कारवार में पारा 37 डिग्री पार, तटों पर गर्मी-उमस, पहाड़ों पर फिर 16 से बदलेगा मौसम

14 फरवरी, 2026 को जारी अपडेट में कहा गया है कि 17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश व बिजली गिरने की आशंका है।
16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना।
16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना।
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सारांश
  • 16 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ होगा सक्रिय, हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी, मैदानी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना।

  • 17 फरवरी को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान में हल्की बारिश और बिजली गिरने के आसार।

  • कारवार में अधिकतम तापमान 37 डिग्री पार, तटीय इलाकों में तेज गर्मी और उमस से लोगों को परेशानी बढ़ी।

  • अरुणाचल प्रदेश में 14 और 15 फरवरी को गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी।

  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बनने के संकेत, अंडमान-निकोबार क्षेत्र में तेज हवाएं और बारिश संभव।

फरवरी के मध्य में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है, जबकि कुछ मैदानी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। दक्षिण और तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने के आसार हैं।

उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 14 फरवरी, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा गया है कि उत्तर भारत के ऊपर इस समय तेज गति वाली उपोष्णकटिबंधीय पश्चिमी जेट धारा सक्रिय है। इसके कारण एक नया पश्चिमी विक्षोभ 16 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में बदलाव कर सकता है।

पश्चिमी विक्षोभ के चलते 16 से 18 फरवरी के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है

वहीं, हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में 15 फरवरी तक सुबह के समय घना कोहरा भी छाए रहने का अंदेशा है। इससे यातायात प्रभावित हो सकता है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर-पूर्व भारत में गरज-चमक के आसार

पूर्वोत्तर भारत में ऊपरी हवा में चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। इसके प्रभाव से 14 और 15 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ बारिश व वज्रपात होने की आशंका जताई गई है। लोगों को खुली जगहों पर रहने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

उत्तर-पश्चिमी मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश

पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों पर भी देखा जा सकता है, इसके चलते 17 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ मैदानी इलाकों में गरज के साथ हल्की बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इनमें पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तरी राजस्थान शामिल हैं। हालांकि यह बारिश बहुत अधिक नहीं होगी, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव महसूस किया जा सकता है।

अंडमान-निकोबार में बारिश की संभावना

दक्षिण-पूर्वी समुद्री इलाकों में बने चक्रवाती प्रसार के कारण 16 और 17 फरवरी को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के अलग-अलग इलाकों में गरज के साथ बारिश हो सकती है।

इसके अलावा बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों और भूमध्य रेखा के पास कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान है। इससे समुद्र में हवाएं तेज चल सकती हैं। हवाओं की रफ्तार के 35 से 45 किमी प्रति घंटे से 55 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग के द्वारा मछुआरों को समुद्र में जाने से पहले सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

तापमान में उतार-चढ़ाव

विभाग ने अपने पूर्वानुमान में बताया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 24 घंटों तक न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। मध्य भारत में भी अगले 24 घंटों तक कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद पांच दिनों में तापमान धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है।

महाराष्ट्र में अगले तीन दिनों तक न्यूनतम तापमान लगभग समान रहेगा, उसके बाद इसमें दो से तीन डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। जबकि, देश के बाकी हिस्सों में न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है।

अधिकतम तापमान की बात करें तो महाराष्ट्र और कर्नाटक के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों के दौरान अधिकतम तापमान दो से तीन डिग्री तक बढ़ सकता है। इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। इस बदलाव से दिन में हल्की गर्मी और बाद में कुछ राहत महसूस हो सकती है।

देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 13 फरवरी, 2026 को कर्नाटक के कारवार में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। जबकि कल, देश के मैदानी इलाकों में पश्चिम राजस्थान के सीकर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

तटीय इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम

तटीय कर्नाटक और कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बने रहने की आशंका जताई गई है। यहां दिन के समय तापमान अधिक महसूस हो सकता है और हवा में नमी अधिक रहने से असहजता बढ़ सकती है। लोगों को पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचने की सलाह दी गई है।

कुल मिलाकर, 14 से 18 फरवरी 2026 के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिलेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और बारिश, मैदानी इलाकों में हल्की वर्षा और गरज-चमक तथा दक्षिणी और तटीय क्षेत्रों में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा।

तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि होने की संभावना है, जिससे ठंड में कमी आ सकती है। मौसम में इन बदलावों को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।

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