तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में बहुत भारी बारिश, 23 अक्टूबर से उत्तर भारत में भी बदलेगा मौसम

तमिलनाडु में अति भारी बारिश की आशंका, 23 अक्टूबर से पहाड़ों में बदलेगा मौसम, दिल्ली समेत मैदानी इलाकों में 24 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ बरस सकते हैं बादल
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट जारी, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

  • बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय, अगले 12 घंटों में कम दबाव क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान।

  • केरल, आंध्र प्रदेश और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश के आसार, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

  • 23 अक्टूबर से पहाड़ी राज्यों में मौसम बदलेगा, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में बारिश तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी संभव।

  • दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में 24 अक्टूबर को बारिश का अनुमान, बिजली गिरने और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल सकता है। कहीं बारिश और गरज-चमक लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है, तो कहीं तेज हवाओं के साथ मौसम सुहाना होने का अनुमान है। मौसम विभाग की ओर से आज, 21 अक्टूबर, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण भारत में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। वहीं, उत्तर भारत में 23 अक्टूबर से मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में 24 अक्टूबर को बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु के आसपास ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। यह समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके प्रभाव से अगले 12 घंटों में इसी क्षेत्र में एक नए कम दबाव क्षेत्र बनने का अंदेशा जताया गया है। इससे तमिलनाडु और आसपास के इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

दक्षिण भारत में भारी बारिश का खतरा

चक्रवाती परिसंचरण व कम दबाव के चलते आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

विभाग ने ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अचानक तेज बारिश से सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।

वहीं आज, आंध्र प्रदेश, केरल, माहे और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। वहीं, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। तेलंगाना, मध्य प्रदेश और लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में भी मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है।

कम दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) से बढ़ेगी मौसमी हलचल

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल उसी इलाके में बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला है। इसके अगले 12 घंटों के दौरान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और अपनी मौजूदा तीव्रता बनाए रखने के आसार हैं। इसके बाद यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आज, 21 अक्टूबर तक दबाव क्षेत्र के रूप में बना रह सकता है। 22 अक्टूबर को इसके पश्चिम-दक्षिण-पश्चिम दिशा में सोमालिया के तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।

इस मौसम प्रणाली के कारण दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है। यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक पहुंचने की आशंका है। समुद्र में जाने वाले मछुआरों और नाविकों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर गौर करने का सुझाव दिया गया है ।

देश के कई अन्य हिस्सों में भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। मौसम की इन प्रणालियों के कारण अलग-अलग इलाकों में बादल, बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

23 अक्टूबर से पहाड़ों में बदलेगा मौसम

उत्तर-पश्चिम भारत में फिलहाल किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन 23 अक्टूबर से जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 24 अक्टूबर से इसी तरह का मौसम बन सकता है।

दिल्ली-एनसीआर समेत मैदानी इलाकों पर नजर

24 अक्टूबर को हरियाणा, राजस्थान, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इस दौरान बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों में हवा की गति 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

कहीं गर्मी का असर, तो कहीं रात के तापमान में बढ़ोतरी

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया। तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी दिन का तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। इससे इन हिस्सों में लोगों को दिन के समय गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं, रात के तापमान में भी कई जगह असामान्य बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। असम और मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वी राजस्थान तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। ऐसे में इन इलाकों में रातें अपेक्षाकृत गर्म बनी रह सकती हैं।

राजकोट सबसे गर्म, मंडी में सबसे कम न्यूनतम तापमान

20 अक्टूबर 2026 को दर्ज तापमान के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के मंडी में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियों के साथ तापमान में भी स्थानीय स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

किसानों को भारी बारिश की आशंका वाले राज्यों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करनी चाहिए और कटी हुई फसल को सुरक्षित, ढके स्थान पर रखें। कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव तेज हवा या बारिश के दौरान न करें। आम लोग गरज-चमक के समय खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।

कुल मिलाकर, 21 से 24 अक्टूबर के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम करवट ले सकता है। दक्षिण भारत में भारी बारिश, जबकि उत्तर भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने, मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।

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