कम दबाव से पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश, कई राज्यों में फ्लैश फ्लड का खतरा; जानें अपने शहर का हाल

पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट, पहाड़ों से लेकर मैदानी इलाकों तक कई राज्यों में बादलों के बरसने के आसार; आंधी, बिजली व अचानक बाढ़ का भी खतरा बरकरार
पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट किया जारी।
पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट किया जारी।फोटो साभार: आईस्टॉक
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सारांश
  • पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान, मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट किया जारी।

  • दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान, मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया।

  • कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका, लोगों को सतर्क रहने की सलाह।

  • मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और पहाड़ी राज्यों के कई जिलों में अचानक बाढ़ का खतरा जताया गया है।

  • किसानों को जल निकासी सुधारने और लोगों को जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग की ओर से आज सुबह, 22 अगस्त, 2026 को जारी बुलेटिन अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बना कम दबाव का क्षेत्र उसी इलाके में बना हुआ है। इसके साथ जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से करीब 4.5 किमी की ऊंचाई तक फैला है। देश के कई इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून सक्रिय बना हुआ है।

मानसून ट्रफ वर्तमान में अमृतसर, देहरादून, लखनऊ और उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के आसपास बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होकर गुजर रही है। इसके बाद यह रांची और दीघा से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक फैली हुई है। इन मौसमीय प्रणालियों के कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के कई इलाकों में गरज चमक के साथ भारी बारिश की आशंका बनी हुई है।

मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

आज, पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।

वहीं आज, 22 अगस्त, 2026 को पश्चिमी मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। मौसम विभाग ने इन राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बरस सकते हैं बादल।

दिल्ली और आसपास के इलाकों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान

मौसम विभाग ने आज, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका जताई है। इसके अलावा उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। यहां भी भारी बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

कई राज्यों में आंधी और बिजली का खतरा

बारिश के साथ कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने का भी अंदेशा जताया गया है। आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तटीय कर्नाटक, राजस्थान, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।

वहीं आज, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में भी गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है। विभाग ने मौसम खराब होने पर लोगों को खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और ऊंची तथा अकेली जगहों से दूर रहने का सुझाव दिया है।

अचानक बाढ़ का भी खतरा

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में कुछ इलाकों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ के खतरे की चेतावनी दी है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों, पूर्वी मध्य प्रदेश और झारखंड के कुछ जिलों में यह खतरे की आशंका जताई गई है।

वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के कई जिलों में भी अचानक बाढ़ के खतरे का अंदेशा जताया गया है। इन इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम और प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान नदी और नालों के पास जाना खतरनाक हो सकता है।

कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक

मौसम विभाग के अनुसार, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया है। वहीं असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।

वहीं कल, 21 अगस्त, 2026 को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री सेल्सियस राजस्थान के श्रीगंगानगर में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में रिकॉर्ड हुआ। तापमान में इस तरह के बदलाव को देखते हुए लोगों को मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासकर गर्म इलाकों में दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।

कल कहां कितने बरसे बादल?

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लखनऊ में 60 मिमी, पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर में 40 मिमी और छत्तीसगढ़ के पेंड्रा रोड में 40 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए आने वाले घंटों में कई इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

किसानों और लोगों के लिए सावधानी

भारी बारिश की आशंका को देखते हुए किसानों को खेतों में पानी की निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखनी चाहिए। तेज बारिश वाले इलाकों में फिलहाल सिंचाई से बचें और खेतों की नालियों को साफ रखें, ताकि पानी जमा न हो।

बारिश से पहले खाद और कीटनाशकों का छिड़काव न करें। तैयार फसल, बीज, खाद और कृषि उपकरणों को सुरक्षित व ऊंची जगह पर रखें। पशुओं को भी सुरक्षित स्थान पर रखें। तेज हवा और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें।

लोगों को खराब मौसम में अनावश्यक यात्रा से बचने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है। जलभराव वाली सड़कों और निचले इलाकों में जाने से बचें। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और बिजली के खंभों से दूर रहें। वाहन चालक पानी भरी सड़कों पर सावधानी से वाहन चलाएं। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम में बाहर जाने से रोकना बेहतर होगा।

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