बीमारियों से बचने के लिए हर व्यक्ति तक टीकों की पहुंच जरूरी

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस: बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीके लगवाना बेहद जरूरी है।
भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।
भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • 16 मार्च को भारत में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य लोगों को टीकाकरण के महत्व के प्रति जागरूक बनाना है।

  • इस दिन 1995 में शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान को याद किया जाता है, जिसने देश को पोलियो जैसी खतरनाक बीमारी से मुक्त बनाया।

  • टीकाकरण से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कमजोर वर्गों को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षा मिलती है और उनका स्वास्थ्य बेहतर रहता है।

  • भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।

  • राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस लोगों को समय पर टीके लगवाने और समाज को सुरक्षित, स्वस्थ और रोगमुक्त बनाने का संदेश देता है।

भारत में हर साल 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को टीकाकरण के महत्व के बारे में जागरूक करना है। टीके हमें कई खतरनाक बीमारियों से बचाते हैं और शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं।

भारत सरकार और स्वास्थ्य विभाग इस दिन कई जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते हैं। डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को बताते हैं कि समय पर टीकाकरण कराना क्यों जरूरी है। खासकर छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए टीके बहुत महत्वपूर्ण होते हैं।

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भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस का इतिहास

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की शुरुआत पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़ी हुई है। इस कार्यक्रम की शुरुआत 16 मार्च 1995 को हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारत से पोलियो बीमारी को खत्म करना था।

पोलियो एक गंभीर बीमारी है जो बच्चों को अपंग बना सकती है। पहले भारत में पोलियो के बहुत मामले सामने आते थे। इसलिए सरकार ने देश भर में बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाने का अभियान शुरू किया।

यह अभियान विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के उस वैश्विक लक्ष्य से भी जुड़ा था, जिसमें दुनिया से पोलियो को खत्म करने का संकल्प लिया गया था।

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भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।

पोलियो उन्मूलन में भारत की सफलता

पल्स पोलियो कार्यक्रम भारत के सबसे सफल स्वास्थ्य अभियानों में से एक माना जाता है। इस अभियान के दौरान लाखों स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने गांव-गांव और शहर-शहर जाकर बच्चों को पोलियो की बूंदें पिलाई।

लगातार कई वर्षों तक यह अभियान चलाया गया। इसका परिणाम यह हुआ कि भारत में पोलियो के मामले धीरे-धीरे कम होते गए। आखिरकार 27 मार्च 2014 को विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भारत को पोलियो-मुक्त देश घोषित कर दिया। यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण था। यह सफलता दिखाती है कि सही योजना और मेहनत से बड़ी बीमारियों को भी खत्म किया जा सकता है।

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भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के कारण पोलियो, खसरा, हेपेटाइटिस बी, डिप्थीरिया, टेटनस और तपेदिक जैसी बीमारियों को नियंत्रित किया गया है।

टीकाकरण क्यों जरूरी है

टीकाकरण हमारे शरीर को कई खतरनाक बीमारियों से बचाता है। जब हम टीका लगवाते हैं तो हमारा शरीर उस बीमारी से लड़ने की शक्ति विकसित कर लेता है।

भारत में टीकाकरण कार्यक्रम के माध्यम से कई बीमारियों से बचाव किया जाता है, जैसे -

  • पोलियो

  • खसरा

  • हेपेटाइटिस बी

  • टिटनेस

  • तपेदिक

इन बीमारियों से बचाव के लिए बच्चों को जन्म से लेकर कुछ वर्षों तक अलग-अलग समय पर टीके लगाए जाते हैं। इसलिए माता-पिता को बच्चों का पूरा टीकाकरण समय पर करवाना चाहिए।

कोविड-19 के दौरान टीकाकरण का महत्व

हाल के वर्षों में पूरी दुनिया ने कोविड-19 महामारी का सामना किया। इस कठिन समय में टीकों ने लोगों की जान बचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भारत में भी करोड़ों लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया गया। इससे बीमारी का प्रभाव कम हुआ और लोगों को सुरक्षा मिली। इस अभियान ने यह साबित किया कि बड़े पैमाने पर टीकाकरण करके किसी भी महामारी से लड़ना संभव है।

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राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 2026 की थीम

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस 2026 की थीम “सभी का टीकाकरण मानवीय रूप से संभव है”, इसका मतलब है कि हर व्यक्ति तक टीकाकरण पहुंचाना संभव है। सरकार और स्वास्थ्य संस्थाएं मिलकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं कि देश का हर नागरिक टीकाकरण की सुविधा प्राप्त कर सके।

राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस हमें यह याद दिलाता है कि टीकाकरण स्वस्थ समाज के लिए बहुत जरूरी है। इससे न केवल व्यक्ति बल्कि पूरा समाज सुरक्षित रहता है।

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यदि सभी लोग समय पर टीके लगवाएं और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें, तो कई खतरनाक बीमारियों को रोका जा सकता है। इसलिए हमें टीकाकरण के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अपने परिवार तथा समाज को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।

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