

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बनने से ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश की आशंका, मौसम विभाग ने चेताया।
ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश का खतरा, कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के चलते प्रशासन हुआ सतर्क।
बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने के आसार।
दिल्ली-एनसीआर में बारिश पर लगा ब्रेक, उमस और गर्मी बढ़ी; 11 से 14 सितंबर के बीच मौसम बदलने के आसार।
कई राज्यों में सामान्य से अधिक तापमान, तिरुचिरापल्ली 39.7 डिग्री के साथ सबसे गर्म मैदानी क्षेत्र रहा।
उत्तर बंगाल की खाड़ी और बांग्लादेश के आसपास के तट पर बना चक्रवाती परिसंचरण अब भी सक्रिय है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, इसके प्रभाव से आज 10 सितंबर, 2026 को उत्तर बंगाल की खाड़ी और आसपास के इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने के आसार हैं। इसके कारण आने वाले दिनों में पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में गरज चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मानसून ट्रफ व पश्चिमी विक्षोभ भी सक्रिय
मानसून ट्रफ भी सक्रिय बनी हुई है। यह जम्मू, देहरादून, पंतनगर, बाराबंकी, डेहरी, पुरुलिया और दीघा से होकर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर जा रही है। इसके अलावा पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में भी ऊपरी वायुमंडल में एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।
वहीं, पश्चिमी विक्षोभ से जुड़ा एक चक्रवाती परिसंचरण अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय है। इसके प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के कुछ इलाकों में बादल, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश जैसी गतिविधियां हो सकती हैं।
ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने आज ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है। जबकि कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश का अंदेशा है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज से लेकर रेड अलर्ट तक जारी किया है। ओडिशा में 204.5 मिमी से अधिक बरस सकते हैं बादल। भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे में लोगों को नदी, नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल
वहीं आज, 10 सितंबर, 2026 असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, केरल और माहे, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है।
आंधी और बिजली को लेकर भी चेतावनी
विभाग ने बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की भी आशंका व्यक्त की है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, ओडिशा तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के आसार हैं।
वहीं आज, बिहार, झारखंड, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम तथा तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड तथा पूर्वोत्तर के कई राज्यों में वज्रपात के साथ आंधी के आसार हैं।
दिल्ली-एनसीआर में उमस से बढ़ी परेशानी
दिल्ली-एनसीआर में बारिश न होने के कारण गर्मी और उमस से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गुरुवार को दिल्ली में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने और बीच-बीच में हल्के बादल छाने की संभावना है। अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
हालांकि 11 से 14 सितंबर के बीच दिल्ली-एनसीआर के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। इस दौरान आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन स्थानीय स्तर पर बारिश की स्थिति अलग-अलग हो सकती है।
कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पूर्वी राजस्थान, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा। इन राज्यों में दिन के समय सामान्य से अधिक गर्मी महसूस की गई।
रात का तापमान भी बढ़ा
वहीं रात के तापमान की बात करें तो असम और मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। यानी इन राज्यों में रातें भी सामान्य से ज्यादा गर्म रहीं।
तिरुचिरापल्ली सबसे गर्म
नौ सितंबर 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 39.7 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में दर्ज किया गया। वहीं मैदानी भारत में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में दर्ज हुआ।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
भारी बारिश वाले राज्यों के किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था रखने की सलाह दी जाती है। जहां भारी बारिश की आशंका है, वहां जरूरत से ज्यादा सिंचाई नहीं करनी चाहिए। कटाई के बाद रखी फसल को सुरक्षित और सूखे स्थान पर रखना जरूरी है। तेज हवा और बारिश से फसल, पशुओं और कृषि उपकरणों को नुकसान हो सकता है, इसलिए पहले से तैयारी करना बेहतर रहेगा।
मौसम विभाग ने लोगों से लगातार मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है। खासकर भारी बारिश, तेज हवा और बिजली के समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी है।