सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण: हिंगोली में हवा सबसे खराब, 106 शहरों में 'बेहतर' रही वायु गुणवत्ता

देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया।
देश के कई शहरों  में वायु गुणवत्ता न केवल इंसानों बल्कि दूसरे जीवों के लिए भी सुरक्षित नहीं है; फोटो: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)
देश के कई शहरों में वायु गुणवत्ता न केवल इंसानों बल्कि दूसरे जीवों के लिए भी सुरक्षित नहीं है; फोटो: सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई)
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सारांश
  • 07 अगस्त 2026 के सरकारी वायु गुणवत्ता के आंकड़ों का विश्लेषण बताता है कि देश के अधिकांश शहरों में हवा राहत देने वाली रही, लेकिन कुछ इलाकों में प्रदूषण ने अचानक चिंता बढ़ा दी। महाराष्ट्र का हिंगोली 187 एक्यूआई के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां सिर्फ 24 घंटों में प्रदूषण 93 से बढ़कर 187 पर पहुंच गया।

  • हिंगोली की हवा में ओजोन का दबदबा रहा और प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन की सुरक्षित सीमा से करीब 200 फीसदी अधिक दर्ज किया गया।

  • इसके विपरीत कर्नाटक का मदिकेरी महज 12 एक्यूआई के साथ देश का सबसे स्वच्छ शहर रहा, यानी वहां की हवा हिंगोली की तुलना में लगभग 15.5 गुना बेहतर रही।

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के 246 शहरों के आंकड़ों के अनुसार 106 शहरों (43.1%) में हवा 'बेहतर' और 115 शहरों (46.7%) में 'संतोषजनक' रही, जबकि केवल 25 शहर 'मध्यम' श्रेणी में रहे।

  • दिल्ली और फरीदाबाद में पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदूषण में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई, जिससे दोनों शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ।

  • हालांकि मध्यम श्रेणी वाले शहरों की संख्या में एक दिन में 66.7 फीसदी की बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि मानसून के बीच भी कई क्षेत्रों में प्रदूषण का खतरा बना हुआ है और स्थानीय मौसम व प्रदूषकों में बदलाव से हालात तेजी से बदल सकते हैं।

सरकारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि 07 अगस्त 2026 को देश में हिंगोली सबसे प्रदूषित रहा। इस दौरान वहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (06 अगस्त) को हिंगोली में सूचकांक 93 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 94 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

रुझानों में यह भी सामने आया है कि हिंगोली की हवा में ओजोन पूरी तरह हावी है। देखा जाए तो वहां फिजाओं में घुला जहर इतना ज्यादा है कि वो लोगों को बेहद बीमार बना देने के लिए काफी है। हिंगोली में स्थिति किस कदर खराब है, इसी बात से समझा जा सकता है कि वहां प्रदूषण का स्तर विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सुरक्षित सीमा से 200 फीसदी अधिक है।

दूसरी तरफ देश में मदिकेरी की हवा सबसे साफ है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक महज 12 रिकॉर्ड किया गया। ऐसे में यदि देश के सबसे प्रदूषित शहर हिंगोली की तुलना मदिकेरी से करें तो वहां स्थिति 15.5 गुणा खराब है।

इससे पहले कल भिवानी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 159 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 2 अंकों के सुधार के साथ भिवानी में सूचकांक 157 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही भिवानी में आज भी स्थिति मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 63 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 11 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

2026 के दौरान दिल्ली में साल का सबसे साफ दिन 06 अगस्त को दर्ज किया गया, जब एक्यूआई 48 रिकॉर्ड किया गया। इसी तरह 12 जून 2026 को सूचकांक 73 और 30 मई को 85 रिकॉर्ड किया गया। वहीं 05 मई को सूचकांक 86, जबकि 04 मई को 88 दर्ज हुआ। दूसरी तरफ 18 जनवरी 2026 को दिल्ली में साल का सबसे प्रदूषित दिन दर्ज किया गया, जब एक्यूआई बढ़कर 440 तक पहुंच गया था।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 86 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 27 अंको के सुधार के साथ फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा 07 अगस्त 2026 को 246 शहरों के लिए जारी आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला है कि इनमें से जहां करीब 43.1 फीसदी शहरों में हवा साफ है। वहीं 46.7 फीसदी में स्थिति संतोषजनक बनी हुई है, जबकि दूसरी तरफ 10.2 फीसदी शहरों में हालात चिंताजनक हैं। मतलब की देश के ज्यादातर शहरों में आज हवा संतोषजनक है।

