प्रदूषण का रिपोर्ट कार्ड: पंचगांव में 305 पर पहुंचा एक्यूआई, 18 अंकों के साथ आइजोल सबसे साफ

14 जुलाई 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 19.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 49.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक, जबकि 31.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं
प्रतीकात्मक तस्वीर: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट
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सारांश
  • 14 जुलाई 2026 को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि देश की हवा में एक ओर व्यापक सुधार के संकेत हैं, तो दूसरी ओर कई शहर अब भी गंभीर प्रदूषण की चपेट में हैं।

  • हरियाणा का पंचगांव 305 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां पिछले 24 घंटों में प्रदूषण 23 अंक बढ़ा और पीएम2.5 का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 1,900 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • इसके विपरीत, मिजोरम की राजधानी आइजोल 18 एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर रही, जिससे दोनों शहरों के बीच प्रदूषण का अंतर लगभग 17 गुना रहा।

  • राहत की बात यह है कि 247 शहरों में से 48 शहरों की हवा 'बेहतर' और 122 शहरों की 'संतोषजनक' श्रेणी में रही, जबकि केवल 31.2 फीसदी शहरों में ही हवा मध्यम से बेहद खराब स्तर पर दर्ज की गई।

  • दिल्ली में 74 अंकों के सुधार के साथ एक्यूआई 246 से घटकर 172 पर पहुंच गया, जबकि मेरठ में 157 अंकों की गिरावट के बाद वायु गुणवत्ता बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में आ गई।

  • हालांकि, हरियाणा के सात शहरों का देश के 10 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल होना इस बात का संकेत है कि क्षेत्रीय प्रदूषण अभी भी गंभीर चुनौती बना हुआ है।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 14 जुलाई 2026 को देश में पंचगांव सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 जुलाई) को पंचगांव में सूचकांक 282 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 23 अंकों का इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि पंचगांव की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है।

पंचगांव में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 1,900 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में आइजोल की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 18 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर पंचगांव की तुलना आइजोल से करें तो वहां स्थिति 16.9 गुणा खराब है।

इससे पहले कल देश में मेरठ की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 325 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 157 अंकों के भारी सुधार के साथ सूचकांक 168 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है। 

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 246 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 172 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 74 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 13 जुलाई को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 159 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 9 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 14 जुलाई 2026 को 247 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 19.4 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 49.4 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 31.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 29.7 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इसी तरफ संतोषजनक हवा वाले शहरों की गिनती में भी 1.7 फीसदी का इजाफा हुआ है। मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 6.2 फीसदी का उछाल देखा गया। दूसरी तरह खराब हवा वाले शहरों की गिनती में कल से 58.8 फीसदी की कमी आई है, जोकि राहत की खबर है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में चूरू (298) दूसरे जबकि चरखी दादरी (262) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह भिवानी (254) चौथे स्थान पर है। मानेसर (247)– ग्रेटर नोएडा (245) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

बल्लभगढ़ (216) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में कैथल (202), गुरुग्राम (193) और बाड़मेर (190) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के सात शहर (पंचगांव, चरखी दादरी, भिवानी, मानेसर, बल्लभगढ़, कैथल और गुरुग्राम) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि पंचगांव, चरखी दादरी, भिवानी, मानेसर, बल्लभगढ़, कैथल, गुरुग्राम, अलवर, बहादुरगढ़, मेरठ, जयपुर, नारनौल, फरीदाबाद, खैरथल, यमुना नगर, तालचेर, धारूहेड़ा, लखनऊ, रूपनगर, आगरा, बर्नीहाट (मेघालय), वृंदावन, भागलपुर, चेन्नई, खोरा आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं।

वहीं चूरू, ग्रेटर नोएडा, बाड़मेर, दौसा, बीकानेर, झुंझुनू, अमरावती (आंध्रप्रदेश), नोएडा, बद्दी, दिल्ली, जैसलमेर, विशाखापत्तनम, गाजियाबाद, पानीपत, अंगुल, भिवाड़ी, मुजफ्फरनगर, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, गुवाहाटी, अंबाला, टोंक, करौली, फतेहाबाद, कटनी, सुआकाती, गुम्मिडीपूंडी, रायबरेली, अगरतला, नागौर, हापुड़, सवाई माधोपुर, थूथुकुडी, कुरुक्षेत्र, पाली, सीकर, छपरा, मंडीदीप, वातवा, जोधपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा, ग्वालियर, जोरापोखर, देहरादून, खुर्जा, राजमहेंद्रवरम, भरतपुर, भीलवाड़ा, रोहतक आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

