मिजोरम और मणिपुर पहुंचा मानसून, कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी, 70 किमी रफ्तार की हवाएं

पश्चिमी विक्षोभ व मानसून दोनों सक्रिय, उत्तर भारत में आंधी-बारिश के आसार, दक्षिण-पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, कई इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी, कुछ राज्यों में पारे की छलांग
दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते दक्षिण व पूर्वोत्तर  के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई है।  पिछले 24 घंटों के दौरान कासरगोड जिले के पदन्नक्कड़ में 140 मिमी तथा पिलिकोडे में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई।
दक्षिण-पश्चिम मानसून के चलते दक्षिण व पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई है। पिछले 24 घंटों के दौरान कासरगोड जिले के पदन्नक्कड़ में 140 मिमी तथा पिलिकोडे में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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सारांश
  • मिजोरम और मणिपुर तक पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून, दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार।

  • पश्चिमी राजस्थान में आज 70 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से आंधी चलने की चेतावनी जारी।

  • केरल और तटीय कर्नाटक में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, कई जिलों में बारिश जारी।

  • पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में गरज-चमक और बारिश की संभावना।

  • ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश में लू का खतरा बरकरार, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मौसम विभाग के द्वारा आज, सात जून, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, जम्मू और आसपास के इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के रूप में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके कारण पश्चिमी हिमालयी इलाकों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके अलावा 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम में बदलाव कर सकता है।

उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान

मौसम विभाग ने जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड केअलग-अलग इलाकों में सात से 12 जून, 2026 के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में सात जून तथा 11 से 12 जून के दौरान बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी कई इलाकों में बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं आज, सात जून को पश्चिमी राजस्थान में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली आंधी चलने का अंदेशा जताया गया है।

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार, मानसून अरब सागर के पश्चिम-मध्य और पूर्व-मध्य हिस्सों, कर्नाटक, पूरे गोवा, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के अधिकांश इलाकों तथा दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी तक आगे बढ़ गया है। इसके अलावा मानसून पश्चिम-मध्य और उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी के कुछ और हिस्सों, पूरे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ इलाकों तथा पूर्वोत्तर भारत के मिजोरम और मणिपुर तक भी पहुंच गया है।

मानसून की इस तेज प्रगति से दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।

स्रोत : भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी)

दक्षिण भारत में भारी बारिश का दौर

दक्षिण भारत के कई राज्यों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, तटीय कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

इसके अलावा कोंकण-गोवा, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, रायलसीमा और लक्षद्वीप में भी भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

वहीं, केरल और कर्नाटक के कई इलाकों में पिछले 24 घंटों के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई है। केरल के कासरगोड जिले के पदन्नक्कड़ में 140 मिमी तथा पिलिकोडे में 120 मिमी बारिश दर्ज की गई। जबकि लक्षद्वीप के अगाती और अमीनी द्वीप में भी 90-90 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।

पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश जारी

मानसूनी गतिविधियों के चलते पूर्वोत्तर के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी है। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के कई इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं। विभाग ने इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।

पिछले 24 घंटों के दौरान असम के कछार जिले के सिलचर में 80 मिमी तथा मेघालय के शिलांग में 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने इन राज्यों में आज भी गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है।

तापमान में बढ़ोतरी जारी

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों तक अधिकतम तापमान में चार से छह डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने के आसार हैं। 11 जून के बाद तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट आ सकती है। वहीं मध्य भारत में भी 10 जून तक तापमान में दो से चार डिग्री की बढ़ोतरी का अनुमान है।

छह जून, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक तापमान राजस्थान के श्रीगंगानगर में 44.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान महाराष्ट्र के जेऊर में 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

ओडिशा और आंध्र प्रदेश में लू का खतरा

मौसम विभाग ने ओडिशा और तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में लू या हीटवेव चलने की चेतावनी जारी की है। ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरी रातें भी रह सकती हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।

किसानों और आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए खेती-बाड़ी के कार्य करें। जिन क्षेत्रों में बारिश की संभावना है वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें। तेज हवाओं और आंधी को देखते हुए फसलों, सब्जियों तथा बागवानी पौधों को सुरक्षित रखने के उपाय करने की जरूरत है।

आम लोगों को भी गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण नहीं लेने तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता और सावधानी बरतना जरूरी होगा।

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