दुनिया में 12,000 से अधिक परमाणु हथियार मौजूद, मानवता व पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा

वैश्विक निरस्त्रीकरण और अप्रसार: शिक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन से निपटने के बजाय, साल 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च लगभग 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया।
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता हैफोटो साभार: आईस्टॉक
Published on
सारांश
  • दुनिया में बढ़ता सैन्य खर्च और 2024 में 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचा वैश्विक रक्षा बजट वैश्विक शांति के लिए चिंता का विषय

  • विश्व में लगभग 12,000 से अधिक परमाणु हथियारों की मौजूदगी मानवता, पर्यावरण और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है

  • छोटे हथियारों और हल्के हथियारों का बढ़ता अवैध व्यापार कई देशों में हिंसा, अपराध और अस्थिरता को बढ़ाकर विकास को प्रभावित करता है

  • स्वायत्त हथियार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित नई सैन्य तकनीकें भविष्य की सुरक्षा, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए बड़ी चुनौती

  • 5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

दुनिया में शांति और सुरक्षा बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। इसी उद्देश्य से संयुक्त राष्ट्र की स्थापना की गई थी। संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण लक्ष्य है हथियारों में कमी करना और उनका प्रसार रोकना। लेकिन आज भी दुनिया में हथियारों की संख्या और सैन्य खर्च बहुत अधिक है। इससे वैश्विक शांति के लिए खतरा पैदा होता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर निरस्त्रीकरण और अप्रसार के बारे में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है।

बढ़ता हुआ सैन्य खर्च

आज दुनिया के कई देश अपनी सुरक्षा के नाम पर बहुत अधिक पैसा सैन्य ताकत बढ़ाने में खर्च कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च लगभग 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। यह एक बहुत बड़ी राशि है।

यह भी पढ़ें
अगले 20 साल में और बढ़ेगा खाद्य संकट, राजनीतिक अस्थिरता भी होगी एक वजह
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

यदि इस पैसे का कुछ हिस्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु परिवर्तन से निपटने में लगाया जाए, तो दुनिया में बहुत सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। इसलिए कई अंतरराष्ट्रीय संगठन यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इतना अधिक सैन्य खर्च वास्तव में आवश्यक है।

परमाणु हथियारों का खतरा

दुनिया में आज भी लगभग 12,000 से अधिक परमाणु हथियार मौजूद हैं। परमाणु हथियारों की विनाशकारी शक्ति बहुत अधिक होती है। यदि इनका उपयोग होता है, तो लाखों लोगों की जान जा सकती है और पर्यावरण को भी गंभीर नुकसान हो सकता है।

यह भी पढ़ें
आपदा के समय मानसिक स्वास्थ्य की डोर है डब्ल्यूएचओ का एमएसपी पैकेज
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

इसी कारण परमाणु हथियारों को मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार इन हथियारों को कम करने और पूरी तरह खत्म करने की कोशिश कर रहा है।

छोटे हथियार और अवैध व्यापार

केवल परमाणु हथियार ही समस्या नहीं हैं। छोटे हथियार और हल्के हथियार भी कई देशों में हिंसा और अस्थिरता को बढ़ाते हैं। इन हथियारों का अवैध व्यापार आतंकवाद, अपराध और संघर्ष को बढ़ावा देता है।

यह भी पढ़ें
दुनिया में मातृ मृत्यु का दो-तिहाई हिस्सा संकटग्रस्त व अस्थिर देशों में: रिपोर्ट
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

कई विकासशील देशों में छोटे हथियारों की आसान उपलब्धता के कारण सामाजिक और आर्थिक विकास भी प्रभावित होता है। इसलिए इन हथियारों के नियंत्रण के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है।

नई तकनीक और स्वायत्त हथियार

आज के समय में युद्ध की तकनीक भी तेजी से बदल रही है। स्वायत्त हथियार प्रणाली जैसे नए हथियार विकसित हो रहे हैं। ये ऐसे हथियार हैं जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता की मदद से बिना मानव नियंत्रण के भी काम कर सकते हैं।

यह भी पढ़ें
नहीं सुधरे तो 2100 तक भुखमरी के खतरे में होंगे 1.16 अरब लोग, 60 करोड़ बच्चे भी होंगे शामिल
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

इन हथियारों को लेकर कई नैतिक और कानूनी प्रश्न उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इनका सही तरीके से नियंत्रण नहीं किया गया, तो ये भविष्य में गंभीर खतरा बन सकते हैं।

अंतरराष्ट्रीय दिवस का महत्व

हर साल पांच मार्च को दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्थापित किया गया है।

यह भी पढ़ें
यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध ने 40 लाख बच्चों को गरीबी में धकेला
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

इस दिन का उद्देश्य लोगों को हथियारों के खतरों के बारे में जागरूक करना और शांति को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम, चर्चाएं और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाते हैं।

वियना में विशेष कार्यक्रम

2 से 6 मार्च तक वियना इंटरनेशनल सेंटर, जो वियना में स्थित है, में एक विशेष इंटरैक्टिव कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में एक “बैलेट बॉक्स” स्थापना लगाई जाती है, जिसमें लोग यह वोट दे सकते हैं कि दुनिया के संसाधनों का उपयोग किस क्षेत्र में होना चाहिए। लोग यह चुन सकते हैं कि पैसा सैन्य खर्च पर लगाया जाए या शिक्षा, स्वास्थ्य और जलवायु कार्रवाई जैसे क्षेत्रों में।

यह भी पढ़ें
परमाणु युद्ध के कारण दुनिया भर में पड़ सकता है अकाल, जा सकती है 5 अरब लोगों की जान: अध्ययन
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

संयुक्त राष्ट्र की विशेष बैठकें

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने निरस्त्रीकरण के विषय पर अब तक तीन विशेष सत्र आयोजित किए हैं। इन बैठकों ने वैश्विक निरस्त्रीकरण नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

हालांकि 1995 से कई बार चौथे विशेष सत्र (एसएसओडी-चार) की मांग की गई है, लेकिन अभी तक इसे आयोजित नहीं किया जा सका है। इसका मुख्य कारण देशों के बीच राजनीतिक मतभेद हैं।

यह भी पढ़ें
युद्ध या आपदाओं की वजह से अनाथ हुए 14 करोड़ बच्चों को समर्पित है आज का दिन
5 मार्च को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय निरस्त्रीकरण और अप्रसार जागरूकता दिवस शांति, सुरक्षा और हथियारों में कमी की आवश्यकता को दर्शाता है

वैश्विक निरस्त्रीकरण और अप्रसार आज की दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय हैं। बढ़ते सैन्य खर्च, परमाणु हथियारों का खतरा और नई युद्ध तकनीकें वैश्विक सुरक्षा के लिए चुनौती बन रही हैं।

इसलिए आवश्यक है कि सभी देश मिलकर शांति और सुरक्षा को प्राथमिकता दें। यदि दुनिया के संसाधनों का सही उपयोग किया जाए, तो हम एक अधिक सुरक्षित, शांतिपूर्ण और स्थायी भविष्य बना सकते हैं।

Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in