

मानसून की रफ्तार तेज, केरल-माहे में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, उत्तर भारत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी।
दिल्ली-एनसीआर में तेज हवाओं और हल्की बारिश के आसार, तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत।
12 राज्यों में भारी बारिश का येलो अलर्ट, 4 से 6 जून के बीच तापमान 2 से 4 डिग्री तक घटने की संभावना, फिर बढ़ेगी तपिश।
राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में धूल भरी आंधी का खतरा, हवाओं की गति 60 किमी प्रति घंटा तक।
पूर्वोत्तर राज्यों और ओडिशा में गर्म व उमस भरे मौसम का अलर्ट, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह।
देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ली है। मौसम विभाग के द्वारा आज, चार जून, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न राज्यों में बने ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से उत्तर भारत समेत देश के अनेक राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में इसके नए क्षेत्रों में प्रवेश करने की संभावना है।
मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है। राजधानी दिल्ली में आज आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। कई इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि गरज के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। विभाग का कहना है कि मौसम में आए इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
दिल्ली में आज अधिकतम तापमान के 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। बादलों की मौजूदगी और हल्की बारिश के कारण तापमान सामान्य से कुछ कम रह सकता है।
तेज हवाओं और धूल भरी आंधी की आशंका
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं। हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। कुछ जगहों पर इसके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी भी आ सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए। खुली जगहों पर खड़े रहने, पेड़ों के नीचे शरण लेने और अनावश्यक यात्रा करने से बचना चाहिए।
केरल-माहे में ऑरेंज अलर्ट, 12 राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग ने केरल और माहे में अलग-अलग इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां 115.6 से 204.4 मिमी तक बादल बरस सकते हैं।
वहीं आज, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह, अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, कर्नाटक, कोंकण-गोवा, लक्षद्वीप, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और उत्तराखंड में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इन सभी राज्यों में 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। विभाग ने बारिश के लिए यहां येलो अलर्ट जारी किया है। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
इन राज्यों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा
आज, पूर्वी राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मध्य प्रदेश तथा उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में गरज के साथ ओलावृष्टि होने की आशंका व्यक्त की गई है। वहीं कई राज्यों में बिजली चमकने और आंधी-तूफान के आसार बने हुए हैं।
दक्षिण-पश्चिम मानसून की बढ़ रही रफ्तार
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। आज चार जून, 2026 को मानसून के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व अरब सागर के कुछ और हिस्सों, लक्षद्वीप द्वीप समूह, केरल और तमिलनाडु के कुछ इलाकों में आगे बढ़ने की संभावना है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम, पश्चिम-मध्य, पूर्व-मध्य और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में भी मानसून के विस्तार की उम्मीद है। दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के शेष हिस्सों में भी मानसून पहुंच सकता है।
मानसून की यह प्रगति किसानों और आम लोगों के लिए राहत भरी खबर है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत और तटीय क्षेत्रों में वर्षा गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है। कृषि कार्यों के लिए आवश्यक नमी उपलब्ध होगी और खरीफ फसलों की बुवाई की तैयारियों को गति मिलेगी।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अपने पूर्वानुमान में कहा है कि उत्तर-पश्चिम भारत में चार से छह जून के बीच अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। इसके बाद सात से नौ जून के दौरान तापमान में फिर से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने के आसार हैं।
पूर्वी भारत में पांच जून तक तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो सकती है, जबकि महाराष्ट्र और गुजरात में अगले कुछ दिनों तक तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है।
वहीं, तीन जून 2026 को देश के मैदानी इलाकों में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.0 डिग्री सेल्सियस महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में दर्ज किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान 18.0 डिग्री सेल्सियस असम के हाफलोंग में रिकॉर्ड किया गया।
पूर्वोत्तर और ओडिशा में उमस भरे मौसम का अलर्ट
मौसम विभाग ने नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्म और उमस भरे मौसम की चेतावनी जारी की है। इन इलाकों में तापमान के साथ हवा में नमी की मात्रा अधिक रहने के कारण लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। उमस के कारण शरीर से निकलने वाला पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे गर्मी का प्रभाव और अधिक महसूस होता है।
मौसम विभाग ने लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने और हल्के व सूती कपड़े पहनने की सलाह दी है। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों और खेतों में काम करने वाले मजदूरों को भी दोपहर के समय अत्यधिक परिश्रम से बचने तथा समय-समय पर आराम करने की सलाह दी गई है।
किसानों और लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे तैयार फसलों की कटाई और सुरक्षित भंडारण का कार्य जल्द पूरा करें। भारी बारिश और तेज हवाओं वाले क्षेत्रों में खेतों से पानी निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए। ओलावृष्टि की आशंका वाले इलाकों में बागवानी फसलों की विशेष सुरक्षा करने की आवश्यकता है।
सामान्य लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान सावधानी बरतने से जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
देश के कई हिस्सों में बदलता मौसम जहां गर्मी से राहत लेकर आया है, वहीं खराब मौसम की संभावित घटनाओं को देखते हुए सतर्कता और सावधानी बेहद जरूरी है।