पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड, बारिश-बर्फबारी व घना कोहरा

16 जनवरी, 2026 को जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ व तेज जेट स्ट्रीम के कारण कई राज्यों में बारिश, बर्फबारी, शीतलहर और घने कोहरे के आसार हैं
उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में पाला पड़ने का अंदेशा जताया गया है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में पाला पड़ने का अंदेशा जताया गया है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
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सारांश
  • उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी हिमालय में बारिश, बर्फबारी, ठंड, कोहरे और शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी।

  • 19 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे उत्तर भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव आएगा।

  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और घने कोहरे की आशंका जताई गई है।

  • उत्तराखंड में पाला पड़ने का खतरा, किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह।

  • अगले चार दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान तीन से पांच डिग्री बढ़ सकता है।

भारत में इस समय मौसम की स्थिति तेजी से बदल रही है। ऊपरी वायुमंडल से लेकर जमीन के पास तक कई मौसमी गतिविधियां सक्रिय हैं, जिनका असर उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल रहा है। खासकर उत्तर-पश्चिम भारत और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आने वाले दिनों में ठंड, बारिश, बर्फबारी और कोहरे की स्थिति बनी रहेगी।

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 16 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट स्ट्रीम उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय है और इसकी गति लगभग 125 नॉट्स है। यह जमीन से करीब 12.6 किमी की ऊंचाई पर बह रही है। इस तेज हवा की वजह से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) को मजबूती मिलती है।

वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ मध्य और ऊपरी स्तरों पर एक ट्रफ के रूप में मौजूद है। इसका असर उत्तर भारत के मौसम पर देखा जा सकता है। इसके अलावा 19 जनवरी 2026 से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होकर उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम में एक बार फिर बदलाव करने का पूर्वानुमान है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में मौसम

इन पश्चिमी विक्षोभों के कारण जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 16 से 21 जनवरी के बीच हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी इस दौरान बारिश और बर्फबारी की संभावना है। उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

साथ ही उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में पाला पड़ने का अंदेशा जताया गया है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। किसानों को इस दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब में 18 से 20 जनवरी के बीच हल्की बारिश हो सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 18 और 19 जनवरी को कुछ हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। इसके बाद के तीन दिनों में पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

शीतलहर व शीत दिवस के आसार

इस मौसम प्रणाली के साथ-साथ ठंड का असर भी बढ़ेगा। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और ओडिशा के कुछ इलाकों में कोल्ड वेव यानी शीतलहर चलने के आसार हैं। इन क्षेत्रों में रात और सुबह के समय ठंड अधिक महसूस होगी। इसके अलावा, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में कुछ जगहों पर कोल्ड डे यानी पूरे दिन ठंड बने रहने की आशंका जताई गई है

कोहरे का कहर

कोहरे की बात करें तो देश के कई हिस्सों में घना से बहुत घना कोहरा देखने को मिल सकता है। असम और मेघालय, बिहार, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में घना कोहरा छा सकता है। वहीं हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में कुछ जगहों पर बहुत घना कोहरा पड़ने का अंदेशा है। इससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

तापमान में बदलाव की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। मध्य भारत में अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर अगले तीन दिनों में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है।

पूर्वी भारत में अगले तीन दिनों तक तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा, लेकिन इसके बाद तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ सकता है। महाराष्ट्र में अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री गिर सकता है, इसके बाद फिर से तापमान बढ़ने लगेगा। गुजरात में अगले दो दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री बढ़ने की संभावना है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 15 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के हिसार में न्यूनतम तापमान 0.2 डिग्री सेल्सियस रहा।

दक्षिण भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

दक्षिण भारत में पूर्वोत्तर मानसून अब धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले दो दिनों के दौरान पूर्वोत्तर मानसून की बारिश समाप्त होने की संभावना बनी हुई है।

हालांकि लक्षद्वीप और निकोबार द्वीप समूह में समुद्र के ऊपर बनी चक्रवाती हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में उत्तर भारत में ठंड, कोहरा, बारिश और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी का असर देखने को मिलेगा। लोगों को मौसम को ध्यान में रखते हुए सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां अपनाने की सलाह दी जाती है।

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