मौसम अपडेट: मानसून की विदाई के बीच पारे में उछाल, दबाव से कई राज्यों में भारी बारिश

जैसलमेर में पारा 40 डिग्री पार, बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ कम दबाव का क्षेत्र; कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में तब्दील, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश बढ़ेगी।
बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में तब्दील, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश बढ़ेगी।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • मानसून की वापसी शुरू, राजस्थान, पंजाब और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में मौसम के शुष्क रहने का पूर्वानुमान।

  • बंगाल की खाड़ी में कम दबाव हुआ और मजबूत, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा में बारिश बढ़ेगी।

  • कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान, कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की।

  • दिल्ली-एनसीआर में मौसम शुष्क रहेगा, तापमान 36 डिग्री तक पहुंच सकता है और दिन में गर्मी बढ़ने के आसार जताए गए हैं।

  • समुद्र में तेज हवाओं का खतरा, मछुआरों को बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की सलाह।

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने वाला है। दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तर-पश्चिम भारत से वापसी शुरू हो गई है। मौसम विभाग की ओर से आज, 21 सितंबर, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले दो से तीन दिनों में राजस्थान के कुछ और हिस्सों के साथ पंजाब तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों से भी मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके कारण दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ कम दबाव का क्षेत्र

बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए अब अच्छी तरह से कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील गया है। 21 सितंबर 2026 की सुबह 5:30 बजे यह पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित था।

इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 7.6 किमी की ऊंचाई तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, यह प्रणाली अगले 24 घंटों में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर डिप्रेशन में बदल सकती है। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके डीप डिप्रेशन में बदलने का अंदेशा है।

इसके बाद यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 23 सितंबर की सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट के पास पहुंच सकती है।

इस मौसम प्रणाली के कारण तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के आसपास बारिश और तेज हवाओं का असर बढ़ सकता है। समुद्र में भी स्थिति खराब रहने का अंदेशा जताया गया है।

कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने आज, 21 सितंबर, 2026 को अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

इसके अलावा ओडिशा, झारखंड, रायलसीमा, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी आंधी और बिजली गिरने की आशंका है

वहीं आज, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, केरल, कोंकण और गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र तथा पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में मौसम रहेगा सूखा

राजधानी दिल्ली और एनसीआर में आने वाले दिनों में मौसम के मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। सोमवार सुबह से आसमान साफ दिखाई दे रहा है, हालांकि दिन में कुछ समय के लिए आंशिक बादल छा सकते हैं। बारिश की संभावना बहुत कम है।

दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। सुबह के समय उत्तर-पूर्व दिशा से 10 से 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। मानसून की वापसी के साथ दिल्ली में दिन के समय गर्मी फिर महसूस हो सकती है।

समुद्र में जाने वाले मछुआरों के लिए चेतावनी

बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है। अरब सागर में सोमालिया के तट के आसपास 45 से 55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है, इनकी रफ्तार बढ़ कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

वहीं, बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में भी 45 से 55 किमी प्रति घंटे की दर से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। कुछ हिस्सों में हवा की रफ्तार 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंचन सकती है। अंडमान सागर, दक्षिण म्यांमार के तट और मन्नार की खाड़ी के आसपास भी तेज हवाओं और खराब मौसम की चेतावनी है। ऐसे में मछुआरों को मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना चाहिए और संवेदनशील समुद्री इलाकों में जाने से बचना चाहिए।

तापमान भी बढ़ा रहा चिंता

देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। राजस्थान के जैसलमेर में अधिकतम तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो देश में सबसे अधिक रहा। वहीं असम के हाफलोंग में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

वहीं, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5 डिग्री से अधिक रहा। असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में रात का तापमान भी सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस, यानी काफी अधिक रहा।

किसानों और लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

बारिश वाले इलाकों के किसानों को मौसम पर नजर रखनी चाहिए और खेतों में पानी जमा होने से रोकने के लिए उचित जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए। तेज हवा और बारिश से तैयार फसल, अनाज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित रखना जरूरी है। आंधी या बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। बारिश के दौरान खाद और कीटनाशकों का छिड़काव भी नहीं करना चाहिए।

लोगों को तेज धूप में पर्याप्त पानी पीना चाहिए और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए। मछुआरों को खराब मौसम वाले समुद्री इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। सभी लोगों को अपने क्षेत्र की ताजा मौसम चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार सावधानी बरतनी चाहिए।

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