10 से ज्यादा राज्यों में शीतलहर व कोहरे का असर, दक्षिण से उत्तर-पूर्वी मानसून की विदाई

14 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भीषण शीतलहर व घने कोहरे के कहर के आसार हैं
आज, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छाने के आसार हैं।
आज, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घना कोहरा छाने के आसार हैं।
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सारांश
  • उत्तर भारत के दस से अधिक राज्यों में शीतलहर और घने कोहरे से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

  • जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में तापमान शून्य से नीचे, बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।

  • दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में गंभीर शीतलहर, बहुत घना कोहरा और यातायात प्रभावित होने की आशंका।

  • 15 जनवरी से नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय, 16-19 जनवरी के बीच बारिश और बर्फबारी का अनुमान।

  • दक्षिण भारत से उत्तर-पूर्वी मानसून की विदाई, तमिलनाडु, केरल और आसपास के क्षेत्रों में बारिश थमेगी।

इन दिनों देश के कई हिस्सों में मौसम लगातार बदल रहा है। खासतौर पर उत्तर भारत में ठंड ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को काफी प्रभावित किया है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक ठंड, कोहरा, बर्फबारी और बारिश की स्थिति बनी हुई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 14 जनवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और तेज जेट स्ट्रीम हवाओं का प्रभाव लगातार बना रह सकता है।

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों जैसे जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। कई जगहों पर तापमान शून्य से नीचे चला गया है। हिमाचल प्रदेश के ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। कश्मीर घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सोनमर्ग में भी तापमान माइनस सात डिग्री तक पहुंच गया है। इन क्षेत्रों में ठंड के साथ-साथ बर्फबारी की संभावना भी बनी हुई है।

मौसम विभाग ने बताया है कि 15 जनवरी की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होकर पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में बदलाव करने के आसार हैं। इसके कारण 16 से 19 जनवरी के बीच जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी हो सकती है। पहाड़ी इलाकों में इससे ठंड और बढ़ने के आसार हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं, जिससे यात्रा में परेशानी आ सकती है।

उत्तराखंड में ठंड का असर सबसे अधिक देखा जा रहा है। यहां कई इलाकों में भीषण ठंड पड़ रही है। 14 जनवरी को कुछ इलाकों पर पाला पड़ने का अंदेशा जताया गया है। सुबह के समय घना कोहरा और ठंडी हवाएं लोगों को घरों में रहने पर मजबूर कर रही हैं। मैदानी इलाकों में तापमान चार से छह डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है, जबकि पहाड़ों में तापमान शून्य से नीचे रहने का पूर्वानुमान है।

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली-एनसीआर में भी लोगों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। 14 जनवरी को ठंड और कोहरे के कारण सर्दी का प्रकोप और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में शीतलहर पूरे दिन बनी रह सकती है।

न्यूनतम तापमान लगभग चार डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। सुबह और रात के समय घने से बहुत घना कोहरा छाए रहने के आसार हैं, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है।

पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी शीतलहर से लेकर गंभीर शीतलहर चलने का अंदेशा जताया गया है। इन इलाकों में रात और सुबह के समय बहुत घना कोहरा देखने को मिल सकता है। कुछ हिस्सों में 18 और 19 जनवरी को हल्की बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में और गिरावट आ सकती है।

अन्य राज्यों में मौसम का हाल

राजस्थान, झारखंड और ओडिशा के भी कुछ हिस्सों में शीतलहर चलने के आसार हैं। हालांकि यहां ठंड उत्तर भारत के पहाड़ी क्षेत्रों जितनी अधिक नहीं होगी, लेकिन रात के समय तापमान गिरने से ठिठुरन बनी रहेगी। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, असम और मेघालय में भी घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

तापमान में बदलाव की बात करें तो मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों तक उत्तर-पश्चिम भारत में न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद धीरे-धीरे तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। महाराष्ट्र में अगले 24 घंटों तक तापमान स्थिर रहेगा, फिर दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी होगी। गुजरात में भी फिलहाल तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 13 जनवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पंजाब के बल्लोवाल सौंखरी में न्यूनतम तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस रहा।

दक्षिण भारत में मौसम का रुख

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण भारत में उत्तर-पूर्वी मानसून विदाई ले रहा है, यानी बारिश अब धीरे-धीरे समाप्त होने की ओर बढ़ रही है। अगले दो दिनों में मौसम की स्थिति ऐसी बन रही है, जिससे तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, केरल और माहे में उत्तर-पूर्वी मानसून की बारिश पूरी तरह से रुक सकती है।

इसके साथ ही तटीय आंध्र प्रदेश के आसपास के इलाके, यनम, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी मानसूनी बारिश के खत्म होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण बारिश हो रही थी,

वहीं, बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। खासकर कोमोरिन क्षेत्र में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं में और इजाफा होकर 55 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने की आशंका जताई गई है। इससे समुद्र में लहरें ऊंची उठ सकती हैं और विभाग ने मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इस मौसम का असर आम लोगों की दिनचर्या पर साफ दिखाई दे रहा है। ठंड और कोहरे के कारण स्कूलों के समय में बदलाव किया जा सकता है। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, सुबह और रात के समय बाहर निकलने से बचें और ठंड से जुड़ी बीमारियों से सतर्क रहें।

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जनवरी का यह दूसरा पखवाड़ा उत्तर भारत के लिए कड़ाके की ठंड लेकर आया है। आने वाले दिनों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि ठंड और खराब मौसम के प्रभाव को कम किया जा सके।

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