

पिछले एक साल में प्रकाशित साक्षात्कारों में विशेषज्ञों और विचारकों ने जलवायु असमानता, स्थानीय शासन, श्रमिकों की स्वास्थ्य चुनौतियां, राजनीतिक हस्तक्षेप और मनोविज्ञान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है। यहां आप देखेंगे कि कैसे अरबपतियों के निवेश पर कार्बन टैक्स से जलवायु असमानता कम हो सकती है, क्यों गांवों में पंचायत कर्मियों के लिए अलग सेवा जरूरी है, और कैसे सिलिकोसिस जैसी पुरानी बीमारियां मजदूरों के जीवन को प्रभावित करती हैं। साथ ही आपको मिलेगा कि राजनीति और पर्यावरण के रिश्ते, हीटवेव और स्वास्थ्य का तालमेल, और लालच व घमंड जैसे मनोवैज्ञानिक पहलू हमारे समाज और फैसलों पर कैसे असर डालते हैं।
अमीरों के निवेश पर कार्बन कर: जलवायु असमानता को कम करने का उपाय
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कैसे अरबपतियों के निवेश पर कार्बन टैक्स लगाकर जलवायु असमानता घटाई जा सकती है। भारत और वैश्विक जलवायु न्याय की चुनौतियों पर एक्सपर्ट के विचार। जलवायु और आर्थिक शक्ति का जोड़ — सोचने लायक मामला।
पंचायत कर्मियों की नियुक्ति के लिए बने एक अलग स्थानीय शासन सेवा
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गाँव‑स्तर पर प्रशासन मजबूत करने के लिए अलग सेवा की जरूरत।
इसे लागू करने की चुनौतियाँ और संभावित लाभ।
लोकतंत्र की नींव को मजबूत करने पर सजी बात।
सूचना आयोगों में रिक्त पदों से निष्प्रभावी हो जाता है कानून
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सूचना अधिकार कानून के असरदार क्रियान्वयन में कमी और उसका आम नागरिक पर असर। स्वास्थ्य, शिक्षा या पर्यावरण — सबका मूल अधिकार प्रभावित।
सिंगरौली में विस्थापन: नीतिगत विफलता या प्रशासनिक अनदेखी?
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सिंगरौली में ऊर्जा परियोजनाओं के कारण लोगों के विस्थापन की असली वजह।
क्या यह प्रशासन की भूल है या नीतियों में दोष।
भूमि और जीवन के सवाल पर ज़ोरदार विश्लेषण।
जलवायु परिवर्तन पर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की राय: भारत के लिए क्या संदेश?
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अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय की राय का भारत की जलवायु नीति पर असर।
वैश्विक न्याय बनाम विकास — दोनों के बीच संतुलन का सवाल।
वैश्विक स्तर पर जिम्मेदारी और रणनीति।
गर्मी के प्रभावों के आकलन के लिए स्वास्थ्य एवं शरीर विज्ञान के बीच सामंजस्य बनाएं
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हीटवेव और गर्मी के स्वास्थ्य प्रभाव को समझने के लिए तालमेल जरूरी।
ऐसा क्या किया जाए जिससे भविष्य की आपदाओं से निपटने में मदद मिले।
पर्यावरणीय शैतानों से घिरे हैं हम, जो पूरी तरह राजनीतिक हैं: अमिताभ घोष
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पर्यावरण मुद्दों में राजनीति कैसे हस्तक्षेप करती है और शक्तिशाली हित क्या असर डालते हैं। राजनीति‑पर्यावरण के रिश्तों पर साफ‑सुथरी बात। इनसाइडर की नजर से पर्यावरण राजनीति।
जोखिम का स्रोत खत्म होने के बाद भी जारी रहने वाली बीमारी है सिलिकोसिस
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सिलिकोसिस क्यों खत्म नहीं होती और इसके पीछे की वजहें। श्रमिकों के स्वास्थ्य और नीति‑निष्पादन पर असर। श्रम और स्वास्थ्य का जमीनी सच।
देशभर के श्रमिकों को प्रभावित कर सकता है सिलिकोसिस
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सिलिकोसिस के बढ़ते मामले पूरे देश के मजदूरों को कैसे प्रभावित कर रहे हैं।
विशेषज्ञ की बातें जोखिम और समाधान दोनों दिखाती हैं।
मजदूरों की जिंदगी और स्वास्थ्य के बीच कड़ी।
मनोविकारों का विज्ञान: लालच करना इतनी भी बुरी बात नहीं है
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लालच और इंसानी व्यवहार को मनोवैज्ञानिक नजरिए से समझना।
कुछ स्थितियों में लालच का सकारात्मक या संकेतक पहलू।
मन, व्यवहार और सामाजिक असर।
मनोविकारों का विज्ञान: एक तरह की दोधारी तलवार है घमंड
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घमंड के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं की चर्चा।
हमारी सोच और निर्णय लेने पर इसका असर।
मानव मन की गहराइयों का इंटरव्यू।