

उत्तराखंड में नौ से 14 अक्टूबर तक भारी बारिश का अलर्ट, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और तेज हवाओं की आशंका।
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की विदाई के बाद बारिश थमी, शुक्रवार को 34 डिग्री तापमान और आंशिक बादल छाए रहने का अनुमान।
केरल, तमिलनाडु और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की चेतावनी, कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में नौ और 10 तथा 13-14 अक्टूबर को बारिश, ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और बिजली गिरने का खतरा।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी, अगले तीन से चार दिनों में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों से मानसून विदा होने के आसार।
देश के कुछ हिस्सों में ऊपरी वायुमंडल में बना चक्रवाती परिसंचरण जारी है। जिसके चलते देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम इन दिनों विभिन्न रंग दिखा रहा है। कहीं पहाड़ों पर बर्फबारी से ठंड बढ़ने लगी है, तो कहीं बारिश और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर और लद्दाख में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
मौसम विभाग की ओर से आज, नौ अक्टूबर, 2026 को दक्षिण भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। दूसरी ओर, दिल्ली-एनसीआर में मानसून की विदाई के बाद बारिश लगभग थम गई है और अब दिन में धूप तथा हल्के बादलों का असर देखने को मिल रहा है।
दिल्ली में बारिश पर ब्रेक
दिल्ली-एनसीआर से मानसून की विदाई के बाद मौसम काफी हद तक शुष्क बना हुआ है। पिछले कुछ दिनों से राजधानी में कभी तेज धूप निकल रही है, तो कभी आसमान पर हल्के बादल छा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार, नौ अक्टूबर को दिल्ली में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे।
राजधानी का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। दिन के दौरान दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
पश्चिमी विक्षोभ का असर बरकरार
उत्तर पाकिस्तान और उसके आसपास के इलाकों में समुद्र तल से करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना पश्चिमी विक्षोभ अब भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव और कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश व बर्फबारी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
उत्तराखंड में भारी बारिश और बर्फबारी
पहाड़ी राज्यों में मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में आठ अक्टूबर को बर्फबारी दर्ज की गई। हेमकुंड साहिब और पिथौरागढ़ की ऊंची चोटियों पर बर्फ गिरी, जबकि निचले इलाकों में बारिश हुई। बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ों में तापमान गिर गया है और ठंड का असर बढ़ने लगा है।
इस बीच, बारिश के कारण बदरीनाथ हाईवे पर पागलनाला के पास रास्ता बंद होने की खबर है। सड़क खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं। हाईवे बंद होने से यात्री वाहन दोनों ओर फंसे हुए हैं और लोगों को रास्ता खुलने का इंतजार है।
मौसम विभाग ने उत्तराखंड में नौ से 14 अक्टूबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। पिथौरागढ़, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इन जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। करीब 4000 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। कुछ जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।
हिमाचल में बादल, ऊंचे पहाड़ों पर गिर सकती है बर्फ
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम का असर दिखाई देने लगा है। आज, नौ अक्टूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और लाहौल-स्पीति के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है। राज्य के अन्य जिलों में आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ सकती है।
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में बदलेगा मौसम
जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख में भी आने वाले दिनों में मौसम बदलने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, नो और 10 अक्टूबर के साथ 13 और 14 अक्टूबर को कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। डोडा, पुलवामा, अनंतनाग, पुंछ और श्रीनगर समेत कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम विभाग ने आज, केरल-माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान लगाया है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, बिहार, केरल-माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। आंध्र प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी बिजली चमकने तथा 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है।
पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी वज्रपात की चेतावनी है। आंध्र प्रदेश में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं, जबकि कोंकण और गोवा में उमस भरा मौसम परेशान कर सकता है।
कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से ज्यादा
देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है। विदर्भ में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में भी तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा।
आठ अक्टूबर को राजस्थान के पिलानी में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस रहा।
मानसून की वापसी जारी
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी लगातार हो रही है। इसकी वापसी रेखा सुपौल, रांची, सुंदरगढ़, हैदराबाद, बेलगावी और पणजी समेत कई स्थानों से गुजर रही है। अगले तीन से चार दिनों में पूर्वी भारत, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनती जा रही हैं।
कुल मिलाकर, देश में कहीं बारिश और बर्फबारी ठंड बढ़ा रही है, तो कहीं गर्मी और उमस का असर बना हुआ है। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना और खासकर पहाड़ी इलाकों में यात्रा के दौरान सावधानी बरतना जरूरी है।