

मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश के लिए येलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया है।
उत्तराखंड और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल-सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश के लिए रेड अलर्ट, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।
कई राज्यों में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान के श्रीगंगानगर में देश का सबसे अधिक गर्म 42.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया।
किसानों को खेतों से जल निकासी रखने, सिंचाई टालने और बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह।
देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग की और से आज सुबह, 19 जुलाई, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसूनी ट्रफ उत्तर भारत से पूर्वी भारत होते हुए उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
इसके साथ ही हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण तथा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से अगले कुछ समय तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।
इन राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा
मौसम विभाग के मुताबिक, आज उत्तराखंड तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, 19 जुलाई, 2026 को हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, झारखंड, ओडिशा, गुजरात, कोंकण-गोवा, केरल, तटीय कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य राज्यों में भी भारी बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां बादलों के 64.5 से 115.5 तक बरसे के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में जलभराव, स्थानीय बाढ़ और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई है।
कई राज्यों में आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, बारिश के साथ-साथ अगले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का अंदेशा है। तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, मराठवाड़ा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, तटीय कर्नाटक, पूर्वी राजस्थान, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
जबकि आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड तथा विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कई राज्यों में तापमान अब भी सामान्य से अधिक
बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, पश्चिम मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों में दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। राजस्थान के श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा।
जानें कहां-कहां हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। असम के चेरापूंजी में 150 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। जम्मू और कश्मीर के कटरा में 80 मिमी और बटोट में 40 मिमी बारिश हुई। बिहार के गया में 50 मिमी वर्षा दर्ज की गई। आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में इसी तरह की बारिश जारी रहने की संभावना है।
लोगों को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। जलभराव वाले रास्तों और नदियों-नालों के पास जाने से बचना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में रहने वाले लोगों को भूस्खलन और अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। तेज बारिश और बिजली गिरने के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। वाहन चालकों को भी बारिश के समय धीमी गति से वाहन चलाने और पूरी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए अहम सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भी मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी है। जिन इलाकों में भारी बारिश की आशंका है, वहां खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था पहले से कर लेनी चाहिए ताकि फसलों में जलभराव न हो। जहां अच्छी बारिश की संभावना है, वहां फिलहाल सिंचाई टालना बेहतर रहेगा।
पकी हुई फसलों की कटाई मौसम साफ रहने पर जल्द पूरी कर लेनी चाहिए। कटाई के बाद अनाज को सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें ताकि बारिश से नुकसान न हो। सब्जियों और बागवानी वाली फसलों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। तेज हवा की संभावना वाले क्षेत्रों में केले, गन्ने और अन्य ऊंची फसलों को सहारा देना लाभदायक रहेगा।
बारिश और तेज हवा के दौरान कीटनाशक तथा उर्वरकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए। लगातार नमी रहने से फसलों में फफूंद और अन्य रोग बढ़ सकते हैं, इसलिए किसान नियमित रूप से फसलों का निरीक्षण करें और आवश्यकता पड़ने पर कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार उचित प्रबंधन करें।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम लगातार सक्रिय रहेगा। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।
समय रहते सावधानी बरतने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। विशेष रूप से भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान सतर्क रहना सभी के लिए जरूरी है।