अभी यूं ही तड़पाएगी गर्मी, 29 मई से तापमान में 6 से 8 डिग्री गिरावट की उम्मीद

पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ व पश्चिम राजस्थान में भीषण लू, असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश
28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है, 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री आने का पूर्वानुमान है
28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है, 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री आने का पूर्वानुमान है
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सारांश
  • उत्तर भारत में भीषण गर्मी जारी, दिल्ली समेत कई राज्यों में लू का कहर, 29 मई से तापमान गिरने की उम्मीद।

  • हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में भीषण लू, मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी।

  • असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश, कई इलाकों में जलभराव और तेज हवाओं की चेतावनी जारी।

  • नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से 28-29 मई को उत्तर भारत में आंधी, बारिश और तेज हवाएं, गर्मी से राहत मिलने की संभावना।

  • मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश बढ़ने के आसार, किसानों को सतर्क रहने की सलाह।

दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में इस समय भीषण गर्मी का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार 28 मई तक उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में तापमान में कोई बड़ी कमी आने की संभावना नहीं है। इसके बाद 29 से 31 मई के बीच तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है।

हालांकि यह राहत पूरी तरह से नहीं होगी, क्योंकि ‘नौतपा’ का असर अभी खत्म नहीं हुआ है। नौतपा अर्थात साल के वे नौ सबसे गर्म दिन होते हैं। यह अवधि मई के अंत में शुरू होकर जून के पहले सप्ताह तक की होती है। इस समय सूर्य भूमध्य रेखा के काफी करीब होता है और कर्क रेखा की ओर बढ़ता है, जिसके कारण मैदानी इलाकों का तापमान 45 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।

दूसरी ओर एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ जारी है, साथ ही 28 मई, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तर-पश्चिमी भारत के कई राज्यों में धूल भरी आंधी, हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना भी जताई गई है।

फिलहाल 28 मई तक देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तराखंड और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में लू या हीटवेव चलने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

वहीं पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, विदर्भ और पश्चिम राजस्थान में भीषण लू चलने का अंदेशा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन इलाकों में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है। दोपहर के समय बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

वहीं पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, कोंकण-गोवा, सौराष्ट्र-कच्छ और तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा कराईकल के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम के बने रहने की आशंका है। उमस के कारण लोगों को अधिक पसीना और बेचैनी महसूस हो सकती है। समुद्री क्षेत्रों में नमी बढ़ने से गर्मी और ज्यादा परेशान करेगी।

जबकि, मध्य प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और विदर्भ के कुछ इलाकों में रात के समय भी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में ‘वार्म नाइट’ की स्थिति रहने की आशंका जताई है। इसका मतलब है कि रात का तापमान सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लोगों को नींद और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

क्या दिल्ली-एनसीआर में भीषण लू से मिलेगी राहत?

दिल्ली-एनसीआर में 26 और 27 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग ने भीषण लू के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 29 से 32 डिग्री के बीच रहने का पूर्वानुमान है। दिनभर आसमान साफ रहेगा, जिससे धूप और ज्यादा तेज महसूस होगी। गर्म हवाओं के कारण लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने में परेशानी हो सकती है।

विभाग ने अपने पूर्वानुमान में कहा है कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते 28 और 29 मई को पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में; 28, 30 और 31 मई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में; और 28 तथा 31 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गरज के साथ बारिश व 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के 70 किमी प्रति घंटे में तब्दील होने के आसार हैं। इन राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और तपिश से राहत मिलने की संभावना है।

कई राज्यों में आंधी और बारिश के आसार

वर्तमान में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ लाइन के असर से मौसम तेजी से बदल रहा है। बिहार, झारखंड, कर्नाटक और कई दक्षिणी राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, केरल और पश्चिम बंगाल में भी गरज के साथ बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है। असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई है। चेरापूंजी में सात सेमी और अगरतला में आठ सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

वहीं आज, 26 मई, 2026 को भी असम और मेघालय के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी इन राज्यों में भारी बारिश की आशंका जताई है। लोगों को नदी और पहाड़ी क्षेत्रों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। बिजली गिरने और तेज हवाओं की चेतावनी भी जारी की गई है।

दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम

केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और तमिलनाडु में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम भी बना रहेगा।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। समुद्र में हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

मानसून की आगे बढ़ने की स्थिति

दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों में मानसून अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

किसानों के लिए यह समय खेतों की तैयारी का है। जिन क्षेत्रों में मानसून पहुंचने वाला है वहां किसान बुवाई की तैयारी शुरू कर सकते हैं। हालांकि मौसम में तेजी से बदलाव को देखते हुए सावधानी बरतने की भी जरूरत है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को गर्मी के दौरान ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी है। धूप में निकलते समय सिर को ढककर रखना चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए।

आंधी और बिजली गिरने के दौरान घरों के अंदर रहना सुरक्षित माना जाता है। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करने की सलाह भी दी गई है। तेज हवाओं के समय खुले स्थानों से दूर रहना चाहिए।

किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह

किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह या शाम के समय ही सिंचाई करें ताकि फसलों को गर्मी से राहत मिल सके। तेज हवाओं और बारिश की संभावना को देखते हुए तैयार फसलों की कटाई समय पर कर लें। खेतों में पानी निकासी की व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।

पशुपालकों को अपने पशुओं को छांव में रखने और पर्याप्त पानी देने की सलाह दी गई है। गर्मी के कारण पशुओं में कमजोरी और बीमारी बढ़ सकती है। इसलिए उन्हें दोपहर के समय खुले में न छोड़ें।

आने वाले दिनों में राहत की उम्मीद

मौसम विभाग का कहना है कि 29 मई के बाद उत्तर भारत के कई हिस्सों में तापमान में गिरावट शुरू हो सकती है। धूल भरी आंधी और हल्की बारिश से लोगों को कुछ राहत मिलेगी। हालांकि गर्मी पूरी तरह खत्म होने में अभी समय लगेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है।

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