उत्तर भारत के इन हिस्सों में हल्की बारिश-बर्फबारी, दक्षिण में जमकर बरसेंगे बादल

अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है
उत्तर भारत के इन हिस्सों में हल्की बारिश-बर्फबारी, दक्षिण में जमकर बरसेंगे बादल
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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ मध्य स्तरों पर पश्चिमी हवाओं में एक गर्त के रूप में सक्रिय है। इसकी वजह से जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है

मौसम विभाग के मौसम संबंधी पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार से एक और नए, मगर कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण पश्चिमी हिमालयी इलाकों के मौसम का मिजाज बदल सकता है।

वहीं आज, सुबह पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बहुत घना कोहरा छाया, तथा बिहार के अलग-अलग हिस्सों में घना कोहरा देखा गया। बहुत घने कोहरे की वजह से पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी में दृश्यता शून्य तथा बिहार के पूर्णिया में दृश्यता 200 मीटर रही।

आज, नौ दिसंबर को पंजाब, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा, बिहार में भी आज घना कोहरा देखा गया इसके कल भी छाने के आसार हैं।

पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में आज सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा, कोहरा छाने के इस दौर के 11 दिसंबर तक जारी रहने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग की मानें तो, अगले दो दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने का अनुमान है और उसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने का पूर्वानुमान नहीं है।

मौसम विभाग के मुताबिक, दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे मालदीव के इलाके पर एक चक्रवाती प्रसार बना हुआ है। जो समुद्र तल से औसतन 4.5 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। इसके कारण अगले 24 घंटों के दौरान इसी इलाके में कम दबाव का क्षेत्र बनने का पूर्वानुमान है।

मौसम संबंधी उपरोक्त गतिविधि को देखते हुए मौसम विभाग ने आज, यानी नौ दिसंबर को तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल तथा केरल और माहे के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है, इन राज्यों में 64.5 मिमी से 115.5 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है।  

वहीं चक्रवाती प्रसार के कारण, आज, केरल और माहे तथा लक्षद्वीप के अलग-अलग हिस्सों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ बौछारें पड़ने तथा बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। वहीं आज, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में गरज के साथ बारिश तथा वज्रपात के आसार हैं।

समुद्र से दूर रहने की चेतावनी
चक्रवाती प्रसार का असर तटीय इलाकों में भी देखने को मिल सकता है, आज, दक्षिण पूर्व अरब सागर और निकटवर्ती लक्षद्वीप के इलाकों में 40 से 45 किमी प्रति घंटे की दर से चलने वाली तूफानी हवाओं के और तेज होकर 55 किमी प्रति घंटे की गति तक पहुंचने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग ने उपरोक्त तूफानी हवाओं को देखते हुए मछुआरों को इन इलाकों में मछली पकड़ने तथा किसी तरह के व्यापार से संबंधित काम के लिए न जाने की चेतावनी जारी की है।

कहां हुआ तापमान में उतार-चढ़ाव?
देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव की बात करें तो, बिहार, झारखंड के अधिकांश हिस्सों, पूर्वी उत्तर प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, असम और मेघालय के कई हिस्सों, छत्तीसगढ़, विदर्भ, मराठवाड़ा तथा पूर्वी मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से काफी ऊपर दर्ज किया जा रहा है।

वहीं, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल में गंगा के तटीय इलाकों, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक तथा गुजरात के अधिकांश हिस्सों, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम मध्य प्रदेश के कई हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री यानी अधिक दर्ज किया गया है।  

केरल और माहे, राजस्थान, सौराष्ट्र और कच्छ, उत्तराखंड के कई हिस्सों, पंजाब के कुछ इलाकों, पश्चिम उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा।
वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो, बिहार के अलग-अलग इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री सेल्सियस से अधिक यानी काफी ऊपर दर्ज किया गया।

तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल और माहे के कई इलाकों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस ऊपर दर्ज किया जा रहा है।

वहीं अधिकतम तापमान में गिरावट की बात करें तो, पश्चिम बंगाल में गंगा के कुछ तटीय इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से -5.0 डिग्री सेल्सियस, यानी काफी नीचे दर्ज किया गया।

ओडिशा, पश्चिम बंगाल में गंगा के अधिकांश तटीय इलाकों, असम और मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, झारखंड, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कुछ हिस्सों, गुजरात, विदर्भ, पूर्वी राजस्थान, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से -3.0 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया जा रहा है।

कल कहां हुई बारिश और कहां पड़ी गरज के साथ बौछारें?
कल, आठ दिसंबर को 8:30 से 5:30 के दौरान असम और मेघालय के कई इलाकों, अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, ओडिशा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में बादल बरसे या गरज के साथ गरज के साथ बौछारें पड़ी।

कहां रहा न्यूनतम तापमान सामान्य से कम?
कल, देश के मैदानी इलाकों, चुरू (पश्चिमी राजस्थान) में न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

कहां रहा अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक?
कल, तिरुवनंतपुरम (केरल) में अधिकतम तापमान 35.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

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