

दिल्ली-एनसीआर में आज आंशिक बादल, हल्की बारिश के आसार, लेकिन गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है।
पश्चिम बंगाल के कम दबाव के क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ से कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान है।
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया।
तेलंगाना सहित कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
मौसम विभाग ने लोगों, किसानों और मछुआरों को भारी बारिश, तेज हवाओं और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
देश के कई हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में इसकी रफ्तार अभी भी धीमी बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में शनिवार, 18 जुलाई, 2026 को आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। दोपहर या शाम के समय कुछ हिस्सों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के आसार कम हैं।
दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। यहां 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रहेगा।
पश्चिम बंगाल के कम दबाव के क्षेत्र का असर
मौसम विभाग के अनुसार पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों और आसपास के झारखंड तथा उत्तर ओडिशा के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़कर पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों के आसपास पहुंच गया है।
इसके साथ बना चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई तक फैला हुआ है। अगले 12 घंटों के दौरान इसके धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है। इसके बावजूद इसका असर पूर्वी और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश के रूप में देखने को मिलेगा।
मानसून ट्रफ सक्रिय, कई राज्यों में बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग के मुताबिक, मानसून ट्रफ समुद्र तल पर अमृतसर, मुजफ्फरनगर, शाहजहांपुर, बस्ती, पटना, पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र और डायमंड हार्बर से होकर उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इसके प्रभाव से पूर्वी और उत्तर भारत के कई राज्यों में अगले 24 घंटों के दौरान बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
कई राज्यों में बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी तथा कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। यहां बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 204.5 मिमी से अधिक बारिश हो सकती है।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़ तथा उत्तराखंड में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा जताया गया है। इन राज्यों में 15.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
मौसम विभाग ने अपने ताजा अपडेट में कहा है कि आज, 18 जुलाई, 2026 को बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, कर्नाटक, केरल, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
इन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं का अंदेशा
आज, तेलंगाना में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं। वहीं मध्य प्रदेश, झारखंड, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने की आशंका है।
वहीं आज,बिहार, केरल, तमिलनाडु, तटीय कर्नाटक, पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
समुद्र में मछुआरों के लिए चेतावनी
आज, अरब सागर के मध्य भाग, सोमालिया तट और दक्षिण गुजरात तट के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार में इजाफा होकर 65 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। वहीं बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में भी 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
सामान्य से अधिक बना हुआ है तापमान
मानसून की धीमी गति के कारण दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम मध्य प्रदेश, विदर्भ और जम्मू और कश्मीर के कुछ हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना हुआ है। 17 जुलाई को राजस्थान के श्रीगंगानगर में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के जेउर में मैदानी क्षेत्रों का सबसे कम न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
लोगों और किसानों को बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने लोगों से गर्मी और उमस के दौरान पर्याप्त पानी पीने, दोपहर में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और गरज-चमक के समय सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
किसानों को सलाह दी गई है कि जिन इलाकों में भारी बारिश के आसार हैं वहां खेतों से पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखें। पकी हुई फसलों की कटाई मौसम को देखते हुए करें और कटाई के बाद उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवा और बारिश की संभावना वाले इलाकों में कीटनाशक और उर्वरकों का छिड़काव फिलहाल टालना बेहतर रहेगा। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं। किसानों को स्थानीय मौसम पूर्वानुमान पर लगातार नजर रखने और उसी के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।