कुछ राज्यों में आफत बनकर बरस रहा है मानसून, जानें कहां है रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट

देशभर में मानसून हुआ सक्रिय, कई राज्यों में बारिश के लिए रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी, आंधी और तेज हवाओं की भी चेतावनी, लोगों व किसानों को सतर्क रहने की सलाह
आज बारिश के लिए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
आज बारिश के लिए उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है।
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सारांश
  • देशभर में मानसून पूरी तरह सक्रिय, कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं का अलर्ट जारी।

  • उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में रेड अलर्ट, जबकि कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया।

  • मुंबई, गुजरात समेत कई शहरों में बारिश से जनजीवन प्रभावित, जलभराव, यातायात बाधित और तेज हवाओं की चेतावनी जारी।

  • मध्य प्रदेश के ऊपर सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र और मौसमी ट्रफ के कारण कई राज्यों में लगातार बारिश का पूर्वानुमान।

  • मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने, जलभराव से बचने तथा मौसम के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी।

देश के अधिकतर इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून पहुंच गया है और पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, आठ जुलाई, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा अब राजस्थान, हरियाणा और पंजाब तक पहुंच गई है। अगले दो से तीन दिनों में मानसून के देश के शेष हिस्सों में भी पहुंचने की संभावना है। इसके साथ ही कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी, बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मध्य भारत में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग ने अपने बुलेटिन में कहा है कि उत्तर-पश्चिम मध्य प्रदेश और दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास बना कम दबाव का क्षेत्र अभी भी सक्रिय है। इससे जुड़े चक्रवाती परिसंचरण का असर कई राज्यों में देखा जा रहा है। हालांकि इसके अगले 12 घंटों में कमजोर पड़ने की संभावना है। इसके बावजूद मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है।

स्रोत : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

मौसमी ट्रफ भी राजस्थान से होते हुए मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है। इसके कारण कई राज्यों में लगातार बारिश की स्थिति बनी हुई है।

उत्तर भारत में बारिश का दौर

दिल्ली-एनसीआर में आज, बुधवार, आठ जुलाई को सुबह से रुक-रुक कर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। तेज हवा के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। कई जगहों पर हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर तथा कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

वहीं आज, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर समेत इन राज्यों में विभाग ने बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक पानी बरस सकता है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित

देश के विभिन्न हिस्सों और मुंबई तथा आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। कई सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। कई स्थानों पर पेड़ गिरने, दीवारें और होर्डिंग गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। तेज बारिश के कारण लोगों को रोजमर्रा के कार्यों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने आज भी यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। विभाग ने यहां बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से ज्यादा बारिश हो सकती है।

वहीं आज, आठ जुलाई, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, गुजरात, पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश, कोंकण और गोवा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा बिहार, केरल, विदर्भ, सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

आंधी, बिजली और तेज हवाओं का भी खतरा

मौसम विभाग ने कहा है कि आज, बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गरज के साथ बिजली चमकने और तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। गुजरात, कर्नाटक, तेलंगाना तथा तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में भी तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है।

समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब बना हुआ है। उत्तर कोंकण तट और आसपास के समुद्री इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं में और इजाफा होकर 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका है। गुजरात, गोवा, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों में भी समुद्र के उग्र रहने का अंदेशा जताया गया है।

बंगाल की खाड़ी में ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास भी तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

तापमान में बदलाव

मंगलवार, सात जुलाई, 2026 को राजस्थान के श्रीगंगानगर में सबसे अधिक 42.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में महाराष्ट्र के यवतमाल में सबसे कम 15.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में तापमान में और गिरावट आने की संभावना है तथा लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

लोगों और किसानों के लिए सुझाव

लगातार बारिश और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान बिजली के खंभों, बड़े पेड़ों और कमजोर दीवारों से दूर रहना सुरक्षित रहेगा। यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी अवश्य लें।

किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसलों में जलभराव न हो। जिन फसलों की कटाई हो चुकी है, उन्हें सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें। बारिश के दौरान कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव नहीं करना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और उनके लिए चारे तथा साफ पानी की व्यवस्था बनाए रखें। ऊंची फसलों को सहारा देने से तेज हवा से होने वाले नुकसान को कम किया जा सकता है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें। जिन क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

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