उत्तर भारत में गर्मी से राहत, जानें कहां बरसेंगे बादल, कहां हैं आंधी-तूफान के आसार

14 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा और मध्य भारत में आंधी, ओलावृष्टि और तूफानी हवाओं की चेतावनी
आज, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश,पश्चिम राजस्थान समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश व 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
आज, उत्तराखंड, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश,पश्चिम राजस्थान समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश व 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती प्रसार के कारण दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में बारिश, गरज-चमक तथा तेज हवाओं का दौर।

  • दिल्ली-एनसीआर में 4 जून तक बारिश की संभावना, 6 जून तक तापमान के 40 डिग्री से नीचे रहने का पूर्वानुमान।

  • गुजरात, केरल, ओडिशा समेत 14 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कुछ राज्यों में ओलावृष्टि की चेतावनी।

  • ओडिशा, मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में तेज आंधी, तूफानी हवाएं और बिजली गिरने की आशंका।

  • दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ी, अगले कुछ दिनों में देश के कई हिस्सों में आगे बढ़ने की संभावना।

जून महीने की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में मौसम ने करवट बदल ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के द्वारा आज सुबह, एक जून, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के आसपास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं तथा कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल रही हैं।

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को भीषण गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग ने चार जून, 2026 तक दिल्ली में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश और बादलों के कारण छह जून तक अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है। 31 मई को दिल्ली का अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम था। वहीं न्यूनतम तापमान 23.3 डिग्री सेल्सियस रहा।

14 से अधिक राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने गुजरात, केरल, माहे, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं। बारिश के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा देश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, बिहार, झारखंड, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और पश्चिम राजस्थान समेत कई राज्यों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा और मध्य भारत में विशेष सतर्कता

मौसम विभाग ने ओडिशा, पश्चिम मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि की आशंका भी जताई है। ओडिशा में कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं।

वहीं छत्तीसगढ़, गुजरात, मध्य प्रदेश, विदर्भ, पूर्वी राजस्थान और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

समुद्री क्षेत्रों में खराब मौसम

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में भी मौसम खराब बना हुआ है। अरब सागर के उत्तर-पूर्वी भाग, गुजरात तट, ओमान तट और आसपास के इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है। वहीं लक्षद्वीप और केरल तट के आसपास भी समुद्र में ऊंची लहरें और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं।

बंगाल की खाड़ी में दक्षिणी भाग, अंडमान सागर, तमिलनाडु, श्रीलंका और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों पर भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून की बढ़ रही रफ्तार

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले तीन से चार दिनों में मानसून अरब सागर, लक्षद्वीप, केरल, तमिलनाडु तथा बंगाल की खाड़ी के कई और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।

मानसून की प्रगति से दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियों में और वृद्धि होने की संभावना है। इससे किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी में मदद मिलेगी।

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी

मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम भारत में इस सप्ताह अधिकतम तापमान में धीरे-धीरे छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। हालांकि फिलहाल बारिश और बादलों के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है।

मध्य भारत में एक जून तक तापमान में दो से चार डिग्री की गिरावट और उसके बाद फिर बढ़ोतरी की आशंका है। पूर्वी भारत में तीन जून तक तापमान बढ़ सकता है जबकि पूर्वोत्तर भारत में तीन से छह जून के बीच तापमान में चार से पांच डिग्री की कमी आने का अनुमान है।

31 मई को देश के मैदानी क्षेत्रों में सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के वाशिम में 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान हरियाणा के अंबाला और पंजाब के भटिंडा में 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

किसानों और आम लोगों के लिए सलाह

मौसम विभाग ने किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव से बचने के लिए उचित निकासी व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत है। किसान पकी हुई फसलों की कटाई और सुरक्षित भंडारण पर ध्यान दें।

गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति में खुले मैदानों में जाने से बचना चाहिए। किसानों को खेतों में काम करते समय मौसम की जानकारी पर नजर रखनी चाहिए और बिजली कड़कने पर तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाना चाहिए। तेज हवाओं और ओलावृष्टि की आशंका वाले क्षेत्रों में फलों, सब्जियों और अन्य संवेदनशील फसलों को सुरक्षित रखने के उपाय करने चाहिए। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित और सूखे स्थानों पर रखना चाहिए।

सावधानी ही सुरक्षा

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहेगा। ऐसे में लोगों को विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करना चाहिए। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना, बिजली के उपकरणों का सावधानी से उपयोग करना और सुरक्षित स्थानों पर रहना आवश्यक है।

बारिश और ठंडी हवाओं ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं आंधी, बिजली और भारी बारिश जैसी घटनाएं खतरा भी पैदा कर सकती हैं। इसलिए सतर्कता और सावधानी ही इस मौसम में सबसे बड़ी सुरक्षा है।

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