

बंगाल की खाड़ी में नया कम दबाव क्षेत्र होगा मजबूत, 31 अक्टूबर को डिप्रेशन में तब्दील होने के आसार, आंध्र प्रदेश की ओर बढ़ने की आशंका।
बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा, कुछ इलाकों में अत्यंत भारी वर्षा की चेतावनी, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट।
पश्चिमी विक्षोभ व ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर-पश्चिम भारत में बदलेगा मौसम, राजस्थान, पंजाब व उत्तराखंड में आंधी-बारिश का अनुमान।
दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और चंडीगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश, ओलावृष्टि और 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के आसार।
चक्रवाती तूफान अर्नब का अवशेष कमजोर होकर छत्तीसगढ़-ओडिशा में बना कम दबाव क्षेत्र, अंडमान सागर में तेज हवाओं का अलर्ट जारी।
देश के अलग-अलग हिस्सों में इन दिनों एक साथ कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। कहीं चक्रवाती तूफान का असर कमजोर पड़ रहा है, तो कहीं बंगाल की खाड़ी में एक नई तूफानी प्रणाली आकार ले रही है। मौसम विभाग के द्वारा आज, 30 अक्टूबर, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर में बना कम दबाव का क्षेत्र अगले दो दिनों में डिप्रेशन का रूप ले सकता है।
दूसरी ओर, बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी दी गई है।
बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवात की आशंका
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण अंडमान सागर और आसपास के समुद्री इलाके में बना कम दबाव का क्षेत्र फिलहाल उसी जगह पर बना हुआ है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। 31 अक्टूबर के आसपास यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और अंडमान-निकोबार के आसपास डिप्रेशन में तब्दील हो सकता है। इसके बाद यह मौसमी प्रणाली और ताकतवर होकर अगले दो दिनों तक पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ सकती है। इससे आने वाले दिनों में तटीय इलाकों के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
यह प्रणाली आगे चलकर डीप डिप्रेशन का रूप ले सकती है और फिर चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है। हालांकि फिलहाल मौसम विभाग ने इसके डिप्रेशन बनने और फिर और तीव्र होने का पूर्वानुमान लगाया है। ऐसे में समुद्र में मछली पकड़ने वाले लोगों और जहाजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
चक्रवाती तूफान अर्नब का अवशेष हुआ और कमजोर
इधर, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान 'अर्नब' का अवशेष अब उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के इलाकों में पहुंच गया है। इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ने और अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर छत्तीसगढ़ तथा आसपास के इलाकों में कमजोर होकर सामान्य कम दबाव क्षेत्र में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
बिहार में अत्यंत भारी, जबकि पांच से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अंदेशा
बारिश के लिहाज से बिहार पर मौसम विभाग की खास नजर है। राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जिलों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। विभाग ने बिहार में बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। यहां 204.5 मिमी से ज्यादा बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी इलाकों और सिक्किम के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया। अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी तेज बारिश के आसार हैं। इन सभी राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं मौसम विभाग ने आज, झारखंड में भी भारी बारिश की आशंका जताई है। झारखंड में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
उत्तर-पश्चिम भारत में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
उत्तर पाकिस्तान और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके साथ मध्य और ऊपरी क्षोभमंडल में पश्चिमी हवाओं के बीच एक ट्रफ भी बनी हुई है। वहीं, दक्षिण पंजाब और आसपास के इलाकों में ऊंचाई पर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। इन मौसमी प्रणालियों के मेल से उत्तर-पश्चिम भारत में बादलों की आवाजाही, गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश तथा ऊंचाई वाले हिस्सों में बर्फबारी हो सकती है। उत्तराखंड में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने बारिश के साथ-साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया है। वहीं, आज पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है ।
राजधानी दिल्ली समेत हरियाणा, चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मौसम ने करवट ले ली है। इन राज्यों में रात से ही झमाझम बारिश का दौर जारी है। विभाग ने यहां गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि और कुछ हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका जताई है।
वहीं, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान, पंजाब तथा जम्मू और कश्मीर में भी बिजली चमकने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। हिमाचल प्रदेश में भी वज्रपात की आशंका जताई गई है।
समुद्र में तेज हवाएं, मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह
कम दबाव के चलते अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में आज, 30 अक्टूबर को मौसम के खराब रहने की आशंका है। यहां 40 से 50 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने का अंदेशा है। समुद्र में हलचल बढ़ने के कारण मछुआरों को सावधानी बरतने और मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
राजकोट सबसे गर्म, ऊना सबसे ठंडा
तापमान के मोर्चे पर देश में अलग-अलग तस्वीर देखने को मिली। 29 अक्टूबर को गुजरात के राजकोट में अधिकतम तापमान 38.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मैदानी इलाकों में सबसे अधिक रहा। वहीं मैदानी इलाकों में हिमाचल प्रदेश के ऊना में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर, देश में अगले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी हलचल भरे रहने वाले हैं। पूर्वी भारत में भारी बारिश, बंगाल की खाड़ी में नए चक्रवाती प्रणाली और उत्तर भारत में आंधी-ओलावृष्टि की आशंका के बीच लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।