पश्चिमी विक्षोभ से मौसम में बड़ा बदलाव: उत्तर से दक्षिण तक आंधी, ओले और भारी बारिश के आसार

अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी के कई अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है।
आज, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है।
आज, पूर्वी राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है।
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सारांश
  • पश्चिमी विक्षोभ व चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से देश के कई राज्यों में बारिश, आंधी, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ेंगी।

  • आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी बारिश होने की संभावना।

  • राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि और तेज तूफानी हवाओं का अनुमान।

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह।

  • मानसून के अगले चार से पांच दिनों में केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप समेत कई क्षेत्रों में आगे बढ़ने के आसार।

देश के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के कारण आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में बारिश, आंधी-तूफान, गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां बढ़ने के आसार हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, यानी 31 मई, 2026 को जारी पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में मौसम सक्रिय रहेगा। कुछ राज्यों में भारी बारिश व ओलावृष्टि भी हो सकती है।

कई राज्यों में भारी बारिश का अनुमान

मौसम विभाग ने आज, 31 मई, 2026 को आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, ओडिशा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और पश्चिम मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश होने की आशंका जताई है। यहां बादलों के 64.5 से 115.5 मिमी तक बरसने के आसार हैं। विभाग ने यहां बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी गई है।

आंधी, बिजली और ओलावृष्टि का खतरा

पूर्वी राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और विदर्भ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि होने का अंदेशा जताया गया है। इसके अलावा कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ तूफान आने का भी अनुमान है। राजस्थान में कुछ हिस्सों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं मध्य प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और आंध्र प्रदेश में भी तेज हवाओं के साथ तूफानी मौसम बना रह सकता है।

दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु समेत कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों से खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की है।

राजस्थान में धूल भरी आंधी की चेतावनी

राजस्थान के कुछ हिस्सों में धूल भरी आंधी चल सकती है। इससे दृश्यता कम होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

समुद्र में खराब मौसम, मछुआरों को चेतावनी

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में मौसम खराब रहने का अनुमान है। कई समुद्री इलाकों में तेज हवाएं चल सकती हैं और समुद्र में ऊंची लहरें उठ सकती हैं। गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों के पास समुद्र उग्र रह सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है।

मानसून की प्रगति के लिए अनुकूल परिस्थितियां

मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। अगले चार से पांच दिनों के दौरान मानसून केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और अरब सागर तथा बंगाल की खाड़ी के कई अन्य हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। इससे दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियों में और वृद्धि होने की संभावना है।

तापमान में बदलाव जारी

उत्तर-पश्चिम भारत में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। पूर्वी भारत में भी तापमान में हल्की वृद्धि का अनुमान है। दूसरी ओर मध्य भारत और गुजरात के कुछ हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। महाराष्ट्र में भी अगले कुछ दिनों में तापमान में कमी आने की संभावना जताई गई है।

30 मई को देश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान महाराष्ट्र के चंद्रपुर में 44.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं मैदानी क्षेत्रों में सबसे कम न्यूनतम तापमान उत्तराखंड के देहरादून-मोकमपुर में 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

किसानों के लिए सलाह

मौसम की इस सक्रिय स्थिति को देखते हुए किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। जिन क्षेत्रों में भारी बारिश की आशंका है, वहां खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करनी चाहिए ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। पक चुकी फसलों की कटाई जल्द पूरी कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करना लाभदायक रहेगा।

ओलावृष्टि और तेज हवाओं के आसार वाले इलाकों में फल, सब्जी और बागवानी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने चाहिए। किसानों को गरज-चमक और बिजली के दौरान खेतों में काम करने से बचना चाहिए। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने लोगों से मौसम संबंधी ताजा जानकारी पर नजर बनाए रखने की अपील की है। भारी बारिश, तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान सावधानी बरतकर जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आने वाले दिनों में देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम सक्रिय बना रहने की संभावना है।

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