

असम और मेघालय में अत्यधिक भारी बारिश का रेड अलर्ट, कुछ हिस्सों में 204.5 मिमी से अधिक वर्षा संभव।
राजस्थान में धूल भरी आंधी और 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवाओं की चेतावनी जारी।
महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ हिस्सों में जल्द आगे बढ़ सकता है मानसून।
विदर्भ में भीषण लू का खतरा बरकरार, छत्तीसगढ़, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना में लू की आशंका।
पिछले 24 घंटों में चेरापूंजी में 130 मिमी और अगरतला में 100 मिमी बारिश दर्ज की गई।
देश में दक्षिण-पश्चिम माॅनसून की गतिविधियां धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। मौसम विभाग के द्वारा आज सुबह, 22 जून, 2026 को जारी ताजा अपडेट के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से आने वाले दिनों में देश के विभिन्न राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और कुछ हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। माॅनसून की प्रगति धीमी जरूर है, लेकिन कई इलाकों में इसकी गतिविधियां लगातार जारी हैं।
पूर्वोत्तर भारत में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट
आज, 22 जून, 2026 को असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। विभाग ने इन राज्यों के अधिकतर इलाकों में ऑरेंज तथा कुछ हिस्सों रेड अलर्ट जारी किया है। राज्यों के कुछ हिस्सों में 204.5 से अधिक बरस सकते हैं बादल।
वहीं आज, अरुणाचल प्रदेश तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। इन सभी राज्यों में 115.6 से 204.4 मिमी तक पानी बरस सकता है। विभाग ने यहां बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और पहाड़ी हिस्सों में भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की सलाह का पालन करने को कहा गया है।
कई राज्यों में भारी बारिश के आसार
आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल, कोंकण और गोवा, लक्षद्वीप, ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना तथा पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में भारी बारिश होने का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में बारिश के लिए येलो अलर्ट जारी है। यहां 64.5 से 115.5 मिमी तक बारिश हो सकती है। इन इलाकों में किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी गई है ताकि फसलों को नुकसान न पहुंचे। जिन फसलों की कटाई तैयार है, उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखने की जरूरत है।
राजस्थान में धूल भरी आंधी और तूफानी हवाओं का खतरा
राजस्थान के कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चलने की भी आशंका जताई गई है। ऐसे में लोगों को घरों के अंदर रहने और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में गरज-चमक के साथ आंधी
बिहार, झारखंड और ओडिशा में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु सहित कई राज्यों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों को बिजली गिरने के दौरान खुले स्थानों में न रहने की सलाह दी है।
माॅनसून के 23 जून के आसपास कई राज्यों में आगे बढ़ने की अनुकूल परिस्थितियां
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम माॅनसून की प्रगति धीरे-धीरे जारी है। वर्तमान मौसमीय परिस्थितियां 23 जून 2026 के आसपास माॅनसून के और आगे बढ़ने के लिए अनुकूल बनी हुई हैं। इसके असर से महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कुछ और हिस्सों में माॅनसून पहुंच सकता है। साथ ही छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है।
माॅनसून के आगे बढ़ने से इन राज्यों में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को खरीफ फसलों की बुआई में मदद मिलेगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर भारी बारिश की आशंका को देखते हुए लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि वह माॅनसून की प्रगति पर लगातार नजर बनाए हुए है और अगले कुछ दिनों में इसके और सक्रिय होने की संभावना जताई गई है।
बांदा रहा सबसे गर्म, सीकर में दर्ज हुआ सबसे कम न्यूनतम तापमान
देश के मैदानी इलाकों में 21 जून 2026 को उत्तर प्रदेश का बांदा सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तेज गर्मी के कारण लोगों को दिन के समय काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वहीं, देश के मैदानी हिस्सों में सबसे कम न्यूनतम तापमान राजस्थान के पूर्वी हिस्से में स्थित सीकर में दर्ज किया गया। यहां रात का तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जिससे सुबह और देर रात के समय अपेक्षाकृत सुहावना मौसम बना रहा।
मौसम विभाग के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। जहां कुछ क्षेत्रों में माॅनसून और बारिश की गतिविधियों के कारण तापमान में कमी आई है, वहीं कई इलाकों में अभी भी गर्मी और लू का असर बना हुआ है।
कई राज्यों में लू और उमस का अलर्ट, विदर्भ में भीषण गर्मी की चेतावनी
देश के कुछ हिस्सों में बारिश व आंधी की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में लू चलने का अंदेशा जताया है। इन राज्यों में लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है।
विदर्भ में स्थिति अधिक गंभीर बनी हुई है। यहां कुछ हिस्सों में भीषण लू चलने की आशंका है। लगातार उच्च तापमान के कारण जनजीवन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग ने बुजुर्गों, बच्चों और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।
वहीं, उत्तर आंतरिक कर्नाटक और ओडिशा के कुछ इलाकों में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। अधिक नमी और ऊंचे तापमान के कारण लोगों को असहजता महसूस हो सकती है। ऐसे मौसम में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा बढ़ जाता है।
इसके अलावा विदर्भ में गर्म रातों की स्थिति भी बनी रहने के आसार हैं। रात के समय तापमान सामान्य से अधिक रहने के कारण लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल पाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्के कपड़े पहनने और अत्यधिक गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।
किसानों के लिए विशेष सलाह
मौसम विभाग का कहना है कि भारी बारिश वाले राज्यों में किसान खेतों में जल निकासी की व्यवस्था मजबूत रखें। बारिश के दौरान उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव करने से बचें। पशुपालकों को अपने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने और साफ पेयजल उपलब्ध कराने की सलाह दी गई है। वहीं जिन राज्यों में लू की स्थिति बनी हुई है, वहां किसानों को फसलों की सिंचाई सुबह या शाम के समय करने की सलाह दी गई है।
कई राज्यों में हुई अच्छी बारिश
पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मेघालय के चेरापूंजी में 130 मिमी, त्रिपुरा के अगरतला में 100 मिमी और केरल के कोच्चि में 60 मिमी बारिश हुई। पश्चिम बंगाल के कोलकाता और आसपास के इलाकों में भी अच्छी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश के पासीघाट और महाराष्ट्र के रत्नागिरी में भी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने लोगों और किसानों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखें और मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय बने रहने की संभावना है।