

मानसून अगले दो-तीन दिनों में महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
केरल-माहे में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, जबकि तटीय कर्नाटक और तमिलनाडु में ऑरेंज अलर्ट जारी।
असम-मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी, पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी येलो अलर्ट जारी।
दिल्ली समेत कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान, कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान की चेतावनी।
हरियाणा का रोहतक 43.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि हाफलोंग सबसे ठंडा दर्ज हुआ।
देश के विभिन्न भागों में मौसम तेजी से बदल रहा है। एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ जम्मू और आसपास के इलाकों पर बना हुआ है, जबकि ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण भी कई हिस्सों में प्रभावी है। दक्षिण-पश्चिम मानसून भी लगातार आगे बढ़ रहा है। इन मौसमीय प्रणालियों के कारण आने वाले दिनों में देश के अनेक राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, छह जून, 2026 को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले दो से तीन दिनों में मानसून मध्य अरब सागर, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, गोवा, तमिलनाडु, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तथा पूर्वोत्तर भारत के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
मानसून के चलते केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका व्यक्त की गई है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने बारिश के लिए यहां रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, तटीय कर्नाटक तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा कोंकण और गोवा, आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना और रायलसीमा में भी भारी बारिश होने की संभावना है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादलों के बरसने के आसार हैं। बारिश के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत में भी बरसेंगे बादल
वहीं, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन दोनों राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। यहां भी मौसम विभाग ने बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है। इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने पहाड़ी हिस्सों में भूस्खलन और सड़क अवरोध जैसी समस्याएं उत्पन्न होने की आशंका जाहिर की है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार
मौसम विभाग ने बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, राजस्थान और पश्चिम मध्य प्रदेश में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की चेतावनी दी है।
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, तेलंगाना, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और जम्मू और कश्मीर सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान में उतार-चढ़ाव की संभावना
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। हालांकि छह जून से 11 जून के बीच इस क्षेत्र के कुछ हिस्सों में तापमान में तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
मध्य भारत में सात जून तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है। इसके बाद आठ जून से 11 जून के दौरान तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि हो सकती है।
महाराष्ट्र में सात जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है। इसके बाद 11 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने का अनुमान नहीं है। देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 11 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है।
रोहतक रहा सबसे गर्म, हाफलोंग सबसे ठंडा
पांच जून, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में हरियाणा के रोहतक में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 17.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम रहा।
हीटवेव और उमस से भी राहत नहीं
जहां एक ओर कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है, वहीं आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में लू या हीटवेव चलने का अंदेशा जताया गया है। ओडिशा में गर्म और उमस भरा मौसम लोगों को परेशान कर सकता है।
किसानों के लिए अहम सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को भारी बारिश वाले राज्यों में खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है। जिन फसलों की कटाई तैयार है, उन्हें जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाना चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के दौरान कीटनाशकों तथा उर्वरकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार नमी के कारण फसलों में रोगों का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए किसान नियमित निगरानी बनाए रखें।
तटीय कर्नाटक में हुई भारी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान तटीय कर्नाटक के अधिकतर इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई। दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु (बाजपे) में 90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के बागडोगरा में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है। मानसून की सक्रियता के साथ आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम और अधिक प्रभावी होने की संभावना है।