

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत, 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान बनने की आशंका, आंध्र तट को करेगा पार।
केरल, लक्षद्वीप और तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में तेज हवाएं चलने के आसार।
अंडमान-निकोबार और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश की आशंका, गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा।
पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तराखंड, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर में बारिश, ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से बढ़ेगी ठंड।
दिल्ली में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, अधिकतम तापमान 33 डिग्री तक पहुंचने का पूर्वानुमान।
देश के अलग-अलग इलाकों में मौसम के विभिन्न रंग देखने को मिल रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र अब मजबूत गया है। इसके आज ही डिप्रेशन में तब्दील होने के आसार हैं। मौसम विभाग की ओर से 24 अक्टूबर, 2026 को जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, यह प्रणाली अगले कुछ दिनों में और ताकतवर होकर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है।
इसके कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों, तमिलनाडु, केरल और अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह में भारी बारिश, तेज हवाओं और गरज-चमक का खतरा बना हुआ है। वहीं, उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है।
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने का अंदेशा
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र 24 अक्टूबर की सुबह पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर और मजबूत हो गया है। इसके आज ही डिप्रेशन में बदलने के आसार हैं। इसके बाद 25 अक्टूबर को यह डीप डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है, जबकि 26 अक्टूबर की सुबह तक इसके चक्रवाती तूफान बनने की आशंका जताई गई है।
यह मौसम प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 28 अक्टूबर की सुबह के आसपास आंध्र प्रदेश के तट के नजदीक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंच सकती है। प्रणाली के लगातार मजबूत होने से समुद्र में हलचल बढ़ने और तटीय इलाकों में मौसम बिगड़ने की आशंका है।
कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवाती परिसंचरण बढ़ाएंगे बारिश
दक्षिण भारत में बारिश की एक बड़ी वजह दक्षिण-पूर्वी अरब सागर और लक्षद्वीप के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र भी है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 5.8 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। इसके अलावा, इस परिसंचरण से जुड़ा एक ट्रफ केरल से होते हुए उत्तर तमिलनाडु के तटीय इलाकों तक फैला है। यह समुद्र से नमी खींचकर बादलों के निर्माण और बारिश की गतिविधियों को बढ़ावा दे सकता है।
मौसम विभाग ने आज, 24 अक्टूबर, 2026 को केरल और माहे, लक्षद्वीप तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन सभी राज्यों में बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह तथा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है। विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
आंध्र प्रदेश और तटीय इलाकों में तेज हवाओं का खतरा
आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज सतही हवाएं चल सकती हैं। तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और अंडमान-निकोबार में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। केरल, कर्नाटक और कोंकण-गोवा के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक और तेज हवाओं की आशंका है।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह
बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान को देखते हुए समुद्र के ऊपर मौसम खराब रहने की आशंका है। पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तथा अंडमान द्वीपसमूह के आसपास 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं। तूफानी गतिविधि को देखते हुए विभाग ने मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है।
पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों पर बदलेगा मौसम
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने की दूसरी वजह पश्चिमी विक्षोभ है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है।
विक्षोभ को देखते हुए आज, उत्तराखंड के सात जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश के कुछ जिलों में आज और कल बारिश या हिमपात होने के आसार हैं। जम्मू और कश्मीर में भी बारिश के साथ ऊंचे पहाड़ी इलाकों में बर्फ गिर सकती है। इससे पहाड़ों में ठंड बढ़ने के आसार हैं।
वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों की बात करें तो मौसम विभाग ने आज, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़ में गरज के साथ बौछारें पड़ने, वज्रपात होने तथा 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका जताई है।
दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है, लेकिन बारिश की संभावना बहुत कम है। विभाग ने यहां भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया है। अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
इस बीच, 23 अक्टूबर, 2026 को गुजरात के राजकोट में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस हिमाचल प्रदेश के मंडी में दर्ज हुआ।
कुल मिलाकर, बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान बनने की आशंका, दक्षिण भारत में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र और उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम अलग-अलग रंग दिखाने वाला है। तटीय और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखनी चाहिए।