

उत्तराखंड में नैनीताल में वन एवं पारिस्थितिकी के बिगड़ते हालात पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने प्राधिकरणों को कड़ी फटकार लगाई है। एनजीटी ने नजूल जमीन पर अरोमा होटल के पास अवैध रूप से की गई पेड़ों की कटाई पर नैनीताल नगर निकाय के कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह दो महीनों के भीतर प्राथिमिकी (एफआईआर) दर्ज कर अपनी कार्रवाई रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में जमा करें।
वहीं, कुल 258 होटलों में 82 होटलों के पास उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के जरिए वैध अनुमति (सीसीए) न होने की रिपोर्ट पर एनजीटी ने कहा कि ऐसे होटल जिनके पास सीसीए नहीं है वह नहीं चलाए जा सकते।
न्यायमित्र और एडवोकेट आकाश वशिष्ठ की रिपोर्ट व नैनीताल में पेड़ों के कटाई की शिकायत की जांच के लिए बनाई गई संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट पर संज्ञान लेने के बाद एनजीटी ने 28 नवंबर, 2023 को उत्तराखंड के मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव , शहरी विभाग के प्रधान सचिव, डिवीजनल कमिश्नर कुमाउं, प्रधान मुख्य वन संरक्षक, नैनीताल नगर निकाय के कमिश्नर, उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण समिति को आदेश देते हुए कहा है कि पूर्व में दिए गए सभी आदेशों का पालन करते हुए रिपोर्ट दाखिल करें।
पीठ ने सभी प्राधिकरणओं को पेड़ों की कटाई, तीव्र ढलानों पर निर्माण, नैनी झील में बिना शोधन के सीवेज के डिस्चार्ज, बरसाती नालों को ढकने के मामला, ठोस कचरे का फैलाव, पेड़ों के कटाई पर निगरानी रखने के लिए बनाई गई समिति के निष्प्रभावी होने और पंगोट में पहाड़ों की कटाई को लेकर दो महीनों में कार्रवाई के साथ जवाब दाखिल करने को कहा है।
पीठ ने न्यायमित्र के जरिए उठाए गए मुद्दे पर नैनीताल के जिलाधिकारी और नगर निकाय कमिश्नर को आदेश दिया है कि वह सड़क किनारे फैले कूड़े-कचरे का उठान रोजाना और नियमित रूप से करवाएं। साथ ही न्यायमित्र आकाश वशिष्ठ के सुझाव पर नागरिकों की समस्याओं को सुनने के लिए एक कंट्रोल रूम और वेब पोर्टल बनाने का आदेश भी दिया है। पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर दो महीनों में एक्शन लिया जाए। ॉ
वहीं, इस मामले में न्यायमित्र आकाश वशिष्ठ ने कहा कि उत्तराखंड के सभी जिलों और फॉरेस्ट डिवीजन में पेड़ों के कटाई की निगरानी करने वाली समिति का गठन किया जाना चाहिए। वहीं, नॉन फॉरेस्ट लैंड में पेड़ों की कटाई के लिए जुर्माना 25 हजार है जो कि बढ़ाकर 50 हजार रुपए किया जाना चाहिए। ट्रिब्यूनल ने इस सिफारिश पर प्राधिकरणों को ध्यान देने के लिए कहा है।
नैनीताल के रहने विवेक वर्मा ने यह याचिका दाखिल की थी। मामले पर 20 फरवरी, 2024 को सुनवाई होगी।