वजन ही नहीं, कमर की नाप भी बताएगी सेहत का खतरा; कैंसर जैसे रोगों का लगेगा पता

कमर का बढ़ता घेरा मोटापे और मधुमेह, हृदय रोग व स्ट्रोक जैसे गंभीर स्वास्थ्य खतरों का शुरुआती संकेत दे सकता है, शोध में सामने आया
कमर की माप मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम पहचानने में बीएमआई जितनी ही उपयोगी हो सकती है, नए अध्ययन में सामने आया।
कमर की माप मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम पहचानने में बीएमआई जितनी ही उपयोगी हो सकती है, नए अध्ययन में सामने आया।फोटो साभार :आई-स्टॉक
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सारांश
  • कमर की माप मोटापे से जुड़े स्वास्थ्य जोखिम पहचानने में बीएमआई जितनी ही उपयोगी हो सकती है, नए अध्ययन में सामने आया।

  • केवल बीएमआई से शरीर में मौजूद अतिरिक्त चर्बी वाले कई लोगों की पहचान नहीं हो पाती, शोधकर्ताओं ने बताया।

  • कमर की बढ़ती माप पेट के आसपास बढ़ती चर्बी और मधुमेह, हृदय रोग जैसे खतरों का शुरुआती संकेत हो सकती है।

  • शोध में करीब 1900 वयस्कों के आंकड़ों का विश्लेषण कर मोटापा पहचानने के अलग-अलग तरीकों की तुलना की गई।

  • विशेषज्ञों के अनुसार, साधारण टेप से कमर मापना आसान है और नियमित स्वास्थ्य जांच में इसे शामिल किया जा सकता है।

अक्सर शरीर का वजन और बॉडी मास इंडेक्स यानी बीएमआई देखकर ही मोटापे का अंदाजा लगाया जाता है। लेकिन नए शोध में सामने आया है कि कमर की माप भी स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण खतरों की जानकारी दे सकती है। अमेरिका में हुए इस अध्ययन के अनुसार, केवल कमर की परिधि मापना या इसे बीएमआई के साथ देखना कई जटिल तरीकों जितना ही प्रभावी हो सकता है।

यह शोध रटगर्स हेल्थ के शोधकर्ताओं ने किया है। अध्ययन के नतीजे जामा नेटवर्क ओपन में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं का कहना है कि कमर की माप आसान होने के साथ-साथ डॉक्टरों और आम लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकती है।

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कपड़े ढीले होने पर भी दें ध्यान

शोध पत्र में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि अगर बेल्ट ढीली करने की जरूरत पड़ने लगे या पहले से बड़े आकार की पैंट खरीदनी पड़े, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हालांकि कपड़ों का आकार कमर की सही माप नहीं बताता, लेकिन इसमें बदलाव शरीर में बढ़ रही चर्बी का शुरुआती संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, वजन के साथ कमर की माप पर ध्यान देने से मधुमेह, हृदय रोग, स्ट्रोक और कुछ प्रकार के कैंसर जैसे स्वास्थ्य जोखिमों को समय रहते पहचानने में मदद मिल सकती है।

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करीब 1900 लोगों पर हुआ अध्ययन

शोधकर्ताओं ने अमेरिका के नेशनल हेल्थ एंड न्यूट्रिशन एग्जामिनेशन सर्वे में शामिल 20 से 59 वर्ष की उम्र के करीब 1,900 लोगों के आंकड़ों का अध्ययन किया। उन्होंने मोटापे की पहचान करने के अलग-अलग तरीकों की तुलना शरीर में मौजूद वसा की अधिक सटीक जांच से की।

इसमें सामान्य बीएमआई और कमर की माप जैसे आसान तरीकों के साथ एक नया और ज्यादा जटिल तरीका भी शामिल था। इस नए तरीके में बीएमआई के साथ कमर की परिधि, कमर और लंबाई का अनुपात तथा कमर और कूल्हे का अनुपात शामिल था।

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आसान तरीका भी रहा प्रभावी

शोध में पाया गया कि जटिल तरीके से अधिक लोगों में शरीर की अतिरिक्त चर्बी की पहचान की जा सकती थी, लेकिन आसान तरीकों की सटीकता भी लगभग उतनी ही रही। बीएमआई या कमर की माप का इस्तेमाल करने पर मोटापे की सही पहचान करने और गलत तरीके से मोटापा बताने के बीच बेहतर संतुलन मिला।

कमर की माप अकेले भी लगभग उतना ही अच्छा प्रदर्शन करती दिखाई दी। शोधकर्ताओं के मुताबिक, यही बात इसे रोजमर्रा की चिकित्सा जांच के लिए उपयोगी बनाती है। कमर और कूल्हे की माप लेने की तुलना में केवल कमर की माप लेना ज्यादा आसान है। सामान्य स्वास्थ्य जांच के दौरान कूल्हे की माप अक्सर दर्ज नहीं की जाती, जबकि कमर की माप लेना अपेक्षाकृत सरल है।

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बीएमआई की भी हैं सीमाएं

अध्ययन ने बीएमआई की एक महत्वपूर्ण सीमा की ओर भी ध्यान दिलाया। केवल बीएमआई के आधार पर जांच करने पर ऐसे कई लोगों की पहचान नहीं हो सकी, जिनके शरीर में वसा की मात्रा मोटापे की श्रेणी में थी।

बीएमआई व्यक्ति के वजन और लंबाई के आधार पर निकाला जाता है। लेकिन यह शरीर में मांसपेशियों और वसा के बीच अंतर नहीं करता। यह भी नहीं बताता कि शरीर में वसा किस हिस्से में जमा है। यही कारण है कि केवल बीएमआई से किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य का पूरा आकलन करना हमेशा सही नहीं हो सकता।

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पेट के आसपास जमा चर्बी पर नजर जरूरी

शरीर में चर्बी कहां जमा है, इसका स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है। पेट और कमर के आसपास अधिक चर्बी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। ऐसे में कमर की माप बीएमआई से मिलने वाली जानकारी में एक जरूरी पहलू जोड़ सकती है।

शोधकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य जांच में कमर की माप को ज्यादा सामान्य बनाने से मोटापे से जुड़े जोखिमों की पहचान आसान हो सकती है। इससे उन लोगों पर भी ध्यान दिया जा सकता है जिनका बीएमआई सामान्य दिखाई देता है, लेकिन उनके शरीर में वसा की मात्रा अधिक हो सकती है।

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साधारण टेप से मिल सकता है संकेत

इस अध्ययन का संदेश सीधा है कि स्वास्थ्य पर नजर रखने के लिए केवल वजन मशीन पर निर्भर रहना जरूरी नहीं है। एक साधारण मापने वाले टेप से कमर की परिधि की जांच भी उपयोगी जानकारी दे सकती है।

हालांकि कमर की माप या बीएमआई अपने आप में किसी बीमारी का निदान नहीं करते। डॉक्टर जरूरत पड़ने पर ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और अन्य स्वास्थ्य संकेतकों के साथ इन आंकड़ों को देखते हैं। फिर भी, नियमित रूप से कमर के आकार में हो रहे बदलाव पर ध्यान देना शरीर में बढ़ती चर्बी और उससे जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों का शुरुआती संकेत दे सकता है।

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