देश के 19.4 फीसदी यानी 48 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में दमोह, डोंबिवली, गडग, हल्दिया, हिंगोली, जलगांव, कडप्पा, कलबुर्गी, कारवार, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, लातूर, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाद, मैहर, मीरा-भायंदर, नाहरलागुन, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, प्रयागराज, रामनगर, रतलाम, सागर, समस्तीपुर, सांगली, शिवमोगा, शिवसागर, सोलापुर, सूरत आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 122 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अंकलेश्वर, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बगलकोट, बागपत, बालासोर, बारां, बारबिल, बरेली, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जालोर, झालावाड़, झांसी, जींद, कल्याण , कानपुर, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लुधियाना, मदुरै, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 69 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें अगरतला, आगरा, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंगुल, बद्दी, बहादुरगढ़, बांसवाड़ा, बाड़मेर, भागलपुर, भरतपुर, भीलवाड़ा, भिवाड़ी, बीकानेर, बिलीपाड़ा, बुलंदशहर, बर्नीहाट (मेघालय), चेन्नई, छपरा, दौसा, देहरादून, दिल्ली, धारूहेड़ा, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गाजियाबाद, गुम्मिडीपूंडी, गुरुग्राम, गुवाहाटी, ग्वालियर, हापुड़, जयपुर, जैसलमेर, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, करौली, कटनी, खैरथल, खोरा, खुर्जा, कुरुक्षेत्र, लखनऊ, मंडीदीप, मेरठ, मुजफ्फरनगर, नागौर, नारनौल, नोएडा, पाली, पानीपत, रायबरेली, राजमहेंद्रवरम, रोहतक, रूपनगर, सवाई माधोपुर, सीकर, सिलीगुड़ी, सोनीपत, सुआकाती, तालचेर, थूथुकुडी, टोंक, उदयपुर, वातवा, विशाखापत्तनम, वृंदावन, यमुना नगर आदि शामिल हैं।

इसी तरह बल्लभगढ़, भिवानी, चरखी दादरी, चूरू, ग्रेटर नोएडा, कैथल, मानेसर में स्थिति खराब, जबकि पंचगांव (305) में बेहद खराब दर्ज की गई है।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 247 में से 48 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 122 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 13 जुलाई को यह आंकड़ा 120 दर्ज किया गया था।

69 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज पंचगांव में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 305 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (13 जुलाई) को पंचगांव में सूचकांक 282 दर्ज किया गया था। मतलब कि पिछले 24 घंटों में वहां प्रदूषण के स्तर में 23 अंकों का इजाफा हुआ है।

इससे पहले कल देश में मेरठ की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित थी, जब वायु गुणवत्ता सूचकांक 325 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 157 अंकों के भारी सुधार के साथ सूचकांक 168 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता बेहद खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।       

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 246 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 172 पर पहुंच गया। मतलब की 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 74 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज वायु गुणवत्ता खराब से मध्यम श्रेणी में पहुंच गई है।  

दिल्ली के उलट फरीदाबाद में कल से प्रदूषण में बढ़ोतरी हुई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 150 दर्ज किया गया था, जो आज बढ़कर 159 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 9 अंकों के उछाल के बावजूद फरीदाबाद में आज भी वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 14 जुलाई को भिवानी (254) चौथे स्थान पर है, वहीं चूरू (298) दूसरे, जबकि चरखी दादरी (262) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 105, गाजियाबाद में 153, गुवाहाटी में 142, गुरूग्राम में 193, नोएडा में 180, ग्रेटर नोएडा में 245 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 56 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘संतोषजनक‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 137, चेन्नई में 111, चंडीगढ़ में 75, हैदराबाद में 55, जयपुर में 166 और पटना में 75 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 48 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अंबरनाथ, अररिया, बैरकपुर, बेगूसराय, ब्यासनगर, चामराजनगर, कोयंबटूर, दमोह, डोंबिवली, गडग, हल्दिया, हिंगोली, जलगांव, कडप्पा, कलबुर्गी, कारवार, किशनगंज, कोहिमा, कोल्हापुर, कोलकाता, कोप्पल, लातूर, मछलीपट्टनम, मदिकेरी, महाद, मैहर, मीरा-भायंदर, नाहरलागुन, नंदेसरी, नासिक, नवी मुंबई, प्रयागराज, रामनगर, रतलाम, सागर, समस्तीपुर, सांगली, शिवमोगा, शिवसागर, सोलापुर, सूरत, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, उल्हासनगर, विजयपुरा, यादगीर शामिल हैं।

वहीं अहमदाबाद, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अमृतसर, अंकलेश्वर, आसनसोल, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बगलकोट, बागपत, बालासोर, बारां, बारबिल, बरेली, बठिंडा, बीड, बेलापुर, बेंगलुरु, भावनगर, भिलाई, भिवंडी, भोपाल, भुवनेश्वर, बिहार शरीफ, बिलासपुर, बोइसर, ब्रजराजनगर, बूंदी, बक्सर, चंडीगढ़, चंद्रपुर, छाल, चिक्काबल्लापुर, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, कुड्डालोर, कटक, देवास, धनबाद, धारवाड़, धौलपुर, दुर्गापुर, एलुरु, फिरोजाबाद, गांधीनगर, गया, गोरखपुर, गुंटूर, हाजीपुर, हनुमानगढ़, हावड़ा, हुबली, हैदराबाद, इंदौर, जबलपुर, जालंधर, जालोर, झालावाड़, झांसी, जींद, कल्याण , कानपुर, करनाल, कटिहार, क्योंझर, खन्ना, कोरबा, कोटा, कुंजेमुरा, कुरनूल, लुधियाना, मदुरै, मालेगांव, मंडी गोबिंदगढ़, मंडीखेड़ा, मैंगलोर, मेहसाणा, मुरादाबाद, मुंबई, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नागपुर, नलबाड़ी, नांदेड़, नेल्लोर, पलवल, पंपोर, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पटना, पिंपरी-चिंचवाड़, पीथमपुर, प्रतापगढ़, पुडुचेरी, पुणे, पूर्णिया, रायपुर, रायरंगपुर, राजगीर, राजकोट, राजसमंद, ऋषिकेश, राउरकेला, सतना, सिलचर, सिरोही, सिरसा, श्री गंगानगर, श्रीनगर, टेन्सा, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमकुरु, तुमडीह, उज्जैन, वडोदरा, वापी, वाराणसी, विजयवाड़ा, विरार आदि 122 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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