आंध्र प्रदेश में मुरासु का असर बरकरार, दक्षिण के कई राज्यों में भारी बारिश, उत्तर में ठंड की दस्तक

चक्रवात मुरासु के चलते आंध्र प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, कई राज्यों में आंधी-बिजली का खतरा; दिल्ली समेत उत्तर भारत में मौसम शुष्क, सुबह-शाम बढ़ेगी ठंड।
चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ा, लेकिन आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बरकरार।
चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ा, लेकिन आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बरकरार।प्रतीकात्मक छवि, साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • चक्रवात मुरासु कमजोर पड़ा, लेकिन आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का खतरा बरकरार।

  • मौसम विभाग ने आंध्र प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी किया, कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया।

  • तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी।

  • उत्तर हरियाणा में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय, हालांकि उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मौसम रहेगा शुष्क।

  • दिल्ली में सुबह हल्की धुंध के आसार; उत्तर प्रदेश, हिमाचल और उत्तराखंड में बढ़ने लगी सुबह-शाम की ठंड।

देश के एक हिस्से में बारिश और तूफानी हवाओं का खतरा मंडरा रहा है, तो दूसरे हिस्से में मौसम धीरे-धीरे सर्दी की दस्तक दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ कमजोर जरूर पड़ गया है, लेकिन इसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। इसके अवशेष के रूप में बना डीप डिप्रेशन आंध्र प्रदेश और आसपास के इलाकों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ा रहा है।

मौसम विभाग की ओर से आज, चार नवंबर, 2026 की सुबह जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं, दिल्ली-एनसीआर में मौसम फिलहाल मेहरबान रहने वाला है। यहां सुबह हल्की धुंध देखने को मिल सकती है।

कमजोर पड़ा चक्रवाती तूफान, लेकिन खतरा बरकरार

मौसम विभाग के मुताबिक, भीषण चक्रवाती तूफान ‘मुरासु’ का अवशेष डीप डिप्रेशन के रूप में तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे पूर्वी तेलंगाना के ऊपर बना हुआ है। पिछले छह घंटों के दौरान यह करीब सात किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में आगे बढ़ा।

अब इसके उत्तर की ओर बढ़ने और चार नवंबर की सुबह तक कमजोर होकर डिप्रेशन में तब्दील होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किमी प्रति घंटे रह सकती है, जबकि झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकते हैं। यानी तूफान की ताकत घट रही है, लेकिन बारिश और तेज हवाओं का असर अभी बना रहेगा।

आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी

चक्रवाती प्रणाली का सबसे ज्यादा असर तटीय आंध्र प्रदेश में देखने को मिल रहा है। आज, यहां कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है। साथ ही आंध्र प्रदेश में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

वहीं आज, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, केरल, माहे, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के आसार हैं। इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

विभाग ने आज, छत्तीसगढ़, केरल-माहे, ओडिशा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने की आशंका जताई है। वहीं, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश और तमिलनाडु में बिजली गिरने का अंदेशा जताया गया है।

कई जिलों में बाढ़ का खतरा

बारिश के साथ जलभराव और अचानक बाढ़ की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ जलग्रहण वाले हिस्सों में तथा आसपास के इलाकों में फ्लैश फ्लड या अचानक बाढ़ का अंदेशा जताया है। अनकापल्ली, बापटला, काकीनाडा, कृष्णा, गुंटूर, एलुरु, एनटीआर, प्रकाशम, नेल्लोर और पूर्वी-पश्चिमी गोदावरी समेत कई जिलों पर विशेष नजर रखने की जरूरत है।

समुद्र में भी हालात सामान्य नहीं हैं। मछुआरों को चार नवंबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी और आंध्र प्रदेश के तट के आसपास समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

उत्तर हरियाणा में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण

देश के उत्तरी हिस्से में भी मौसम की गतिविधियों पर नजर बनी हुई है। उत्तर हरियाणा और आसपास के इलाकों में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (अपर एयर साइक्लोनिक सर्कुलेशन) कायम है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में पूरे सप्ताह किसी बड़े मौसमी बदलाव की संभावना नहीं है।

दिल्ली में सुबह हल्की धुंध, तापमान करीब 29 डिग्री

दिल्ली वालों के लिए राहत की खबर है। राजधानी में चार नवंबर, 2026 की सुबह हल्की धुंध छा सकती है, लेकिन फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान करीब 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

पंजाब और हरियाणा में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। राजस्थान में दिन के समय गर्मी महसूस होगी, जबकि रातें अपेक्षाकृत ठंडी रहेंगी। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सुबह-शाम की ठंड बढ़ने लगी है। जम्मू और कश्मीर के श्रीनगर में अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम चार डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। वहीं, लद्दाख के लेह और कारगिल में रात का पारा शून्य से नीचे जा सकता है।

उत्तर प्रदेश में सुबह-रात बढ़ेगी ठंड

नवंबर की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदलने लगा है। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा, मेरठ और गाजियाबाद समेत कई शहरों में सुबह और देर रात हल्की ठंड महसूस हो रही है। दिन और रात के तापमान में अंतर बढ़ने के आसार हैं।

गुजरात सबसे गर्म, हिमाचल में सबसे कम तापमान

मौसम विभाग के तीन नवंबर, 2026 के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात के वेरावल में देश का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान हिमाचल प्रदेश के मंडी में 11.7 डिग्री सेल्सियस रहा।

कुल मिलाकर, दक्षिण भारत में चक्रवाती प्रणाली के कारण मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है, जबकि उत्तर भारत में सर्दी धीरे-धीरे पैर पसार रही है। आंध्र प्रदेश और आसपास के राज्यों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और सतर्क रहने की जरूरत है।