

नीदरलैंड के फ्राइस्लैंड स्थित डेयरी फार्म की एक गाय में एवियन इन्फ्लूएंजा एंटीबॉडी पाई गई
जांच में फार्म की किसी भी गाय में सक्रिय एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस मौजूद नहीं पाया गया
दिसंबर में संक्रमित बिल्ली की मौत के बाद डेयरी फार्म पर जांच और निगरानी शुरू की गई
अन्य जानवर स्वस्थ पाए गए और फार्म कर्मचारियों व पशु चिकित्सक की एहतियातन जांच की जा रही है
सरकार के अनुसार इंसानों में संक्रमण का खतरा बहुत कम है और खाद्य उत्पाद सुरक्षित माने जाते हैं
नीदरलैंड के फ्राइस्लैंड प्रांत में स्थित एक डेयरी फार्म पर एक गाय में एवियन इन्फ्लुएंजा (बर्ड फ्लू) से जुड़े एंटीबॉडी पाए गए हैं। यह यूरोप में पहली बार हुआ है जब किसी गाय में इस प्रकार की पुष्टि की गई है। एंटीबॉडी मिलने का मतलब यह है कि गाय पहले इस वायरस के संपर्क में आई थी, लेकिन इस समय वह बीमार नहीं है। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ है कि फार्म पर किसी भी गाय में सक्रिय वायरस मौजूद नहीं है।
क्यों की गई जांच?
इस डेयरी फार्म पर जांच की शुरुआत एक अलग घटना के कारण हुई। 24 दिसंबर 2025 को दो बीमार बिल्लियों की जानकारी मिली थी। इनमें से एक बिल्ली में एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि हुई और दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। जांच में पता चला कि यह बिल्ली एक डेयरी फार्म से आई थी। इसके बाद नीदरलैंड्स फूड एंड कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी अथॉरिटी (एनवीडब्ल्यूए) ने संक्रमण के स्रोत और संपर्क की जांच शुरू की।
गायों की जांच
15 जनवरी को फ्राइस्लैंड के इस डेयरी फार्म पर गायों की जांच की गई। कुछ गायों के नमूने यादृच्छिक (रेंडम) रूप से लिए गए। उस समय फार्म पर कोई भी गाय बीमार नहीं पाई गई। इसके बाद दूध के नमूनों की जांच वैगनिंगन बायोवेटरिनरी रिसर्च संस्थान द्वारा की गई। जांच में यह पाया गया कि दूध में एवियन इन्फ्लुएंजा का कोई सक्रिय वायरस मौजूद नहीं था।
एक गाय में एंटीबॉडी की पुष्टि
जांच के दौरान एक गाय के दूध के नमूने में एवियन इन्फ्लूएंजा के खिलाफ एंटीबॉडी पाई गई। इसका अर्थ यह है कि वह गाय पहले कभी इस वायरस से संक्रमित हुई थी, लेकिन अब वह स्वस्थ है। विशेषज्ञों के अनुसार, एंटीबॉडी शरीर की रक्षा प्रणाली का हिस्सा होती हैं और ये वायरस से लड़ने में मदद करती हैं।
22 जनवरी को दोबारा जांच
22 जनवरी को एनवीडब्ल्यूए की टीम ने फार्म का फिर से दौरा किया। इस बार फार्म पर मौजूद सभी गायों के खून और दूध के नमूने लिए गए। इन सभी नमूनों की जांच में यह सामने आया कि फार्म पर कहीं भी एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस मौजूद नहीं है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि इस समय फार्म पर संक्रमण नहीं फैल रहा है।
अन्य जानवरों और इंसानों की स्थिति
फार्म पर मौजूद अन्य जानवरों जैसे कुत्ते, बिल्लियां और घोड़े किसी भी प्रकार के बीमारी के लक्षण नहीं दिखा रहे हैं। एहतियात के तौर पर फार्म पर काम करने वाले कर्मचारियों, वहां मौजूद अन्य लोगों और फार्म के पशु चिकित्सक की भी जांच की जा रही है। यह जांच नगर स्वास्थ्य सेवा द्वारा की जा रही है।
इंसानों के लिए कितना है खतरा?
डच सरकार के अनुसार, यूरोप में पाए जाने वाले एच5एन1 एवियन इन्फ्लूएंजा वायरस के जानवरों से इंसानों में फैलने का खतरा बहुत कम है। खाने के जरिए, जैसे कि चिकन, अंडे, गोमांस या दूध से इस वायरस के फैलने की संभावना भी बहुत कम मानी जाती है। देश में खाद्य सुरक्षा के लिए सख्त नियम लागू हैं।
कच्चे दूध को लेकर चेतावनी
सरकार ने यह सलाह दी है कि यदि किसी गाय में एवियन इन्फ्लूएंजा की पुष्टि होती है, तो उसके कच्चे दूध या उससे बने कच्चे डेयरी उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए। पाश्चुरीकृत दूध पूरी तरह सुरक्षित माना जाता है।
नीदरलैंड में एवियन इन्फ्लूएंजा की स्थिति पर सरकार और संबंधित संस्थाएं लगातार नजर बनाए हुए हैं। सभी पशुपालकों और पशु चिकित्सकों से सतर्क रहने और किसी भी असामान्य लक्षण की तुरंत सूचना देने की अपील की गई है।
यह घटना दिखाती है कि अलग-अलग जानवरों में वायरस के फैलने की निगरानी कितनी जरूरी है। हालांकि फिलहाल कोई बड़ा खतरा नहीं है, लेकिन समय पर जांच और सतर्कता भविष्य में किसी भी संभावित जोखिम को रोकने में मदद कर सकती है।