कल से देश में साफ हवा वाले शहरों की गिनती में 9.3 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। दूसरी तरह संतोषजनक हवा वाले शहरों में 12.2 फीसदी की कमी दर्ज की गई। वहीं मध्यम वायु गुणवत्ता वाले शहरों की गिनती में कल से 66.7 फीसदी का उछाल आया है, जोकि चिंता का विषय है।   

आंकड़ों से पता चला है कि प्रदूषण के मामले में बर्नीहाट (मेघालय) (181) दूसरे जबकि पाली (169) तीसरे स्थान पर है। इसी तरह भिवानी (157) चौथे स्थान पर है। एलुरु (154) – गुम्मिडीपूंडी (150) में भी स्थिति कमोबेश ऐसी ही है, जो पांचवें और छठे पायदान पर हैं।

चरखी दादरी (149) सातवें स्थान पर हैं। इसी तरह दस सबसे प्रदूषित शहरों में सोनीपत (132), खैरथल (131) और चेन्नई (128) शामिल हैं। रुझानों में सामने आया है कि आज देश के दस सबसे प्रदूषित शहरों में हरियाणा के तीन शहर (भिवानी, चरखी दादरी और सोनीपत) शामिल हैं।

विश्लेषण से यह भी पता चला है कि बर्नीहाट (मेघालय), भिवानी, गुम्मिडीपूंडी, चरखी दादरी, खैरथल आदि शहरों की हवा में प्रदूषण के महीन कण (पीएम2.5) हावी हैं। वहीं पाली, सोनीपत, चेन्नई, टोंक, भीलवाड़ा, पीथमपुर, मंडी गोबिंदगढ़, उदयपुर, जैसलमेर, वातवा, सिवान, बेगूसराय, जालोर, नागौर, राजसमंद आदि शहरों में पीएम10 से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इसी तरह कुछ शहरों में कार्बन और ओजोन से स्थिति खराब है।

इन शहरों के विपरीत देश के 43.1 फीसदी यानी 106 शहरों में हवा साफ है। इन साफ हवा वाले शहरों में ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्कमगलुरु, दमोह, दौसा, धौलपुर, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गडग, गजरौला, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हैदराबाद, झांसी, जींद, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, करनाल, क्योंझर, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मैहर, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला आदि शामिल हैं।

इसी तरह देश के 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक दर्ज की गई। इनमें अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, बद्दी, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भोपाल, बिलीपाड़ा, बोइसर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, कारवार, कटनी, खन्ना, खोरा, कोहिमा, कोटा, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीदीप, मेहसाणा, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नंदेसरी, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पानीपत, पटना, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया आदि शहर शामिल हैं।

इन शहरों के उलट आज देश के 25 शहरों में वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है।

इनमें बेगूसराय, भीलवाड़ा, भिवानी, बर्नीहाट (मेघालय), चरखी दादरी, चेन्नई, एलुरु, गुम्मिडीपूंडी, हिंगोली, जैसलमेर, जालोर, कैथल, खैरथल, मंडी गोबिंदगढ़, नागौर, पाली, पीथमपुर, राजसमंद, शामली, सिलीगुड़ी, सिवान, सोनीपत, टोंक, उदयपुर, वातवा आदि शामिल हैं।

क्या कहते हैं सरकारी आंकड़े

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक देश के 246 में से 106 शहरों में हवा 'बेहतर' है। 115 शहरों में वायु गुणवत्ता का स्तर 'संतोषजनक' (51-100 के बीच) रिकॉर्ड किया गया, गौरतलब है कि 06 अगस्त को यह आंकड़ा 131 दर्ज किया गया था।

25 शहरों में वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में (101-200 के बीच) बनी हुई है।

