
मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी ईरान के ऊपरी स्तरों पर चक्रवाती प्रसार के रूप में जारी है। वहीं एक और चक्रवाती प्रसार दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और इससे सटे इलाकों के निचले स्तरों पर बना हुआ है। इन मौसमी गतिविधियों के चलते 12 से 16 मार्च के दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
12 से 16 मार्च के दौरान उत्तराखंड में वज्रपात होने, गरज के साथ बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का अनुमान लगाया गया है। 14 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश तथा बर्फबारी हो सकती है, यहां 70 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव केवल पहाड़ी इलाकों तक सीमित नहीं रहेगा। बल्कि इसका असर इस बार उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी दिखेगा। आज, यानी 12 मार्च, 2025 को पंजाब, हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है। 13 और 14 मार्च को बारिश की तीव्रता में इजाफा होने की बात कही गई है। इस दौरान दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी गरज के साथ बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
13 से 15 मार्च के दौरान हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में, 15 मार्च को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे एनसीआर में होली से पहले ही गर्मी ने अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है। 11 मार्च को दिल्ली का अधिकतम तापमान बढ़कर 34.8 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग के आंकड़ों को देखें तो यह सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। तापमान सामान्य से 6.4 डिग्री अधिक रिकॉर्ड किया गया।
हालांकि होली के बाद तापमान में तीन से पांच डिग्री की गिरावट आने की संभावना जताई गई है। वहीं कल, यानी 11 मार्च, 2025 को न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई, जो 15.7 डिग्री के पर पहुंच गया। जो कि सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक है। जबकि हवा में नमी का स्तर 29 से 92 फीसदी रहा।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, आज, यानी 12 मार्च, 2025 को दिल्ली में हल्के बादल छाए रहेंगे। 20 से 30 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान लगाया गया है। अधिकतम तापमान के 34 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस तक रहने का पूर्वानुमान है।
मौसम विभाग की मानें तो दिल्ली व आसपास के हिस्सों में 13 से 15 मार्च तक गरज के साथ बूंदाबांदी हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान के 30 से 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान के 15 से 19 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि इसके बाद 16 और 17 मार्च को अधिकतम तापमान में कमी आने का पूर्वानुमान लगाया गया है। इस दौरान अधिकतम तापमान के 29 से 31 डिग्री और न्यूनतम 13 से 15 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव देखें तो निचले स्तरों में हवाओं की एक ट्रफ रेखा जारी है। इसके कारण 12 से 15 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश में बिजली गिरने तथा गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी होने की संभावना जताई गई है। वहीं आज, 12 मार्च को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में तेज हवाओं के साथ बारिश व बर्फबारी हो सकती है।
वहीं, 12 से 16 मार्च के दौरान नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 12 और 13 मार्च को असम और मेघालय में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
12 से 18 मार्च के दौरान अरुणाचल प्रदेश में तथा 13 मार्च को असम और मेघालय में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं, यहां 70 मिमी से उससे अधिक बारिश हो सकती है, जबकि 13 मार्च को अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं, अरुणाचल में बादलों के 120 मिमी या उससे अधिक बरसने की आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में भी मौसमी बदलाव देखने को मिल रहा है, यहां पूर्वी हवाओं के चलने और तमिलनाडु तट से दूर बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम में निचले इलाकों में हवाओं का एक ट्रफ जारी है। इसके कारण 12 मार्च को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, केरल और माहे, लक्षद्वीप में गरज के साथ बारिश व वज्रपात होने की आशंका जताई गई है।
वहीं आज, 12 मार्च को दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में बिजली गिरने तथा गरज के साथ हल्की मध्यम बारिश होने की संभावना है। वहीं आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है, इन राज्यों में 70 मिमी या उससे अधिक बरस सकते हैं बादल।
तापमान में उतार-चढ़ाव
आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव संबंधी मौसम का ताजा अपडेट देखें तो अगले 48 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है और उसके बाद धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।
वहीं अगले तीन से चार दिनों के दौरान मध्य भारत और महाराष्ट्र में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है इसी दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने का पूर्वानुमान है।
देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, सौराष्ट्र और कच्छ के भुज-रुद्रमाता मंर अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रहा।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
मौसम विभाग के मुताबिक, आज, 12 मार्च को गुजरात और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के कुछ इलाकों में लोगों को हीटवेव या लू का प्रकोप झेलना पड़ सकता है। वहीं, 13 और 14 मार्च को विदर्भ में, 13 से 15 मार्च के दौरान ओडिशा में लोगों को हीटवेव या लू से निजात मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। वहीं कल कल, यानी 11 मार्च को गुजरात के कई इलाकों में भीषण लू रिकॉर्ड की गई।
आज, 12 मार्च को कोंकण और तटीय कर्नाटक में गर्म और उमस भरे मौसम के बने रहने की आशंका जताई गई है।
समुद्र में हलचल
आज, दक्षिण केरल तट और उसके आसपास के लक्षद्वीप, मालदीव के इलाकों, कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी में 35 से 45 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार में तब्दील होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को इन इलाकों में मछली पकड़ने या किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए जाने से परहेज करने को कहा गया है।
कल कहां हुई बारिश व बर्फबारी?
कल, 11 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान-मुजफ्फराबाद में बारिश व बर्फबारी हुई। जबकि, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अधिकांश इलाकों तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में गरज के साथ बादल बरसे या बौछारें पड़ी।
कल कहां कितने बरसे बादल?
कल, 11 मार्च को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के नागपट्टिनम में 6 सेमी, पारंगीपेट्टाई में 5 सेमी, कराईकल, अतिरामपट्टिनम और कोयंबटूर हर जगह 3 सेमी, नुंगमबक्कम, तंजावुर और परमथी प्रत्येक जगह 2 सेमी बारिश दर्ज की गई।