

गोल्डनरोड पर कीड़े गैल बनाते हैं, जो पौधे की सामान्य वृद्धि और बीज उत्पादन को नुकसान पहुंचाते हैं।
मिशिगन में दो साल के प्रयोग में तापमान वृद्धि और सूखे ने गैलेड पौधों की नुकसानकारी स्थिति को कम किया।
गैलेड पौधे गर्मी और सूखे में लंबाई, बीज उत्पादन और द्रव्यमान में नॉन-गैलेड पौधों से बेहतर प्रदर्शन करते हैं।
गोल्डनरोड अवसरवादी पौधा है, यह बीज और भूमिगत तनों के माध्यम से तेजी से फैलकर अन्य पौधों को दबाता है।
अध्ययन दिखाता है कि जलवायु परिवर्तन सभी प्रजातियों के लिए नुकसान नहीं, कुछ पौधे जैसे गोल्डनरोड परिस्थितियों का फायदा उठा सकते हैं।
जलवायु परिवर्तन का असर सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं हैं। यह जंगली पौधों और उनके आसपास रहने वाले कीड़ों पर भी असर डालता है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में यह देखा गया कि टॉल गोल्डनरोड, जो उत्तर अमेरिका में आम है, जलवायु परिवर्तन से फायदा भी पा सकता है।
गोल्डनरोड अक्सर कीड़ों के हमले का सामना करता है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण है गोल्डनरोड बंच गैल मिड्ज नामक छोटा मच्छर। यह मच्छर अपने अंडे पौधे की पत्तियों के कली में देता है। अंडे के आसपास पौधा एक तरह का ऊतक या “गैल” विकसित करता है, जो मच्छर के लार्वा के लिए सुरक्षित आवास बनता है। इस प्रक्रिया से पौधे की सामान्य वृद्धि और बीज उत्पादन प्रभावित होता है।
कैसे किया गया अध्ययन?
मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने मिशिगन के केलॉग बायोलॉजिकल स्टेशन में दो साल तक प्रयोग किया। उन्होंने भविष्य की जलवायु परिस्थितियों को दोहराया। कुछ खेतों को प्लेक्सिग्लास की छत से ढक कर बारिश को रोका गया, ताकि सूखे की स्थिति बनाई जा सके। इसके अलावा, खुले टॉप वाले प्लास्टिक चैंबर का उपयोग करके हवा को गर्म किया गया, जिससे तापमान बढ़ाने का प्रयास हुआ।
इस प्रयोग में शोधकर्ताओं ने गोल्डनरोड की वृद्धि, बीज उत्पादन और जीवित द्रव्यमान की तुलना की। उन्होंने गैलेड (कीड़ों के प्रभावित) और नॉन-गैलेड पौधों के बीच अंतर देखा। यह अध्ययन 'ओइकोलोजिया' पत्रिका में प्रकाशित किया गया है।
कीड़ों और पौधों का संबंध
अध्ययन से पता चला कि सामान्य परिस्थितियों में गैलिंग कीड़े पौधे के लिए हानिकारक होते हैं। गैलेड पौधों में बीज का वजन कम होता है और बीज बनाने की संभावना भी घट जाती है। इसके अलावा, गैलेड पौधों की लंबाई लगभग सात सेंटीमीटर कम रहती है।
लेकिन जब तापमान बढ़ाया गया और सूखे को भी जोड़ा गया, तो गैलेड पौधों के लिए नुकसान कम हो गया। इस स्थिति में गैलेड पौधे नॉन-गैलेड पौधों से लंबे और अधिक भारी हो गए। बीज उत्पादन में भी अंतर खत्म हो गया। पौधों का द्रव्यमान तापमान बढ़ने और सूखे के संयोजन में 39 प्रतिशत तक बढ़ गया। इसका मतलब है कि जलवायु परिवर्तन ने गैलिंग को होने वाले नुकसान को दूर कर दिया।
गोल्डनरोड का जीवन और फैलाव
टॉल गोल्डनरोड एक अवसरवादी व आक्रामक पौधा है। यह बीज और भूमिगत तनों के माध्यम से तेजी से फैल सकता है। यह पौधा अपने आस-पास के अन्य पौधों की वृद्धि को रोकने वाले रसायन भी पैदा करता है। यही कारण है कि यह अक्सर खेतों और मैदानों में फैलकर अन्य पौधों को दबा देता है।
शोध से यह भी पता चला कि गैल बनाने वाले कीड़ों पर तापमान और सूखे का कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा। इसलिए, पौधे को फायदा मिला लेकिन कीड़े प्रभावित नहीं हुए। यह दर्शाता है कि गोल्डनरोड इस परिस्थितियों में और अधिक मजबूत हो सकता है।
मौसम बदलने से पारस्परिक प्रभाव
शोध पत्र में शोधकर्ता के हवाले से कहा गया है कि किसी एक प्रजाति को देखकर यह समझना मुश्किल है कि जलवायु परिवर्तन उसका क्या प्रभाव डालेगा। पौधों और उनके कीड़ों, शत्रुओं और मित्रों के बीच जटिल संबंध होते हैं। इन संबंधों को समझे बिना भविष्य का पूर्वानुमान अधूरा रहता है।
अध्ययन में यह भी बताया गया कि गोल्डनरोड अभी भी अन्य पौधों पर हावी हो सकता है। जलवायु बदलने के कारण यह और भी तेजी से फैल सकता है। लेकिन शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी कि अगर कई तनावकारी परिस्थितियां एक साथ आईं, तो यहां तक कि यह प्रमुख पौधा भी प्रभावित हो सकता है।
इस अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि जलवायु परिवर्तन हर प्रजाति के लिए नुकसानदायक नहीं है। कुछ पौधे, जैसे टॉल गोल्डेनरोड, कीड़ों के हमले के बावजूद लाभ उठा सकते हैं। तापमान में वृद्धि और सूखे के संयोजन से यह पौधा और अधिक ऊंचा, भारी और बीज उत्पादन में सक्षम हो सकता है।
गोल्डनरोड की उपस्थिति आमतौर पर हमें खेतों और रास्तों पर देखने को मिलती है। हालांकि इसे अक्सर परागकण एलर्जी के लिए दोषी ठहराया जाता है, असल में रैगवीड इसका मुख्य कारण है।
संक्षेप में जलवायु परिवर्तन गोल्डनरोड के लिए चुनौती के साथ-साथ अवसर भी ला सकता है। यह पौधा पहले से ही अपने क्षेत्र में हावी है और भविष्य में तापमान बढ़ने पर और भी तेजी से फैल सकता है।