

देश के कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान, मौसम विभाग ने जारी किया ताजा पूर्वानुमान।
दिल्ली में बादलों की आवाजाही लगी रहने की संभावना, अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी, कई जगहों पर बढ़ी कड़ाके की ठंड।
केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार।
बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार, आने वाले दिनों में बदल सकता है मौसम।
देश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। पहाड़ी इलाकों में ताजा बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है, जबकि मैदानी हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 11 अक्टूबर 2026 के बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी जारी है।
अगले दो से तीन दिनों में पूर्वी भारत, प्रायद्वीपीय भारत के उत्तरी हिस्सों और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। वहीं, देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। जबकि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में रविवार को आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही लगी रहेगी। मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। दिन के समय 18 से 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
दिल्ली और आसपास के कुछ हिस्सों में 11 से 16 अक्टूबर के दौरान हल्की बारिश या बौछारें पड़ने का पूर्वानुमान है। हालांकि राजधानी के ज्यादातर इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने के आसार हैं। ऐसे में गर्मी का अहसास बना रह सकता है।
पहाड़ों पर बर्फबारी, माइनस में पहुंचा तापमान
हिमाचल प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से करीब 3.1 किमी की ऊंचाई पर पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है। इसके कारण पहाड़ी इलाकों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में देखने को मिल रहा है, जहां ताजा बर्फबारी हुई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश में शनिवार को बर्फ गिरी। समुद्र तल से करीब 14,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस इलाके में तीन से चार फीट तक बर्फ जमने की खबर है।
लगातार बर्फबारी के कारण यहां तापमान गिरकर शून्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया है। इससे इलाके में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। हिमाचल प्रदेश के रोहतांग, कुंजुम पास, बारालाचा और शिंकुला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में भी ताजा बर्फबारी दर्ज की गई है। जम्मू और कश्मीर के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में भी बर्फ गिरने की सूचना है।
कई राज्यों में बारिश और आंधी का अनुमान
मौसम विभाग ने 11 अक्टूबर को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा आसपास के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश तथा ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की आशंका जताई है। वहीं 11 से 16 अक्टूबर के बीच पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी रविवार को बारिश होने का अनुमान है।
पश्चिमी राजस्थान में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। यहां हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी से लेकर 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।
दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और लक्षद्वीप के कुछ इलाकों में बिजली चमकने, गरज के साथ बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश, झारखंड और ओडिशा में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत के नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ हिस्सों में बिजली गिरने की आशंका है।
कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक
देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र के मध्य भागों, मराठवाड़ा, तेलंगाना, रायलसीमा और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा।
वहीं, असम और मेघालय, पश्चिमी उत्तर प्रदेश तथा पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया। देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 38.8 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के पिलानी में दर्ज हुआ। वहीं, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज किया गया।
विभाग ने आज, अपने ताजा अपडेट में तटीय कर्नाटक, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों में मौसम के गर्म और उमस भरे रहने का अंदेशा जताया है। इससे लोगों को गर्मी के साथ चिपचिपी उमस का सामना करना पड़ सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बनेगा कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार, मलक्का जलडमरूमध्य के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण अगले 24 घंटों में अंडमान सागर में पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से 13 अक्टूबर के आसपास दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने का अंदेशा है। इससे आगे मौसम में बदलाव हो सकता है।
फिलहाल देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवाओं और बर्फबारी का दौर जारी रहने का अनुमान है। पहाड़ी इलाकों में जाने वाले पर्यटकों को ठंड और बर्फबारी को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।