्रभावित किया है, जबकि दक्षिण और तटीय इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चिंता का कारण बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में भी लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की आवश्यकता है।