

मानसून के सक्रिय होते ही पहाड़ों से लेकर मैदानी राज्यों तक बारिश का कहर, 18 से ज्यादा राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।
दिल्ली में दिनभर रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाओं की संभावना, उत्तराखंड में 142 सड़कें बंद होने से जनजीवन प्रभावित।
गुजरात, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, कई राज्यों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी।
गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के बीच लोगों और किसानों को सतर्क रहने तथा मौसम विभाग की सलाह मानने की अपील।
पिछले 24 घंटों में पंजाब में सबसे ज्यादा 180 मिमी बारिश दर्ज, कई राज्यों में भारी वर्षा से जनजीवन प्रभावित रहा।
देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग की और से आज सुबह, 22 जुलाई, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, मानसून ट्रफ इस समय राजस्थान से होते हुए मध्य भारत और पश्चिम बंगाल तक फैली हुई है। वहीं, उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ भी बना हुआ है।
साथ ही देश के कुछ हिस्सों में ऊपरी हवाओं का चक्रवाती प्रसार जारी है। इन मौसमीय प्रणालियों के कारण उत्तर, पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है।
दिल्ली में पूरे दिन बारिश के आसार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुबह से ही कई इलाकों में तेज बारिश हो रही है। पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। सुबह से दोपहर तक कई इलाकों में बारिश के साथ गरज-चमक और 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। शाम और रात के समय भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश या फुहार पड़ने की संभावना है।
दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। लगातार बारिश और बादल छाए रहने के कारण दिन का तापमान सामान्य से कम रह सकता है, जिससे लोगों को उमस के बीच कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं बारिश के कारण कई जगह जलभराव और यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को बिना जरूरी काम के घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
उत्तराखंड में 142 सड़कें बंद
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। राज्य में 142 सड़कें बंद होने की खबर है। पहाड़ी इलाकों में लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में बुधवार के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा नहीं करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
कई राज्यों में आज भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, आज 22 जुलाई, 2026 को गुजरात, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। जबकि कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। इन राज्यों में बारिश के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। यहां 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल।
इसके अलावा आज, छत्तीसगढ़, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब और विदर्भ में भी भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
आज 22 जुलाई, 2026 को असम और मेघालय, बिहार,पश्चिम बंगाल में गंगा के मैदानी इलाकों, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिमी राजस्थान में भी कई इलाकों में बादलों के जमकर बरसने का पूर्वानुमान है। इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
गरज-चमक और तेज हवाओं के भी आसार
बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने के भी आसार हैं। आज, आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और कुछ अन्य राज्यों में भी गरज-चमक के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तापमान की स्थिति
कल, 21 जुलाई 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के मदुरै में दर्ज किया गया। वहीं, सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में रिकॉर्ड किया गया।
कहां कितने बरसे बादल?
पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के अमृतसर में सबसे अधिक 180 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के हल्दिया में 80 मिमी, छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में 80 मिमी तथा रायपुर में 60 मिमी बारिश हुई। असम और मेघालय के चेरापूंजी में 60 मिमी, ओडिशा के क्योंझरगढ़ में 60 मिमी और भुवनेश्वर में 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
वहीं कल, पश्चिम मध्य प्रदेश के भोपाल में 50 मिमी, विदर्भ के अकोला में 50 मिमी तथा नागपुर में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। गुजरात के वडोदरा में 50 मिमी जबकि जम्मू और कटरा में हर जगह 40 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने को कहा है। भारी बारिश के समय जलभराव वाले रास्तों से बचना चाहिए। तेज बहाव वाले नालों और नदियों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर खड़े न रहें और सुरक्षित भवन में शरण लें।
वाहन चालकों को भी सावधानी से वाहन चलाने का सुझाव दिया गया है। तेज बारिश में गति कम रखें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोग मौसम की जानकारी लेने के बाद ही घर से निकलें। प्रशासन द्वारा बंद की गई सड़कों पर जाने से बचें।
किसानों के लिए विशेष सलाह
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए किसानों को अपने खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसलों में जलभराव न हो। जिन खेतों में फसल पक चुकी है, वहां जल्द से जल्द कटाई कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करना चाहिए।
बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव नहीं करना चाहिए। तेज बारिश के कारण दवा बह सकती है और उसका लाभ नहीं मिल पाएगा। बारिश रुकने के बाद ही छिड़काव करें।
मक्का, गन्ना और केले जैसी ऊंची फसलों को सहारा दें ताकि तेज हवा से फसल गिरने का खतरा कम हो। पशुओं को सूखे और सुरक्षित स्थान पर रखें तथा उनके लिए चारे और साफ पानी की व्यवस्था करें। खेतों में लगातार नमी रहने से रोग और कीट बढ़ सकते हैं, इसलिए किसान नियमित रूप से फसलों की निगरानी करते रहें।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा और भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। ऐसे में लोगों और किसानों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखनी चाहिए। प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें। थोड़ी सी सावधानी बरतकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।