

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव बना, अगले 48 घंटों में कई राज्यों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान।
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी, कई जिलों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ा।
झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में अगले 24 घंटे फ्लैश फ्लड का खतरा बना हुआ है।
दिल्ली में मानसून कमजोर, बारिश की संभावना कम; अधिकतम तापमान 37 डिग्री और तेज धूप रहने के आसार।
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलेंगी, लोगों और किसानों को मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तटीय इलाकों के पास बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण अब कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र 29 अगस्त, 2026 की सुबह उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तट के पास बना हुआ है।
इसके अगले 48 घंटों में पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
वहीं मानसून ट्रफ इस समय जम्मू से लेकर देहरादून, बरेली, सुल्तानपुर और जमशेदपुर होते हुए उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तथा पश्चिम बंगाल-उत्तर ओडिशा के तट के पास बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र तक पहुंच रही है। इसके कारण पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना बनी हुई है।
विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ इस समय उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब के उत्तरी हिस्सों के ऊपर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में बना हुआ है। इससे पहाड़ी और आसपास के इलाकों में बादल छाने तथा कुछ जगहों पर बारिश या गरज-चमक की गतिविधियां होने के आसार हैं।
ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग ने आज, 29 अगस्त, 2026 को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अंदेशा जताया है। यहां बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा में 115.6 से 204.4 मिमी तक बारिश हो सकती है।
इसके अलावा आज, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, झारखंड, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और उत्तराखंड में भी भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने इन सभी राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
लगातार बारिश वाले इलाकों के निचले हिस्सों में पानी भरने और स्थानीय बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा बना हुआ है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
झारखंड और ओडिशा में फ्लैश फ्लड का खतरा
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान कुछ जिलों में फ्लैश फ्लड यानी अचानक बाढ़ के खतरे की आशंका जताई है। ओडिशा के बलांगीर, जाजपुर, क्योंझर, मयूरभंज और सुंदरगढ़ में विशेष सावधानी की जरूरत है।
वहीं, झारखंड के बोकारो, चतरा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, गढ़वा, गिरिडीह, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, कोडरमा, लातेहार, लोहरदगा, पाकुड़, पलामू, रामगढ़, रांची, सरायकेला-खरसावां, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में भी अचानक बाढ़ का खतरा बताया गया है। पश्चिम बंगाल के बांकाुरा, पूर्वी मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और पश्चिम मेदिनीपुर में भी सतर्क रहने की जरूरत है।
दिल्ली में बारिश कमजोर, गर्मी बढ़ने के आसार
दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। इसलिए भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। शनिवार को दिल्ली के आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश के आसार कम हैं। दिन में तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है।
दिल्ली में न्यूनतम तापमान करीब 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दिन के समय दक्षिण-पूर्वी हवाएं 15 से 20 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने की संभावना है।
कई राज्यों में आंधी और बिजली का खतरा
बारिश के साथ कई राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु-पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ आंधी और बिजली गिरने का भी अंदेशा जताया गया है।
वहीं आज, बिहार, तटीय कर्नाटक, झारखंड, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में कुछ स्थानों पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी आने के आसार हैं।
कई राज्यों में सामान्य से ज्यादा गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार, देश के कुछ हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया गया है। जम्मूऔर कश्मीर, लद्दाख, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम तथा तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा ऊपर रहा।
रात के तापमान में भी बढ़ोतरी
वहीं, असम और मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा सौराष्ट्र और कच्छ के कुछ हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से 5.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा।
मदुरै में 40 डिग्री तापमान
देश के मैदानी इलाकों में 28 अगस्त, 2026 को सबसे अधिक अधिकतम तापमान 40.0 डिग्री सेल्सियस तमिलनाडु के मदुरै में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलांग में दर्ज हुआ।
तापमान में इस तरह के अंतर से साफ है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज काफी अलग बना हुआ है। जहां कुछ राज्यों में भारी बारिश और आंधी का खतरा है, वहीं कई इलाकों में गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही है।
किसानों को विशेष सावधानी की जरूरत
भारी बारिश की आशंका वाले इलाकों में किसानों को खेतों में पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। कटाई के लिए तैयार फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने की कोशिश करनी चाहिए। बारिश और तेज हवाओं के दौरान खेतों में काम करने से बचना जरूरी है।
किसानों को मौसम साफ होने तक छिड़काव और अन्य कृषि कार्यों को टालना चाहिए। पशुओं को सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखें। खेतों में पानी अधिक जमा होने पर समय रहते निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसलों को नुकसान कम हो।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों और जलाशयों के पास जाने से बचना चाहिए। भारी बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा नहीं करनी चाहिए।
प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों का पालन करने से बारिश, आंधी और अचानक बाढ़ से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।