दूसरे शहरों की तुलना में आज हिंगोली में स्थिति सबसे ज्यादा खराब है, जहां वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 187 दर्ज किया गया, जो ‘मध्यम’ श्रेणी में आता है। वहीं कल (06 अगस्त) को हिंगोली में सूचकांक 93 दर्ज किया गया था। मतलब कि कल से प्रदूषण के स्तर में 94 अंकों का भारी इजाफा हुआ है।

इससे पहले कल भिवानी में स्थिति सबसे ज्यादा खराब थी, जब एक्यूआई 159 दर्ज किया गया था। हालांकि आज 2 अंकों के सुधार के साथ भिवानी में सूचकांक 157 पर पहुंच गया है। इसके साथ ही भिवानी में आज भी स्थिति मध्यम श्रेणी में बनी हुई है।

दिल्ली में कल से प्रदूषण में गिरावट आई है। दिल्ली में जहां कल एक्यूआई 74 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 63 पर पहुंच गया। मतलब की पिछले 24 घंटों में वहां वायु गुणवत्ता में 11 अंकों का सुधार आया है। इसके साथ ही दिल्ली में आज भी वायु गुणवत्ता संतोषजनक बनी हुई है।

दिल्ली की तरह ही फरीदाबाद में भी कल से प्रदूषण में कमी आई है। फरीदाबाद में जहां कल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 113 दर्ज किया गया था, जो आज घटकर 86 पर पहुंच गया। इसके साथ ही 27 अंको के सुधार के साथ फरीदाबाद में वायु गुणवत्ता मध्यम से संतोषजनक श्रेणी में पहुंच गई है।

प्रदूषण में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है। प्रदूषण के मामले में 07 अगस्त को भिवानी (157) चौथे स्थान पर है, वहीं बर्नीहाट (मेघालय) (181) दूसरे, जबकि पाली (169) तीसरे स्थान पर है। अन्य प्रमुख शहरों से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो ग्वालियर में इंडेक्स 54, गाजियाबाद में 60, गुवाहाटी में 39, गुरूग्राम में 77, नोएडा में 51, ग्रेटर नोएडा में 87 पर पहुंच गया है।

इसी तरह मुंबई में वायु गुणवत्ता सूचकांक 42 दर्ज किया गया, जो प्रदूषण के ‘बेहतर‘ स्तर को दर्शाता है, जबकि लखनऊ में यह इंडेक्स 49, चेन्नई में 128, चंडीगढ़ में 21, हैदराबाद में 45, जयपुर में 90 और पटना में 78 दर्ज किया गया।

इन शहरों में साफ रही हवा

देश के जिन 106 शहरों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 50 या उससे नीचे यानी 'बेहतर' रहा, उनमें अहमदनगर, आइजोल, अकोला, अमरावती (महाराष्ट्र), अररिया, आरा, औरंगाबाद (महाराष्ट्र), बदलापुर, बागपत, बहादुरगढ़, बल्लभगढ़, बारां, बारबिल, बरेली, बारीपाड़ा, बैरकपुर, बीड, बेलापुर, बेतिया, भरतपुर, भिलाई, भिवंडी, भुवनेश्वर, बिलासपुर, ब्रजराजनगर, बुलंदशहर, चामराजनगर, चंडीगढ़, चिक्कमगलुरु, दमोह, दौसा, धौलपुर, डोंबिवली, फतेहपुर सीकरी, फिरोजाबाद, गडग, गजरौला, गया, गुवाहाटी, हाजीपुर, हल्दिया, हैदराबाद, झांसी, जींद, काकीनाडा, कलबुर्गी, करौली, करनाल, क्योंझर, कोल्हापुर, कोलकाता, कोरबा, कुंजेमुरा, कुरनूल, कुरुक्षेत्र, लातूर, लखनऊ, मदिकेरी, मैहर, मानेसर, मथुरा, मेरठ, मिलुपारा, मीरा-भायंदर, मोदीनगर, मुरादाबाद, मुंबई, मुजफ्फरनगर, नागपुर, नाहरलागुन, नांदेड़, नासिक, नवी मुंबई, पंचगांव, पंचकुला, परभणी, पटियाला, पिंपरी-चिंचवाड़, प्रयागराज, पुडुचेरी, रायपुर, रायरंगपुर, राजमहेंद्रवरम, रामनगर, रतलाम, ऋषिकेश, रोहतक, राउरकेला, सागर, सहरसा, सांगली, शिलांग, शिवमोगा, सिलचर, सिंगरौली, सोलापुर, ठाणे, तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर, तिरुमाला, तुमडीह, उल्हासनगर, वापी, विरार, वृंदावन, यादगीर शामिल हैं।

