

मौसम विभाग अनुसार, चार जून के आसपास केरल व तमिलनाडु में मानसून प्रवेश करेगा कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी
पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर भारत में आंधी, बारिश व ओलावृष्टि का अंदेशा कई राज्यों में अलर्ट जारी
दिल्ली एनसीआर में तीन से छह जून तक तेज हवाएं, धूलभरी आंधी और हल्की बारिश की संभावना
दक्षिण भारत के केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश, ऑरेंज और येलो अलर्ट निचले इलाकों में जलभराव की आशंका
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में तेज हवाएं समुद्र उफान पर मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज, तीन जून, 2026 को जारी ताजा अपडेट में कहा है कि उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ तथा देश के विभिन्न हिस्सों में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम का मिजाज बदलने वाला है। विभाग के अनुसार, आज तीन जून, 2026 से एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
इसके कारण जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित कई राज्यों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है। वहीं पूर्वोत्तर और तटीय क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मौसम के अस्थिर रहने के आसार हैं।
दिल्ली-एनसीआर में आंधी और हल्की बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में तीन जून से छह जून, 2026 तक मौसम में बदलाव जारी रहेगा। इस दौरान आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और दोपहर या शाम के समय धूलभरी आंधी चलने की आशंका है।
कई इलाकों में हल्की बारिश भी हो सकती है। हवाएं 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। बादलों और बीच-बीच में होने वाली बारिश के कारण फिलहाल तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे रहने की संभावना है।
दक्षिण भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
आज, केरल और माहे के अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया गया है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
इसके अलावा कर्नाटक, लक्षद्वीप तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी भारी बारिश होने के आसार हैं। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाओं के आसार
देश के अनेक राज्यों में गरज के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की आशंका व्यक्त की गई है। आज, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, गुजरात, ओडिशा, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, केरल, असम, मेघालय और पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने की सलाह दी है। बिजली चमकने के समय सुरक्षित भवनों के भीतर रहने की अपील की गई है।
राजस्थान और पहाड़ी क्षेत्रों में ओलावृष्टि की आशंका
तेज हवाओं के साथ-साथ जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और राजस्थान के कुछ इलाकों में ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है। ओले गिरने से फसलों, वाहनों और खुले में रखी वस्तुओं को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को पकी हुई फसलों की कटाई जल्द पूरी करने तथा कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
पश्चिम राजस्थान में धूलभरी आंधी का खतरा
पश्चिम राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूलभरी आंधी चलने के आसार हैं। धूलभरी आंधी के दौरान दृश्यता कम हो सकती है, जिससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है। लोगों को घरों की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने तथा जरूरत पड़ने पर ही बाहर निकलने की सलाह दी गई है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रहने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, केरल, कर्नाटक, लक्षद्वीप और दक्षिण अरब सागर के आसपास 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं और ऊंची लहरों के आसार हैं। विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।
चार जून के आसपास केरल-तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। विभाग ने अनुमान लगाया है कि चार जून, 2026 के आसपास मानसून दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप द्वीपसमूह, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
इसके साथ ही मानसून के दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों तथा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में भी पहुंचने की संभावना है। मानसून की इस प्रगति से दक्षिण भारत और तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, जिससे किसानों और आम लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।
तापमान में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में आज, तीन जून, 2026 तक अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की धीरे-धीरे वृद्धि होने के आसार हैं। इसके बाद चार से छह जून के बीच तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि सात और आठ जून को तापमान में फिर से दो से चार डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
पूर्वी भारत में तीन जून, 2026 तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद चार से आठ जून के दौरान तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में तीन जून तक अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है। देश के अधिकांश हिस्सों में सात जून, 2026 तक अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
दो जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.0 डिग्री सेल्सियस तेलंगाना के खम्मम में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 15.4 डिग्री सेल्सियस मध्य प्रदेश के श्योपुर में रिकॉर्ड किया गया।
गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी
मौसम विभाग ने देश के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम की स्थिति बने रहने की चेतावनी जारी की है। इसके अनुसार, असम और मेघालय, कोंकण एवं गोवा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, ओडिशा तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की आशंका है।
ऐसी परिस्थितियों में तापमान बहुत अधिक न होने के बावजूद हवा में नमी बढ़ जाने से लोगों को अधिक गर्मी और बेचैनी महसूस हो सकती है। उमस के कारण पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे शरीर को ठंडक नहीं मिल पाती और थकान, कमजोरी तथा निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) की समस्या हो सकती है।
किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत
बदलते मौसम को देखते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की जरूरत है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखने, पकी फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने और खराब मौसम के दौरान कृषि कार्यों को टालने की सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की जरूरत है।
वहीं आम लोगों को तेज आंधी, बिजली चमकने, ओले गिरने और भारी बारिश के दौरान सावधानी बरतनी चाहिए। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखना और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना सुरक्षा के लिए जरूरी है। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप देखने को मिल सकता है।