
देश के कई हिस्सों में तापमान में लगातार इजाफा हो रहा है। कल, 10 मार्च को गुजरात के कई इलाकों और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया। वहीं कल, ओडिशा, विदर्भ, कोंकण और गोवा के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
कल, गुजरात के कई इलाकों और राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच से आठ डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, आज, यानी 11 मार्च, 2025 को भी गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान के 42 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहने की आशंका है।
वहीं कल,10 मार्च को मध्य प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, भारत के दक्षिणी प्रायद्वीप के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस, जबकि झारखंड, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
वहीं, देश भर में अधिकतम और न्यूनतम तापमान की बात करें तो कल, 10 मार्च, 2025 को सौराष्ट्र और कच्छ के भुज-रुद्रमाता में अधिकतम तापमान 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं कल, देश के मैदानी इलाकों में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में न्यूनतम तापमान 10.0 डिग्री सेल्सियस रहा।
आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो, अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं। इसी दौरान मध्य भारत में भी अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है।
अगले दो दिनों के दौरान गुजरात में बढ़ते अधिकतम तापमान से कोई राहत मिलने के आसार नहीं हैं, हालांकि उसके बाद के तीन दिनों के दौरान दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने से गर्मी से थोड़ा राहत मिल सकती है।
वहीं, अगले चार दिनों के दौरान पूर्वी भारत में अधिकतम तापमान में तीन से चार डिग्री सेल्सियस और महाराष्ट्र और तेलंगाना में धीरे -धीरे दो से चार डिग्री सेल्सियस की उछाल आने का अनुमान है।
कहां रहेगा गर्म व उमस भरा मौसम, कहां चलेगी हीटवेव?
बढ़ते तापमान की वजह से आज, यानी 11 मार्च, 2025 को कोंकण और गोवा तथा केरल और माहे में गर्म और उमस भरे मौसम से निजात मिलने के आसार नहीं हैं।
वहीं आज, गुजरात के कई इलाकों में भीषण हीटवेव या लू चलने की आशंका जताई गई है। आज, राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में भी चलेगी लू, जबकि विदर्भ के अलग-अलग इलाकों में भी लोगों को हीटवेव या लू का प्रकोप झेलना पड़ सकता है।
कल, यानी 10 मार्च को सौराष्ट्र और कच्छ के कई इलाकों में लोगों को प्रचंड लू से दो चार होना पड़ा।
कहां बरसेंगे बादल, कहां होगी बर्फबारी?
पूर्वोत्तर भारत में मौसमी बदलाव के पीछे असम के निचले स्तरों पर एक चक्रवाती प्रसार का जारी रहना बताया जा रहा है। इसके कारण अरुणाचल प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तूफानी हवाओं के साथ बादलों के जमकर बरसने तथा वज्रपात की आशंका जताई गई है, यहां 70 मिमी या उससे अधिक बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि 11 से 14 मार्च, 2025 के दौरान असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश व बर्फबारी तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
11 से 13 मार्च के दौरान उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में गरज के साथ बारिश व वज्रपात होने के आसार हैं।
दक्षिण भारत में लगातार पूर्वी हवाओं का चलना जारी है, जिसकी वजह से आज, यानी 11 मार्च, 2025 को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में बिजली गिरने तथा गरज के साथ भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, इन राज्यों में 120 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
जबकि केरल और माहे में आज भारी बारिश हो सकती है, यहां बादलों के 70 मिमी या उससे अधिक बरसने का अनुमान लगाया गया है।
मौसम विभाग के द्वारा जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अगले एक हफ्ते के दौरान अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहेगा।
उत्तर-पश्चिम भारत में एक बार कल से फिर मौसम करवट बदल सकता है, मौसम विभाग की मानें तो कल, यानी 12 मार्च, 2025 की रात से एक नया पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होकर मौसम में बदलाव करने के आसार हैं। इसकी वजह से 12 से 14 मार्च के दौरान जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित, बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद और हिमाचल प्रदेश में बिजली गिरने तथा गरज के साथ हल्की बारिश व बर्फबारी होने का अनुमान है।
इसी दौरान उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में वज्रपात होने तथा गरज के साथ बारिश व ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने का पूर्वानुमान है।
समुद्र से दूर रहने की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार आज, दक्षिण केरल तट और उससे सटे लक्षद्वीप क्षेत्र, कोमोरिन क्षेत्र, मन्नार की खाड़ी, दक्षिण तमिलनाडु तट पर 35 से 45 किमी प्रति घंटे की गति से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने के आसार हैं।
मौसम विभाग ने उपरोक्त तूफानी गतिविधि को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए न जाने की चेतावनी जारी की है।
कल कहां हुई बारिश व बर्फबारी?
कल, 10 मार्च को जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कई इलाकों में बर्फबारी दर्ज की गई। वहीं कल, कुपवाड़ा में 1 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।