वहीं अगरतला, आगरा, अहमदाबाद, अलवर, अमरावती (आंध्रप्रदेश), अंबाला, अंबरनाथ, अमृतसर, अनंतपुर, अंगुल, अंकलेश्वर, आसनसोल, बद्दी, बागलकोट, बालासोर, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बठिंडा, बेंगलुरु, भागलपुर, भावनगर, भिवाड़ी, भोपाल, बिलीपाड़ा, बोइसर, बूंदी, बर्नीहाट (असम), चंद्रपुर, छपरा, चित्तूर, चित्तौड़गढ़, चूरू, कटक, दिल्ली, देवास, धारूहेड़ा, धारवाड़, धुले, डूंगरपुर, दुर्गापुर, एलूर, फरीदाबाद, फतेहाबाद, गांधीनगर, गाजियाबाद, गोरखपुर, ग्रेटर नोएडा, गुंटूर, गुरुग्राम, ग्वालियर, हनुमानगढ़, हापुड़, हिसार, हावड़ा, इंदौर, जबलपुर, जयपुर, जालंधर, जलगांव, जलना, झालावाड़, झुंझुनू, जोधपुर, जोरापोखर, कडप्पा, कल्याण, कन्नूर, कानपुर, कारवार, कटनी, खन्ना, खोरा, कोहिमा, कोटा, मछलीपट्टनम, महाद, मालेगांव, मंडीदीप, मेहसाणा, मोतिहारी, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, मैसूरु, नागांव, नंदेसरी, नेल्लोर, नोएडा, पलवल, पंपोर, पानीपत, पटना, प्रतापगढ़, पुणे, पूर्णिया, रायबरेली, राजकोट, समस्तीपुर, सतारा, सतना, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, सिरसा, श्री गंगानगर, श्रीनगर, सूरत, टेन्सा, थूथुकुडी, तिरुपति, तुमकुरु, उज्जैन, वडोदरा, वाराणसी, विजयवाड़ा, विशाखापत्तनम आदि 115 शहरों में वायु गुणवत्ता संतोषजनक रही, जहां सूचकांक 51 से 100 के बीच दर्ज किया गया।

क्या दर्शाता है वायु गुणवत्ता सूचकांक

देश में वायु प्रदूषण के स्तर और वायु गुणवत्ता की स्थिति को आप इस सूचकांक से समझ सकते हैं जिसके अनुसार यदि हवा साफ है तो उसे इंडेक्स में 0 से 50 के बीच दर्शाया जाता है। इसके बाद वायु गुणवत्ता के संतोषजनक होने की स्थिति तब होती है जब सूचकांक 51 से 100 के बीच होती है।

इसी तरह 101-200 का मतलब है कि वायु प्रदूषण का स्तर माध्यम श्रेणी का है, जबकि 201 से 300 की बीच की स्थिति वायु गुणवत्ता की खराब स्थिति को दर्शाती है। वहीं यदि सूचकांक 301 से 400 के बीच दर्ज किया जाता है जैसा दिल्ली में अक्सर होता है तो वायु गुणवत्ता को बेहद खराब की श्रेणी में रखा जाता है।

यह वो स्थिति है जब वायु प्रदूषण का यह स्तर स्वास्थ्य को गंभीर और लम्बे समय के लिए नुकसान पहुंचा सकता है। इसके बाद 401 से 500 की केटेगरी आती है जिसमें वायु गुणवत्ता की स्थिति गंभीर बन जाती है।

ऐसी स्थिति होने पर वायु गुणवत्ता इतनी खराब हो जाती है कि वो स्वस्थ इंसान को भी नुकसान पहुंचा सकती है, जबकि पहले से ही बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए तो यह जानलेवा हो सकती है।

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