

मानसून की वापसी के बीच बिहार, राजस्थान, केरल, ओडिशा और सिक्किम समेत कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट।
दिल्ली-एनसीआर में आज आंशिक बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और उमस की आशंका।
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चलेंगी, कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।
केरल और माहे के कुछ हिस्सों में मौसम के गर्म और उमस भरे रहने के आसार हैं।
किसानों को जलभराव से फसल बचाने, तैयार अनाज सुरक्षित रखने व आंधी-बिजली के दौरान खेतों में जाने से बचने की सलाह।
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब धीरे-धीरे वापसी की ओर बढ़ रहा है। हालांकि कई राज्यों में अभी भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर थाईलैंड के ऊपर बना चक्रवाती परिसंचरण 18 सितंबर, 2026 को भी सक्रिय है। इसके आज शाम उत्तर अंडमान सागर के ऊपर पहुंचने की संभावना है।
इसके कारण 19 सितंबर की शाम तक उत्तर अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन सकता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे मजबूत होकर अगले तीन से चार दिनों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ सकता है। मौसम प्रणाली के दक्षिणी ओडिशा और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटों की ओर बढ़ने की संभावना है। इससे तटीय इलाकों में बारिश बढ़ सकती है।
वहीं, समुद्र तल के पास बनी मॉनसून ट्रफ इस समय फलोदी, अजमेर, शिवपुरी, खजुराहो, डेहरी, पुरुलिया और दीघा से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बढ़ते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। मॉनसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ दोनों की मौजूदगी के कारण उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसम में बदलाव, बादल, बारिश और कहीं-कहीं गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कई राज्यों में भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भारी बारिश की आशंका जताई है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, पूर्वी राजस्थान, केरल और माहे, लक्षद्वीप, ओडिशा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी जमा होने और खेतों में जलभराव की स्थिति बन सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दिन का अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। बारिश के साथ दिन में उमस भी परेशान कर सकती है। मौसम बदलने के कारण सड़कों पर यातायात धीमा होने और कुछ जगहों पर पानी जमा होने की स्थिति बन सकती है।
आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि आज, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में गरज के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
वहीं आज, आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, गुजरात, कोंकण और गोवा, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चल सकती हैं। आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, आंतरिक कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में वज्रपात होने का अंदेशा जताया गया है।
केरल और माहे में गर्म व उमस भरा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक आज, केरल और माहे के कुछ हिस्सों में मौसम के गर्म और उमस भरे रहने के आसार हैं। यानी वहां तापमान के साथ नमी अधिक रहने से लोगों को चिपचिपी गर्मी और असहजता महसूस हो सकती है।
कुछ राज्यों में सामान्य से ज्यादा तापमान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया गया। मराठवाड़ा और रायलसीमा के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भी दिन का तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री से ज्यादा रहा।
वहीं रात के तापमान में भी कई राज्यों में सामान्य से काफी बढ़ोतरी देखी गई। असम और मेघालय, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
17 सितंबर, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान आंध्र प्रदेश के नेल्लोर में रिकॉर्ड हुआ। वहीं, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज किया गया।
किसानों और लोगों को सावधानी की जरूरत
मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए किसानों को बारिश के दौरान खेतों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। तैयार फसल, अनाज और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखना जरूरी है। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खेतों, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचना चाहिए।
लोगों को भी आंधी और बिजली के समय घर के अंदर रहने की कोशिश करनी चाहिए। मौसम विभाग की स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना और बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर रहेगा। मॉनसून की वापसी शुरू होने के बावजूद आने वाले दिनों में देश के कई इलाकों में बारिश का असर बना रह सकता है।