

देश के अधिकतर इलाकों में मानसून सक्रिय है, कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह से बारिश जारी, कई जगह जलभराव और ट्रैफिक जाम से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
उत्तराखंड में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़कें बंद होने की घटनाएं बढ़ीं, कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी।
असम और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है, राहत और बचाव अभियान लगातार जारी।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों को सतर्क रहने, जलभराव से बचने और मौसम संबंधी सभी चेतावनियों का पालन करने की सभावना है।लाह दी।
देश के अधिकतर इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, छह अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, समुद्र तल पर बना मानसून ट्रफ फिरोजपुर, रोहतक, लखनऊ, डाल्टनगंज और कांटाई से होकर उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर जा रहा है।
इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत के ऊपर सक्रिय है। देश के कई हिस्सों में चक्रवाती परिसंचरण जारी है। इन सभी मौसमी प्रणालियों के चलते अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में गरज-चमक, तेज हवाएं व बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
दिल्ली-एनसीआर में सुबह से बारिश
आज गुरुवार, छह अगस्त की सुबह से दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से मौसम सुहावना हो गया और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली। हालांकि कई सड़कों पर जलभराव होने से स्कूल, कॉलेज और दफ्तर जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
कई जगहों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही और ट्रैफिक जाम भी देखा गया। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और आसपास के इलाकों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। मौसम विभाग ने आज दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित
उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग में येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी है।
पूर्वोत्तर में बाढ़ की स्थिति गंभीर
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। असम और नागालैंड के कई इलाके जलमग्न हैं। असम में अब तक 95 लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है। प्रशासन प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
कई राज्यों में भारी से लेकर बहुत भारी बारिश और आंधी के आसार
मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, ओडिशा, केरल, कोंकण और गोवा तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।
इसके अलावा आज, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और अंडमान-निकोबार सहित कई राज्यों में बादलों के जमकर बरसने के आसार हैं। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
कुछ राज्यों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की गई है। अंडमान-निकोबार में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है। वहीं केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार जताए गए हैं।
तापमान में उतार-चढ़ाव, मदुरै रहा सबसे गर्म
बारिश के बावजूद देश के कई हिस्सों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदर्भ के कई इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5.0 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया गया। वहीं छत्तीसगढ़ और तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में भी अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहा। इसके अलावा असम और मेघालय, ओडिशा, पूर्वी मध्य प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया।
वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, पश्चिम उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम एवं पूर्वी मध्य प्रदेश, सौराष्ट्र-कच्छ तथा मध्य महाराष्ट्र के कुछ स्थानों पर यह सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से भी अधिक रहा।
कल, पांच अगस्त, 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान तमिलनाडु के मदुरै में 40.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान असम के हाफलोंग में 17.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पिछले 24 घंटे में कहां कितनी हुई बारिश?
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में अच्छी बारिश हुई। ओडिशा के भुवनेश्वर में 100 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वाराणसी में 80 मिमी, कोलकाता के अलीपुर में 70 मिमी, आइजोल के लेंगपुई में 70 मिमी, जमशेदपुर और ग्वालियर हर जगह 60 मिमी तथा भागलपुर में 50 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा बालासोर, गोरखपुर, विजयवाड़ा और झांसी सहित कई स्थानों पर भी अच्छी बारिश रिकॉर्ड की गई ।
लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से भारी बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने, बिजली गिरने के समय खुले स्थानों में न रुकने और मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने, पकी फसलों की सुरक्षित कटाई और भंडारण करने तथा बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव नहीं करने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और उनके चारे की व्यवस्था पहले से करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहेगा, इसलिए सभी को सतर्क रहने की जरूरत है।