

माॅनसून की रफ्तार धीमी, उत्तर-पश्चिम भारत में तापमान बढ़ने के आसार; 15 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट।
दिल्ली समेत कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश-बौछारें की संभावना; विदर्भ में भीषण लू की चेतावनी।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, जबकि मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में गर्मी बरकरार।
अगले 48 घंटों में महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और ओडिशा के कई क्षेत्रों में माॅनसून के आगे बढ़ने की संभावना।
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं का असर, मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।
जून का आखिरी सप्ताह चल रहा है, लेकिन दक्षिण-पश्चिम माॅनसून अभी भी अपनी सामान्य गति से आगे नहीं बढ़ पाया है। कई राज्यों में लोग बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दूसरी ओर कुछ राज्यों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिल रही है।
मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 23 जून, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पूर्वी पंजाब और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके अलावा देश के कई हिस्सों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है, माॅनसून भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है इन सभी मौसमी प्रणालियों का असर मौसम पर दिखाई दे रहा है।
उत्तर भारत में आंधी और बिजली गिरने का खतरा
आज 23 जून, 2026 को हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश व तेज हवाएं चलने के आसार हैं। हिमाचल प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। राजस्थान में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आने की चेतावनी जारी की गई है।
वहीं आज, दिल्ली-एनसीआर में आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान के 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का पूर्वानुमान है। इस दौरान गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं व गरज के साथ बारिश व बौछारें पड़ सकती हैं। इन मौसमी गतिविधियों के चलते यहां पड़ रही प्रचंड व उमस भरी गर्मी से मामूली राहत मिलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने और खुले मैदानों में जाने से बचने की सलाह दी है।
कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत में माॅनसून सक्रिय बना हुआ है। असम और मेघालय तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 155.6 से 2024.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
वहीं आज 23 जून, 2026 को अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा आज, ओडिशा, तेलंगाना, बिहार, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भी भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक तक पानी बरस सकता है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
माॅनसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 48 घंटों के दौरान माॅनसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके चलते महाराष्ट्र के और हिस्सों, जिसमें मुंबई भी शामिल है, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई इलाकों में मानसून आगे बढ़ सकता है।
हालांकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी माॅनसून की प्रतीक्षा की जा रही है। किसानों और आम लोगों की नजरें अब आने वाले दिनों की बारिश पर टिकी हुई हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव, उत्तर-पश्चिम भारत में बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, 23 से 26 जून के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक की वृद्धि होने के आसार हैं। इसके बाद 27 और 28 जून को तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। इससे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का असर कुछ और बढ़ सकता है।
मध्य भारत में 26 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि 27 और 28 जून को अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र में 26 जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। इसके बाद 27 और 28 जून को तापमान लगभग स्थिर बना रहेगा। वहीं देश के अन्य अधिकतर इलाकों में 28 जून तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
कल, 22 जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह देश में मौसम की विविधता को दर्शाता है, जहां एक ओर कुछ राज्यों में भीषण गर्मी बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थान अपेक्षाकृत ठंडे बने हुए हैं।
कई राज्यों में लू का प्रकोप जारी, विदर्भ में भीषण गर्मी की चेतावनी
बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी का असर बना हुआ है। आज, 23 जून, 2026 को छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू चलने की आशंका है। इन राज्यों में दिन के समय तेज धूप और अत्यधिक गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।
विदर्भ की स्थिति और अधिक गंभीर रहने की आशंका है। यहां कुछ हिस्सों में भीषण लू (सीवियर हीट वेव) चलने का अंदेशा जताया गया है। अत्यधिक गर्म मौसम के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
इसके अलावा विदर्भ के कुछ इलाकों में गर्म रातों की स्थिति भी रहने के आसार हैं। इसका अर्थ है कि रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को पर्याप्त राहत नहीं मिल पाएगी। लगातार गर्म दिन और गर्म रातें बुजुर्गों, बच्चों तथा बीमार लोगों के लिए विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।
मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलने के आसार हैं। अरब सागर के कुछ हिस्सों में हवा की गति 55 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने के आसार हैं।
ओडिशा, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, केरल, गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में भी समुद्र उग्र रह सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
किसानों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जहां बारिश की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें। तेज बारिश और आंधी के दौरान कीटनाशक तथा उर्वरकों का छिड़काव न करें। तैयार फसलों की कटाई और भंडारण सुरक्षित स्थानों पर करें।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है। लू प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छाया की व्यवस्था करना जरूरी है।
देशभर में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बारिश राहत लेकर आ रही है। आने वाले कुछ दिनों में माॅनसून की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है, जिससे कई राज्यों को गर्मी से राहत मिल सकती है।