मध्य प्रदेश में ठहरा कम दबाव, राजस्थान व मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश, जानें अपने शहर का हाल

मध्य प्रदेश में कम दबाव का असर, राजस्थान समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली में भी बरसेंगे बादल, आंधी-बिजली का खतरा बरकरार
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं आज सुबह से दिल्ली के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। वहीं आज सुबह से दिल्ली के कई इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है फोटो साभार: आईस्टॉक
Published on
सारांश
  • मध्य प्रदेश में कम दबाव का क्षेत्र स्थिर, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी।

  • दिल्ली समेत कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, कुछ इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका।

  • पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया।

  • कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।

  • बारिश के बावजूद कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक, श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के आसपास अच्छी तरह से बना कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे सटे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना हुआ है। मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, पांच अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन के अनुसार, कम दबाव के क्षेत्र के अगले 24 घंटे के दौरान लगभग इसी क्षेत्र में बने रहने के आसार हैं। इसके कारण मध्य भारत और आसपास के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक, समुद्र तल पर बनी मानसून ट्रफ इस समय श्रीगंगानगर, चूरू, उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिण-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह दालटनगंज और बांकुड़ा से होते हुए पूर्व दिशा में त्रिपुरा की ओर बढ़ रही है। इसके कारण मध्य भारत से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका बनी हुई है।

इस बीच पश्चिमी विक्षोभ भी ऊपरी वायुमंडल में एक ट्रफ के रूप में मौजूद है। जो उत्तर-पश्चिमी भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है।

राजस्थान और मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन दोनों राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है।

वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। भोपाल में 50 मिमी और गुना में 40 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है।

कई राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट

आज, पांच सितम्बर, 2026 को पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली, बिहार, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा पंजाब में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।

दिल्ली में बारिश का दौर जारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पिछले 24 घंटे के दौरान अच्छी बारिश दर्ज की गई। पालम में 70 मिमी और सफदरजंग में 40 मिमी बारिश दर्ज हुई। मौसम विभाग ने दिल्ली और आसपास के इलाकों में आज भी भारी बारिश की आशंका जताई है।

बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है। लोगों को बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और यातायात संबंधी स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर में भी बारिश का जोर

आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में भी भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन राज्यों में पहले से ही कई जगह बारिश का दौर जारी है। चेरापूंजी में भी पिछले 24 घंटे में 30 मिमी बारिश दर्ज की गई।

आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

वहीं आज, बिहार, कर्नाटक, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख तथा पश्चिम बंगाल में भी 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड और उत्तराखंड समेत कई राज्यों में बिजली गिरने का खतरा बताया गया है

कुछ राज्यों में तापमान सामान्य से ज्यादा

बारिश के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रायलसीमा, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 3.1 से 5 डिग्री सेल्सियस तक अधिक रहा। इसके अलावा असम और मेघालय, पश्चिमी राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, मध्य महाराष्ट्र, तेलंगाना तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी कुछ जगहों पर तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया गया।

रात का तापमान भी बढ़ा

कई राज्यों में न्यूनतम तापमान में भी बढ़ोतरी देखी गई। असम और मेघालय, बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश तथा पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। इससे इन इलाकों में रात और सुबह के समय भी गर्मी का अहसास सामान्य से ज्यादा हो सकता है।

श्रीगंगानगर सबसे गर्म

चार सितंबर, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्रीगंगानग में दर्ज किया गया। वहीं मैदानी इलाकों में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस महाराष्ट्र के यवतमाल में रिकॉर्ड किया गया।

लोगों और किसानों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और जलाशयों से दूर रहने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए और तुरंत सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए।

किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की जरूरत है, ताकि भारी बारिश के कारण फसलों में पानी जमा न हो। तैयार फसल, कृषि उपकरण और पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है। लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों और किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।

Down to Earth- Hindi
hindi.downtoearth.org.in