

उत्तर भारत में आंधी-बारिश से गर्मी से राहत, कई राज्यों में तेज हवाओं, ओलावृष्टि और भारी बारिश का अलर्ट जारी।
दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में मौसम बदला, तापमान गिरा, विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना जताई।
दक्षिण और पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश जारी, किसानों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।
राजस्थान, मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में लू या हीटवेव जारी, जबकि अन्य क्षेत्रों में मौसम सुहावना हुआ।
दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ने की संभावना, कई राज्यों में अगले कुछ दिनों में बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी।
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और लू से लोगों को बड़ी राहत मिली है। पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण कई राज्यों में तेज आंधी-तूफान, बारिश और ओलावृष्टि देखने को मिल रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, 29 मई, 2026 को जारी बुलेटिन में कहा गया है कि आने वाले कुछ दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक जारी रहेगी।
उत्तर-पश्चिम भारत में तेज आंधी और भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में तेज आंधी और तूफान की चेतावनी दी गई है। कुछ जगहों पर हवा की गति 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
उत्तर प्रदेश और राजस्थान में धूल भरी आंधी आने की आशंका जताई गई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और पश्चिम उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले चार दिनों के बाद तापमान में फिर से धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि फिलहाल लोगों को गर्मी से राहत बनी रहेगी।
दिल्ली-एनसीआर में भीषण गर्मी से राहत
दिल्ली-एनसीआर में 28 मई की शाम मौसम अचानक बदल गया। तेज धूल भरी आंधी के बाद कई इलाकों में जोरदार बारिश हुई। इससे तापमान में करीब आठ से 10 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई। लंबे समय से चल रही गर्मी और लू या हीटवेव से परेशान लोगों को काफी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 30 मई तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
दक्षिण भारत में भी बारिश का असर
दक्षिण भारत के कई राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने वाला है। तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कुछ जगहों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
तमिलनाडु और केरल में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है, इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। मौसम विभाग ने कहा है कि उत्तर आंतरिक कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पूर्वी भारत में भी बदलेगा मौसम
बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। बिहार में 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी आने का अंदेशा है। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों और मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
मध्य भारत में ओलावृष्टि का खतरा
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में भी मौसम बदलने वाला है। यहां कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। तेज हवाओं के कारण फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
दक्षिण-पश्चिम मानसून पर नजर
मौसम विभाग ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
उत्तर भारत में 29 और 30 मई के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलेगी। हालांकि 31 मई से तीन जून के बीच तापमान में फिर से चार से छह डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में 29 मई से 3 जून के दौरान तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं पूर्वी भारत में 31 मई तक तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है। इसके बाद एक जून से तीन जून तक तापमान फिर से दो से तीन डिग्री सेल्सियस बढ़ सकता है।
मध्य महाराष्ट्र में 29 मई तक तापमान सामान्य बना रहेगा, जबकि 30 मई से तीन जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है। दक्षिण भारत के राज्यों में 29 मई से तीन जून तक तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक की कमी आने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार 28 मई 2026 को उत्तर प्रदेश के बांदा में सबसे अधिक 47.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं ओडिशा के क्योंझरगढ़ में मैदानी इलाकों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
कई राज्यों में लू या हीटवेव का असर जारी
हालांकि कई इलाकों में बारिश से राहत मिली है, लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी लू या हीटवेव का असर बना हुआ है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, विदर्भ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में गर्म हवाएं चलने के आसार हैं। जबकि पश्चिम राजस्थान में भीषण हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है।
तमिलनाडु और रायलसीमा में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन क्षेत्रों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है वहां किसान पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी कर लें। खुले में रखे अनाज को सुरक्षित स्थान पर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो।
सब्जियों, फलों और केले जैसी फसलों को तेज हवाओं से बचाने के लिए सहारा देने की सलाह दी गई है। खेतों में जलभराव न हो इसके लिए निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के दौरान कीटनाशक और उर्वरक का छिड़काव फिलहाल रोकने को कहा गया है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के समय पशुओं को खुले मैदान में नहीं छोड़ना चाहिए।
लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
मौसम विभाग ने कहा है कि लोग खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें। आंधी और बिजली गिरने के समय पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। यात्रा के दौरान मौसम की जानकारी जरूर लें। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल सकता है। इसलिए लोगों को नियमित रूप से मौसम विभाग की चेतावनियों और सलाह पर ध्यान देना चाहिए।